अर्थशास्त्र से संबंधित(12)…

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What is national income called? What is the relationship between national income and economic development? = In an economy, the monetary value of all final goods and services produced in a year is calculated without double counting. It is calculated at the prevailing prices and includes the net resources obtained from abroad.

National Income Features :-

  1. It is the monetary value of all final goods and services produced.
  2. It covers the income of all the residents of the country.
  3. Income is calculated without double counting.
  4. Is done for one accounting year.
  5. It does not include indirect taxes.

Relations between national income and economic development : – National income gives important information about economic progress in an economy. A close relationship is found in national income and economic development. A country with a high per capita income is considered more developed than a country with a low per capita income. Increase in national income increases the economic welfare of any country. Due to which more goods and services are available for consumption, more economic welfare is increased. Conversely, the decrease in national income reduces the economic welfare of any country, making small amounts of goods and services available for consumption which adversely affect the economy and economic development of the country and slow the country’s growth rate. Due to which, industry, employment, prices, trade etc. are adversely affected.

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राष्ट्रीय आय किसे कहते है. राष्ट्रीयआय और आर्थिक विकास में क्या सम्बन्ध है? = एक अर्थव्यवस्था में, एक वर्ष में पैदा सभी अन्तिम वस्तुओं तथा सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है जिसकी गणना, दोहरी गणना के बिना की जाती है.यह गणना प्रचलित कीमतों पर की जाती है तथा इसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन सम्मिलित की जाती है.

राष्ट्रीय आय की विशेषताएँ :-

  1. यह पैदा की गई सभी अन्तिम वस्तुओं तथा सेवाओं का मौद्रिक मूल्य होता है.
  2. यह देश के सभी निवासियों की आय को शामिल किया जाता है.
  3. आय की गणना दोहरी गणना के बिना की जाती है.
  4. एक लेखा वर्ष के लिए की जाती है.
  5. इसमें अप्रत्यक्ष कर शामिल नहीं होते.

 

राष्ट्रीय आय और आर्थिक विकास में सम्बन्ध :- राष्ट्रीय आय एक अर्थव्यवस्था में आर्थिक प्रगति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता है. राष्ट्रीय आय एवं आर्थिक विकास में धनिष्ठ सम्बन्ध पाया जाता है. उच्च प्रति व्यक्ति आय वाला देश निम्न प्रति व्यक्ति आय वाला देश की अपेक्ष अधिक विकासित माना जाता है. राष्ट्रीय आय में वृद्वि से किसी भी देश के आर्थिक कल्याण में वृद्वि होती है. जिससे उपभोग के लिए अधिक मात्रा में वस्तुएँ व सेवाएँ उपलब्ध हो जाती है इससे अधिक आर्थिक कल्याण में वृद्वि होती है. इसके विपरित राष्ट्रीय आय में कमी से किसी भी देश के आर्थिक कल्याण में कमी होती है जिससे उपभोग के लिए कम मात्रा में वस्तुएँ व सेवाएँ उपलब्ध हो जाती है जिसका देश की अर्थव्यवस्था तथा आर्थिक विकास में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और देश की विकास दर धीमी हो जाती है जिससे देश के उधोग, रोजगार, कीमतों, व्यापार आदि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.