पाँचवें दीक्षांत समारोह’ में सम्मलित हुये राज्यपाल…

पाँचवें दीक्षांत समारोह’ में सम्मलित हुये राज्यपाल…

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उपाधि और मेडल पानेवाले विद्यार्थियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे मौलाना मजहरूल साहब के सपनों को साकार करें. फोटो:-पीआरडी, पटना.

महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति फागू चौहान ने पटना स्थित एम०एम०एच० ऑडिटोरियम में मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, पटना के ‘पाँचवें दीक्षांत समारोह’ को अध्यक्षीय पद से संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘मौलाना मजहरूल हक विश्वविद्यालय के मूल उद्देश्य को सामने रख कर आप आगे बढ़ें, शिक्षा में गुणवत्ता लायें और राष्ट्र और समाज की सेवा को अपना परम धर्म बनाएँ, तभी हम सर्वतोन्मुखी प्रगति कर सकेंगे और हमारा मुल्क तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ सकेगा.’’

राज्यपाल चौहान ने कहा कि महान स्वतंत्राता-सेनानी और शिक्षाविद् ‘देशभूषण’ मौलाना मजहरूल हक के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय का ‘पाँचवाँ दीक्षांत समारोह’ रविवार को मौलाना साहब के जन्मदिन के मौके पर आयोजित किया गया है. यह एक अत्यन्त सार्थक और प्रशंसनीय निर्णय है.

राज्यपाल ने मौलाना मजहरूल हक साहब को अपना नमन निवेदित करते हुए कहा कि देशभक्ति और राष्ट्र-सेवा की जो भावना मौलाना मजहरूल हक और उनके साथियों में थी, उससे नई पीढ़ी को अवगत कराना हम सबकी जिम्मेदारी है, ताकि वह भी अपने बुजुर्गां के बताये रास्ते पर चलकर मुल्क व कौम की खिदमत कर सके.

राज्यपाल ने कहा कि मौलाना मजहरूल हक आजीवन सामाजिक सद्भावना और कौमी एकजेहती के लिए प्रयासरत रहे. उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को उद्धत करते हुए कहा कि ‘‘मजहरूल हक एक निष्ठावान देशभक्त, अच्छे मुसलमान और दार्शनिक थे. वह अपनी कथनी और करनी में निडर और बेबाक थे.’’

राज्यपाल चौहान ने कहा कि मौलाना साहब हिन्दू-मुस्लिम एकता के बहुत बड़े हिमायती थे. मौलाना हक साहब ने साफ-साफ लिखा था कि-‘‘हम हिन्दू मुस्लिम दोनों एक ही नाव में सवार हैं- पार उतरेंगे तो दोनों, डूबेंगे तो दोनों.’’

राज्यपाल ने कहा कि आज इस ‘पंचम दीक्षांत समारोह’ में विभिन्न पाठ्यक्रमों में उर्त्तीण प्रतिभावान छात्रा-छात्राओं का यह समूह जो हमारे सामने है, भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और रवायत का अद्भुत दृश्य और बेमिसाल मंजर पेश कर रहा है. आज उपाधि और मेडल पानेवाले विद्यार्थियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे मौलाना मजहरूल साहब के सपनों को साकार करें. उन्होंने कहा कि 2019 में सफलता-प्राप्त लगभग पंद्रह हजार विद्यार्थियों, जिनमें 13 ‘स्वर्ण-पदक प्राप्त’ करने वाले विद्यार्थी हैं, को विश्वविद्यालय द्वारा डिग्री देना सौभाग्यपूर्ण एवं सराहनीय है, इससे हमारी नई पीढ़ी गौरवान्वित होगी.

राज्य के शिक्षा मंत्री कृष्ण नन्दन प्रसाद वर्मा ने कहा कि बिहार सरकार मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के विकास हेतु पूर्ण प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय का भव्य भवन शीघ्र बनकर तैयार हो जायेगा. शिक्षा मंत्री ने कहा कि मदरसा शिक्षा का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिलों में विशेष वाहन भेजकर पाठ्यक्रम में निर्धारित उर्दू-किताबों की बिक्री सुनिश्चित करायी जाएगी. इसके लिए नई योजना कार्यान्वित हो रही है. शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालयों में नियमित रूप से दीक्षांत-समारोहों के आयोजन होने को लेकर महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति के प्रति आभार व्यक्त किया.

कार्यक्रम में मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० खालिद मिर्जा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां का उल्लेख किया और भावी विकास-योजनाओं की जानकारी दी.

समारोह में राज्यपाल सह कुलाधिपति तथा शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों के बीच उपलब्धियों का वितरण किया. राज्यपाल ने समारोह में ‘स्मारिका’ को भी लोकार्पित किया. धन्यवाद-ज्ञापन प्रतिकुलपति प्रो० सैय्यद मोहम्मद रफीक आजम ने किया. समारोह में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा भी उपस्थित थे. दीक्षांत-समारोह का संचालन कुलसचिव कर्नल कामेश कुमार ने किया.