नववर्ष में हिंदुस्तान को न्यू कोरोना स्ट्रेन से बचाएंगे केवल भगवान :-...

नववर्ष में हिंदुस्तान को न्यू कोरोना स्ट्रेन से बचाएंगे केवल भगवान :- प्रो. पासवान

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हमें नई ज्योति, नई चेतना, नई उमंग और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का नव संकल्प लेना चाहिए. छायाचित्र:- प्रभाकर मिश्रा

नगर परिषद जमुई के बुद्धिजीवियों द्वारा वर्ष 2020 की विदाई और नव वर्ष 2021 के स्वागत कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश मंडल ने की. ज्ञात है कि एक जनवरी को प्रतिवर्ष पूरी दुनिया में नववर्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है तथा पूर्व संध्या पर पुराने वर्ष को विदा किया जाता है. इस अवसर पर केकेएम कॉलेज के प्रो. डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि नव वर्ष इस बात को याद दिलाता है कि विश्व इतिहास का एक और साल व्यतीत हो गया. यह ऐसा अवसर होता है, जिसकी राह लोग साल भर देखते हैं, तथा उसकी याद प्रतिपल रखते हैं.

प्रो.पासवान ने कहा कि नव वर्ष में केवल भगवान ही हिंदुस्तान को न्यू करोना स्ट्रेन से बचा सकते हैं. क्योंकि  ब्रिटेन का खतरनाक यह नया कोरोना स्ट्रेन भारत पहुंच चुका है,  जो पुराने कोरोनावायरस से 70% अधिक खतरनाक है. कोरोनावर्ष (2020) तुम्हें अलविदा है. चुकी तूने (कोरोना) और लॉकडाउन ने हिंदुस्तान सहित संसार तथा इंसान को बदल दिया. अतः अपेक्षा है कि नया साल विकट समस्याओं से अवश्य निपटेगा  देश दुनिया में सुख शांति आएगी.

प्रो.पासवान ने कहा कि नया साल मानवता के विकास में एक सीढ़ी का काम करता है. यह एक नए पृष्ठ को जोड़ने की तैयारी लेकर आता है. उन्होंने कहा कि न्यू ईयर अपने भीतर झांकने का फल है. यह आत्मानुसंधान का क्षण है. हमें नई ज्योति, नई चेतना, नई उमंग और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का नव संकल्प लेना चाहिए. इतना ही नहीं हमने विगत वर्ष में जो गलतियां और भूल-चुक की है, उनसे शिक्षा ग्रहण कर उन्हें दोबारा ना करने का संकल्प भी लेना चाहिए.

वरिष्ठ शिक्षक दिनेश मंडल ने कहा कि नया साल सुख-शांति और उम्मीदों का साल होगा. नव वर्ष 2021 में हर व्यक्ति को आशा का ईश्वर सारी खुशियों से भर देगा. आत्मशक्ति के द्वारा सभी के भीतर विश्वास उम्मीद एवं उत्साह का अति प्रवाह होगा. हमें ऐसा विश्वास है. भारत के साथ पूरी दुनिया के लिए मनहूस और चुनौतीपूर्ण साल 2020 शांतिपूर्ण विदा हो, यही कामना है.

राज्य संसाधन पुरुष सकलदीप पासवान ने कहा कि वर्ष 2020 कोरोना महामारी के लिए सदा याद किया जाता रहेगा. हम भगवान से कामना करते हैं कि नया साल देश और देशवासियों के लिए शुभ और उम्मीदों का वर्ष हो. हर नागरिक नई आशा, संकल्प और  इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें तथा ऊंचाई की ओर अग्रसर हो.

वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि नव वर्ष नव उमंग का पर्व है. हम यह कामना करते हैं कि नया साल हमारे संकटों का अंत करके जीवन में सुख- शांति और सद्भावना का संचार करें. पुराना वर्ष 2020 तो कोरोनावायरस का साल रहा है, जो देश दुनिया के लिए बहुत ही कष्ट कारक रहा.

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभात कुमार भगत ने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में नव वर्ष का शुभारंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से माना जाता है. शुक्ल पक्षी  के सूर्योदय प्रतिपदा तिथि के सूर्योदय से ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण शुरू किया था. उन्होंने कहा कि न्यू ईयर विदेशी संस्कृति का प्रतीक है, जबकि नव संवत्सर भारतीय संस्कृति का परिचायक.

केकेएम कॉलेज के कार्यालय सहायक रवीश कुमार सिंह ने कहा कि नव वर्ष नए सिरे से विचार करने का अवसर है. हमें यह विचार करना चाहिए कि गुजरे साल में हमारी कितनी योजनाएं सफल हुई  और कितनी विफल. इस दिन हमें दुर्गुणों को परित्याग कर सद्गुणों को अपनाने का संकल्प लेने और सुख शांति एवं समृद्धि की कामनाएं करनी चाहिए.

अधिवक्ता रामचंद्र रवि ने कहा कि नव वर्ष संकल्प का दिवस है. इस दिन हर व्यक्ति हृदय से संकल्प लें कि अधिक से अधिक परिश्रम करेंगे. नव वर्ष पर हमें कुछ कार्य करने के बजाए कुछ विशेष कार्यों को नहीं करने का भी संकल्प लेना चाहिए.

प्रो. सरदार राम, प्रो डॉ. देवेंद्र कुमार गोयल, शिक्षक मंटू , श्याम जी ,उत्तम कुमार भारती रामचरित्र रवि तथा अतुल कुमार, आशीष कुमार* आदि कई छात्रों ने वर्ष 2020 को खुशी- खुशी विदा होने की भगवान से कामना की तथा साथ ही साथ यह भी प्रार्थना की कि नव वर्ष 2021 छात्रों, शिक्षकों ,व्यवसायियों आदि के साथ देश- दुनिया के लिए शुभ हो तथा सभी व्यक्ति नई सोच, चिंतन और उम्मीदों के साथ कार्य करें और आगे बढ़े.

प्रभाकर मिश्रा (जमुई).