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गणितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम…

गणित का नाम सुनते ही जटिल मात्रको, परिणामों के गुणनफल याद आने लगते है. लेकिन वास्तविक में गणित एक ऐसी सरल विषय है जैसे हिंदी. गणित का अर्थ होता है ऐसी विद्याओं का समूह है जो संख्याओं, मात्राओं, परिमाणों, रूपों और उनके आपसी रिश्तों, गुण, स्वभाव के अध्ययन को ही गणित कहते हैं. वर्तमान समय में बिहार मैथेमेटिकल सोसायटी के संजोजक व संयुक्त सचिव डॉ० विजय कुमार बच्चो व शिक्षकों को गणित में अभिरुचि जगाने हेतु कई तरह के प्रोग्राम आयोजित कर रहें हैं. बच्चों व शिक्षकों को गणित में अभिरुचि बढ़ाने हेतु हर साल बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी के तत्वावधान में टैलेंट सर्च टेस्ट इन मैथमेटिकल ओलंपियाड एवं टैलेंट नरचर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूल व कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे व शिक्षकों भाग लेते हैं.

संयुक्त सचिव डॉ० कुमार ने बताया कि, हर शनिवार और रविवार को आनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है. उन्होंने बताया कि, टैलेंट सर्च टेस्ट इन मैथमेटिकल ओलंपियाड एवं टैलेंट नरचर कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन लिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के लिए बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी की ऑफिसियल वेबसाईट www.bmsbihar.org से डाउनलोड कर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय या डॉ० अमित मिश्रा, मो०न०-91220 94384 के पास भी जमा कर सकते हैं. डॉ० कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में कक्षा 06-12 एवं स्नातक तथा स्नातकोत्तर के साथ-साथ यूपीएससी, आईआईनेट की तैयारी करने वाले विद्यार्थी भाग ले सकते हैं.

रविवार 26 सितम्बर 2021 को बक्सर में गणितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो०(डॉ०) के० सी० सिन्हा, कुलपति नालंदा खुला विश्वविद्यालय सह वीर  कुंवर सिंह विश्वविद्यालय भोजपुर ने कहा कि अगर बच्चों की कामनिकेटिव स्किल डिवेलप किया जाए एवं उत्साह बढ़ाया जाए तो बच्चे एवं शिक्षक काफी आगे बढ़ सकते हैं. मुख्य वक्ता डॉ० आर० के० सिंह एवं डॉ० एस० के० तिवारी गणित विभाग आईआईटी पटना फलन एवं ज्यामिति के संदर्भ में विशेष रूप से चर्चा की और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला.

इस कार्यक्रम के सम्मानित अतिथि अमन समीर, जिला पदाधिकारी बक्सर ने कहा कि विश्वामित्र अभियान के संदर्भ में महत्वपूर्ण योजनाओं इसमें शिक्षा के उत्थान के लिए पुस्तक दान, बोधी केंद्र, प्रवोधन, संवाद एवं ई-गुरू पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से गांव में जाकर गरीब बच्चों को शिक्षित करना, पुस्तक दान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र को पढ़ने के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराना साथ ही जिला ,प्रखंड पंचायत एवं विद्यालय स्तर पर करीब 25000 पुस्तके दान किए गए हैं. उन्होंने कहा कि, बोधी केंद्र के माध्यम से प्रतियोगिता परीक्षा के लिए छात्रों को तैयार करना एवं संवाद के माध्यम से समाज के प्रबुद्ध वर्ग को जोड़ना और उसे संवाद करना है. इसके लिए यूथ क्लब का भी निर्माण किया गया है. वहीँ, अमर भूषण, जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर ने अतिथियों को संबोधन करते हुए कहा कि जागरूकता अभियान चलाकर शिक्षा प्रेमी, समाज सेवक, अभिभावक प्रशासनिक पदाधिकारी को जोड़कर समाज के पिछड़े एवं अभी वंचित वर्गों को विद्यालय के मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगासाथ ही विश्वामित्र अभियान महत्वपूर्ण कार्यों को भी संपादित करेगी.

प्रमोद कुमार चौबे एवं अनीता यादव ने शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास एवं बक्सर में विश्वमित्र योजना के माध्यम से बच्चों एवं शिक्षकों में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष अभियान चलाने के संदर्भ में अपनी बातों को रखा. डॉ० अमित मिश्रा ने इस कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया.

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