दर्शन करे बालाजी का…

दर्शन करे बालाजी का…

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हिन्द की सभ्यता मे तरह-तरह के मंदिरों मौजूद और उनके प्रसाद भी भिन्न-भिन्न हैं. वहीं, उत्तर और दक्षिण भारत मे प्रसाद की भिन्नता आमतौर पर देखी जाती है. लेकिन, आप सभी को ये कहा जाय की इस तरह की भिन्नता हमारे बिहार मे भी मौजूद है तो आपको आश्चर्य होगा और आप सोचेंगे की क्या यह संभव है…

पटना से महज 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गुनरी ग्राम जिसे आजकल गुंडी के नाम से भी जाना जाता है. बताते चलें कि, मीनाक्षी मंदिर का निर्माण जिन कारीगरों ने किया था उन्ही कारीगरों ने भगवान रंगनाथ स्वामी की भी मंदिर का निर्माण किया है. दक्षिण भारत की तर्ज  पर बने इस मंदिर का स्वरूप अन्य दूसरे मंदिर के स्वरूप से अलग है. भगवान रंगनाथ स्वामी के मंदिर मे ईंटों का प्रयोग नहीं किया गया है बल्कि पथरों से बनाया गया है. मंदिर मे आने के बाद ऐसा एहसास होता है कि हम किसी दक्षिण भारत के मंदिर मे आ गए हैं.

इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1840 में किया गया था.मंदिर का निर्माण जुगलकिशोर सिंह के पूर्वजों ने कराया था. बताते चलें कि भगवान रंगनाथ स्वामी के दर्शन करने से बालाजी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है. जुगलकिशोर सिंह से बातचीत करने पर बताया कि…

संकलन :- दिलीप और भास्कर.

Video Link :-   https://youtu.be/vVzmUVZ4_Nw