कोरोना योद्धा…

कोरोना योद्धा…

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दसों प्रखंड में सिलसिलेवार तरीके से कोरोना सैंपल लेकर मौजूद लोगों को कोरोना से बचने के लिए जागरूक भी किया.छायाचित्र:- प्रभाकर मिश्रा

कोरोना काल में कोरोना योद्धाओं की भूमिका में उनके परिवार व जीवनसाथी का अहम योगदान रहा है. चाहे वह स्वास्थ्य कर्मी हो, पुलिसकर्मी हों, स्वयं सेवी संगठन हों या पत्रकार. आम दिनों में उनका रूटीन भले ही ऐसा हो जिनमें वह कम समय के लिए साथ रहते हों, लेकिन कोरोना के लॉकडाउन में कुछ ऐसे हैं जो बिछड़ ही गए थे. इस काल में कुछ ऐसे भी लोग थे जो ड्यूटी करने के बाद अलग दरवाजों से घरों में दाखिल होते थे. ऐसे ही कोरोना योद्धाओं में एक नाम है जमुई जिले के सदर अस्पताल में कार्यरत वरिष्ठ तकनीशियन नवोदित मृणाल.

मृणाल वर्ष 2005 से सदर अस्पताल जमुई में सेवारत हैं. बताते चलें कि मृणाल ने ही प्रथम कोरोना सैंपलिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया था. वरिष्ठ तकनीशियन नवोदित मृणाल कहते हैं कि जब कोरोना से आए दिन लोग संक्रमित हो रहे थे और  मौतें हो रही थी वैसे वक्त में मैंने अपने तकनीकी प्रशिक्षण पर पूर्ण भरोसा रखा और कोरोना सैंपलिंग की जिम्मेवारी ली. कोरोना सैंपलिंग को बखूबी निभाने का कार्य किया. ये जानते हुए भी कि अपने सगे-संबंधियों से दूरी बन जाना है लेकिन स्वयं एवं टीम के साथ रहते हुए करीब 2500 सैंपल को पूरी निष्ठा से पूरा किया. इसके लिए वह जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष, सचिव, स्वास्थ्य प्रबंधक, तत्कालीन जिला कोविड नोडल पदाधिकारी डॉ विमल कुमार चौधरी का आभार प्रकट करते हैं जिन्होंने उन पर विश्वास जताया.

मृणाल बताते हैं कि जब समस्त टीम कोरोना सैंपलिंग के लिए निर्धारित क्षेत्र में निकलती थी तो स्वयं और साथियों को सरकार के गाइडलाइन के अनुसार पीपीई किट एवं सुरक्षा उपकारणों से लैस कर लेते थे. इसका परिणाम यह रहा कि मृणाल संक्रमित होने से बचे रहे.

तत्कालीन जिला कोविड नोडल एवं प्रतिरक्षण पदाधिकारी कहते हैं कि नवोदित मृणाल ने बढ़-चढ़कर सैंपल लेने संबंधित प्रशिक्षण को प्राप्त किया और हमेशा उसका अनुपालन किया. ये बेहद ही अनुशासित और समय पाबंद स्वास्थ्य कर्मी हैं जिन्होंने एक योद्धा की तरह महामारी में अपने कार्य को संपादित किया. इनके द्वारा जिले के दसों प्रखंड में सिलसिलेवार तरीके से कोरोना सैंपल लेकर मौजूद लोगों को कोरोना से बचने के लिए जागरूक भी किया.

कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन:-

  • एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें.
  • सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें.
  • अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं.
  • आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें.
  • छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें.

प्रभाकर मिश्रा (जमुई).