दही-चूड़ा भोज में सम्मिलित हुये मुख्यमंत्री…

दही-चूड़ा भोज में सम्मिलित हुये मुख्यमंत्री…

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मकर संक्रांति के दिन से सूर्य की स्थिति दक्षिणायन से उत्तरायन की ओर हो जातें है. फोटो:-पीआरडी, पटना.

बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास और भाजपा के विधान पार्षद रजनीश कुमार के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल हुये. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर तमाम लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनायें दीं.

सबसे पहले जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के हार्डिंग रोड स्थित आवास पर आयोजित दही-चूड़ा के भोज में मुख्यमंत्री सम्मिलित हुए, जहाँ जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया. दही-चूड़ा के भोज में मुख्यमंत्री सहित उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय झा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री  जयकुमार सिंह, सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री नीरज कुमार, विधान पार्षद रणवीर नंदन, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गॉधी जी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य व्यक्ति, बड़ी संख्या में राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा आमजन भी उपस्थित थे.

विधान पार्षद रजनीश कुमार के जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास पर भी आयोजित दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री सम्मिलित हुये. विधान पार्षद रजनीश कुमार ने बुके भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया. इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कार्यकर्ता एवं आमलोग मौजूद थे.

जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के हार्डिंग रोड स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मकर संक्रांति के अवसर पर मैं अपनी शुभकामनायें देता हूँ. विशेषकर इस आयोजन के लिये वशिष्ठ भाई को धन्यवाद एवं बधाई देता हूँ. जब वे पहली बार सांसद बने थे, तभी से ही मकर संक्रांति के दिन अपने आवास पर लोगों को दही-चूड़ा भोज के लिये आमंत्रित करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज के दिन का लोग बहुत महत्व मानते हैं. सूर्य के चारों ओर पृथ्वी चक्कर काटती है. आज से सूर्य की स्थिति दक्षिणायन से उत्तरायन की ओर हो जातें है. इस दिन को लोग बहुत पवित्र मानते हैं क्योंकि आज से खरमास खत्म हो जाता है. इस पर्व का भी लोगों में बड़ा महत्व है. उन्होंने कहा कि आज के दिन लोग एक दूसरे के प्रति आपस में प्रेम और सद्भाव का माहौल रखते हैं. मुझे खुशी है कि आज यहॉ सभी तबके के लोग जिसमें राजनीतिक विचारधारा के, सामाजिक कार्यकर्ता, एन0डी0ए0 के साथीगण के साथ-साथ अन्य लोग एवं पत्रकारगण भी इस आयोजन में शामिल हुये हैं. यहॉ उपस्थित सभी लोगों का मैं अभिनंदन करता हूँ.

पत्रकारों द्वारा लोगों को सरकार की तरफ से उपलब्ध कराये जा रहे आवास के संबंध में पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत छूट गया था, उनका नाम फिर से भेजा गया और केन्द्र सरकार उस पर काम कर रही है. जिन लोगों का नाम छूट गया है, उनको आवास मिलना चाहिये था. केन्द्र सरकार की तरफ से उन्हें सुविधायें मिलेगी लेकिन इसमें ज्यादा देर न हो, इसके लिये हमलोगों ने विचार कर उन लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास उपलब्ध कराने के लिये काम शुरू किया है. मुजफ्फरपुर की स्थिति आप सब जानते हैं, ए0ई0एस0 से लोग प्रभावित हुये थे. हमलोगों ने वहाँ सोषियो इकोनॉमी सर्वे कराया था, जिसके आधार पर तय किया कि उस इलाके में हर परिवार को खासकर कांटी क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देंगे. इसके अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में जिन परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छूट गया है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दही-चूड़ा के भोज में सद्भावना का माहौल बना है. आपस में प्रेम, भाईचारे का माहौल है.

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान को लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं. जल और हरियाली है, तभी जीवन सुरक्षित है. जल और हरियाली में कमी आयेगी तो जीवन सुरक्षित नहीं रहेगा. जीवन की सुरक्षा पर खतरा होगा और आने वाली पीढ़ी को नुकसान होगा. इस अभियान के लिये जो कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं, उसमें 11  अवयव शामिल किये गये हैं. इसके अन्तर्गत कई प्रकार की योजनायें चलायी जा रही हैं. तीन वर्षों में इस अभियान पर 24 हजार 500 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे. हमलोगों ने इस अभियान के तहत दौरा किया है, उससे भी कई बातें सामने आयी हैं. जल और हरियाली के लिये जो और जरूरत हो, लोगों का जीवन सुरक्षित रहे, पर्यावरण में सुधार आये, इसके लिये हमलोग हरसंभव प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि आप सबसे अपील है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में 19 जनवरी 2020 को बनने वाली मानव श्रृंखला में आप सब शामिल हों. यह जल-जीवन-हरियाली अभियान पर्यावरण के प्रति लोगों को जागृत करने के लिये चलाया गया है. लोग जलवायु परिवर्तन की बात को स्वीकार करने लगे हैं और यह मानने लगे हैं कि इससे नुकसान होने वाला है. लोगों में इस बात की सजगता आ रही है और बड़ी संख्या में 19 जनवरी को मानव श्रृंखला में शामिल होंगे. आप लोग तो शामिल हो हीं और लोगों को भी इसके लिये प्रेरित करें.