कहर-01…

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मुसीबत की घड़ी. फाईल फोटो .

ऐसा बायोलोजिकल बम इस विश्व पर गिरा कि सम्पूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई. इस बायोलोजिकल बम से कोई बचा तो सिर्फ चीन. मेरी समझ के अनुसार, C= चीन, कैश, कंपनी और कोरोना. आखिर ये सभी एक दुसरे के पूरक हैं.

आज पूरी दुनिया एक गाँव है ऐसा हम सभी जानते हैं. उन्ही गाँव में एक गाँव चीन भी है… पकिस्तान भी है. कोरोना का कहर इस कदर व्यापक है कि विगत कुछ दिनों पूर्व तक कई मुद्दों से ज्वलंत हुआ संसार आज गौण हैं. विगत कुछ महीने पूर्व समाचार पत्रों व टेलीविजन पर “वन वेल्ट वन रोड परियोजना” का जिक्र आये दिन होता रहता था. ज्ञात है कि, चीन की बहुचर्चित “वन वेल्ट वन रोड परियोजना” अंतर्गत एशिया, अफ्रीका और यूरोप को सड़को और रेलमार्गों से जोड़ना. इस परियोजना अंतर्गत चीन पकिस्तान के मधुर संबंध, दिखावे के हैं ज्ञात है कि, चीन एक ऐसा देश है जो अपनी जनता पर क्रूरता के साथ पेश आता है वो पकिस्तान का कितना होगा. इस कोरोना वायरस के कारण पूरा विश्व तबाह और बर्बादी के कगार पर खड़ा है. इस महामारी से निपटने के लिये ना तो कोई टीका और ना दवाई ही बना है … सभी देश इस महामारी से बचाव के लिये दवा और टीका बनाने के लिये रिसर्च कर रहें है. सभी देश परेशान है तो पकिस्तान ऐसे देश का हाल कैसा होगा यह सोचकर ही मन भयभीत हो जाता है.

बुहान शहर में चीन की अपनी तथा कई देशों की कई उधोग धंधे चल रहे थे या यूँ कहें कि अभी भी चल रहे हैं. चीन का एक और बहुचर्चित मुद्दा दक्षिन सागर पर कब्जा करना. बताते चलें कि, चीन एक तरफ दक्षिन सागर में कृत्रिम द्वीप बना रहा है तो दूसरी तरफ वन वेल्ट वन रोड परियोजना. हमारी जहाँ तक समझ है उस समझ के अनुसार, चीन अपनी गंदी सोच और कुटिल राजनीति कर दुनिया के देशों का रुपया दिनदहाड़े चोरी कर रहा है.

हमारी समझ के अनुसार चीन ने जानबूझ कर यह चाल चला है जिससे दुनिया के तमाम देशों का रुपया अपने नाम कर सके या यूँ कहें कि दिन दहाड़े चोरी कर सके. और उसका काम होता रहे. हमें यह समझ में नहीं आता है कि जो चीन अपनी सेक्रेसी को मेंटेन करता था वो चीन अपनी किसी ख़ास प्रायोजित खबर को चलाकर दुनिया को बेबकुफ़ बना रहा है. जिस चीन की अर्थव्यवस्था की हालत खराब थी वो चीन एक तरफ पकिस्तान के उग्रवादी संगठनों का मसीहा बना हुआ था, दूसरी तरफ वन वेल्ट वन रोड परियोजना और दक्षिन सागर में कृत्रिम द्वीप को बनाते रहना. कहीं, चीन पकिस्तानी उग्रवादी संगठनों के साथ मिलकर दुनिया को तबाह करने के लिए कोरोना वायरस को फैलाया गया हो…?

वर्तमान समय में दुनिया के कई मंचों पर भारत की बढती लोकप्रियता से चीन चिढ़ा रहता था और हर ख़ास हो या आम मौकों पर पाकिस्तान के साथ खड़ा रहता था. चीन का व्यापार दुनिया के तमाम देशों में होता है लेकिन शायद ही कुछ देशों के समानों का प्रयोग चीनी करते होंगें. समझ में यह नहीं आता है कि, एक तरफ दुनिया की तमाम मुल्क कोरोना के कहर से घरों में कैद है वहीं चीन आरम से अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है. एक तरफ दुनिया में आर्थिक मंदी चल रही थी जो आने वाले समय में इसके संकट और गंभीर होते दिख रहें हैं.