Dhram Sansar

  • पुत्रदा एकादशी…

    वालव्याससुमनजीमहाराज कहते हैं पौष (पूस) का महीना अत्यंत ही पावन और पवित्र महीना होता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार साल…

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  • सफला एकादशी…

    सत्संग के दौरान एक भक्त ने महाराज जी पूछा कि, महाराजजी ऐसा कोई उपाय बताइए, जिससे सर्वमनोकामना पूर्ण हो, व्रत…

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  • सुन्दरकाण्ड-18…

    दोहा :- की भइ भेंट कि फिरि गए श्रवन सुजसु सुनि मोर। कहसि न रिपु दल तेज बल बहुत चकित…

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  • सुन्दरकाण्ड-17…

    चौपाई :- सुनु कपीस लंकापति बीरा। केहि बिधि तरिअ जलधि गंभीरा।। संकुल मकर उरग झष जाती। अति अगाध दुस्तर सब…

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  • तेरे मर्जी का मैं…

    Republished संकलन :- जेपी video link :- https://youtu.be/_iWukcQUSgw

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  • मोक्षदा एकादशी…

    सत्संग के दौरान एक भक्त ने महाराजजी से पूछा, महाराजजी मोक्षदा एकादशी कब और कैसे मनाया जाता है. वाल्व्याससुमनजीमहाराज कहते…

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  • सुन्दरकाण्ड-16…

    दोहा :- रामु सत्यसंकल्प प्रभु सभा कालबस तोरि। मै रघुबीर सरन अब जाउँ देहु जनि खोरि ।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज श्लोक का…

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  • सुन्दरकाण्ड-15…

    दोहा :- सचिव बैद गुर तीनि जौं प्रिय बोलहिं भय आस। राज धर्म तन तीनि कर होइ बेगिहीं नास ।। …

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  • उत्पन्ना एकादशी…

    सत्संग के दौरान एक भक्त ने महाराजजी से पूछा कि, महाराजजी पुण्यमयी एकादशी तिथि की उत्पत्ति कैसे हुई, इसके बारे…

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  • सुन्दरकाण्ड-14…

    चौपाई :- उहाँ निसाचर रहहिं ससंका। जब ते जारि गयउ कपि लंका।। निज निज गृहँ सब करहिं बिचारा। नहिं निसिचर…

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