कौन से खास सपने लाते हैं अपार धन का संदेश

कौन से खास सपने लाते हैं अपार धन का संदेश

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दिवस के प्रथम पहर का स्वप्न तथा मध्यान काल के स्वप्न इच्छाशक्ति मनोबल आत्मशक्ति का सोच स्वप्न द्वारा जैसा भी हो धन की प्राप्ति और कुछ अभिलाषा को प्राप्त कराता है ब्रह्ममुहुर्त संध्या काल बेला मुहूर्त प्रबल लक्ष्मी धन प्राप्ति का विदेश भ्रमण का व्यापार में लाभ का देखा गया स्वपन पूरे होते हैं मनुष्य की तीन अवस्था प्रथम चेतन अवस्था दूसरा अवचेतन अवस्था तीसरा अचेतन अवस्था दूसरा तीसरा अवस्था में ही स्वप्न देखता है तब जिस जातक ने जैसा कर्म -भाग्य – क्लपानुसार सपना देखा उसे प्राप्त करता है स्वप्न मे देखी गई विषयों को जानने के लिय परिणाम प्राप्ति करना.जानने के लिए महारानी माता भगवती की मंत्र को १०८ *३=३२४ वार ४० दिन तक जपने के बाद फल की प्राप्ति होगी.

मंत्र :-

दुर्गे देवी नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके ।

मम सिद्धिम सिद्धिं वा स्वप्ने सर्व प्रदर्शय ।।

सपने हम सभी देखते हैं, सपनों का मन से गहरा रिश्ता होता है. मन जितना निर्मल और पारदर्शी होगा, सपने भी उतने ही स्पष्ट, सटीक और सुलझे हुए दिखाई देंगे. हमारी इंद्रियां स्वप्नावस्था में जागृतावस्था की तुलना में अधिक संवेदनशील हो जाती है. अपनी अंतर्बोध क्षमता से हम सपनों को समझ सकते हैं. कई बार विचित्र किस्म के सपने आते हैं जिनका वर्तमान परिवेश से तालमेल बैठाना मुश्किल होता है. एकाग्र होकर, सपनों की स्पष्ट समझ के साथ, गहराई से विश्लेषण करें तो उनके संकेत और परिणामों को जानने में सफलता मिल सकती है. आज हर आंखों का सपना है ‘धन’. बात यदि धन के सपनों की करें तो स्वाभाविक जिज्ञासा होगी कि आखिर उन सपनों के संकेत क्या होते हैं. धन के सपनों में प्रमुख रूप से जल, श्वेत रंग, फूल, फल, पशु, अनाज, पात्र और देवी-देवता का महत्व है.

जल :-

जल अर्थात् पानी का धन-दौलत से बहुत करीब का संबंध माना गया है. दोनों ही समान गुणधर्मी होते हैं. दोनों की प्रकृति है बहना. यदि कद्र न की जाए, सहेज कर न रखा जाए तो दोनों बह जाते हैं.  इसकलिए सपने में वर्षा होती दिखे। व्यक्ति स्वयं कुएँ से पानी भरे तो यथाशीघ्र धन लाभ की संभावना है. सपने में तैरना मात्र ही असीमित धन-आगमन का सूचक है. सपने में नदी अथवा समुद्र-दर्शन भी अकस्मात धन प्राप्ति का संकेत है.

श्वेत रंग :-

स्वप्न विज्ञानियों की मान्यता है कि सपने में सफेद रंग का विशेष महत्व होता है. इस रंग को सुख-समृद्धि, शांति एवं सौजन्य का प्रतीक माना गया है. इसलिए सपने में सफेद वस्त्र देखना, सफेद वस्त्र धारण करना, श्वेत फूलों की माला देखना, सफेद बर्फ से ढंका पर्वत देखना, सफेद समुद्र, सफेद मंदिर का शिखर, सफेद ध्वजा, शंख, श्वेत अश्व, श्वेत शेर के शावक और श्वेत सूर्य-चंद्र आदि समृद्धि एवं प्रचुर मात्रा में धनागमन का संकेत हैं.

फल :-

राजा बाबु जौहरी के अनुसार सपने में स्वयं के हाथों में फल टपके, फल वाले वृक्षों का दर्शन करें, आंवला, अनार, सेब, नारियल, सुपारी एवं काजू आदि को देखें तो धन आने की प्रबल संभावना है. फल का सेवन अलग-अलग ज्योतिषाचार्य की राय में शुभ-अशुभ दोनों माना गया है जबकि केले के संबंध में अधिकांश विशेषज्ञ एकमत हैं कि वह अशुभ है और कई मामलों में मृत्युसूचक या मृत्युतुल्य कष्ट सूचक भी होता है.

फूल :-

सफेद कमल, लाल कमल, केतकी, मालती, नागकेसर, चमेली, चांदनी एवं गुलमोहर के फूल सपने में देखने वाला निश्चित ही भविष्य में अपार धन-संपत्ति का स्वामी बनता है.

पशु :-

पशुओं का सपने में दिखाई पड़ना भी विशेष रूप से धनागमन का संकेत माना गया है. मस्त हाथी, गाय, अश्व, बैल, बिच्छू, बड़ी मछली, श्वेत सर्प, बंदर कछुआ एवं कस्तूरी मृग जहां अचानक विशेष धन प्राप्ति के प्रतीक माने गए हैं.  वहीं मधुमक्खी के विषय में कहा गया है कि का स्वप्न देखने वाले व्यक्ति का बैंक के खाते में दिन दूना, रात चौगुना धन बढ़ता है. जबकि सपने में चूहे देखने वाले व्यक्ति का बैंक में छोटा-मोटा खाता खुलना तय है.

अनाज :-

सपने में व्यक्ति अनाज के ढेर पर स्वयं को चढ़ता देखे और उसी समय उसकी नींद खुल जाए तो धन लाभ, निश्चित समझे. उसी तरह धान, मूंग, जौ, गेहूँ की बाली आदि भी धन प्राप्ति का संकेत देते हैं.

पात्र :-

कलश, पानी से भरा घड़ा और बड़े पात्रों को धन आगमन का सुनि‍श्चित प्रतीक माना गया है. एक सपने के विषय में दुनिया भर के स्वप्नशास्त्री एकमत है. उनके अनुसार मिट्टीा का पात्र देखना सर्वश्रेष्ठ होता है. ऐसे व्यक्ति को शीघ्र ही अपार धन संपदा की प्राप्ति होती है, साथ ही भूमि लाभ भी मिलता है.

दैवीय प्रतीक :-

भारतीय स्वप्न विशेषज्ञों के अनुसार सपने में पितृ अथवा दिवंगत पूर्वजों का दर्शन एवं उनके आशीर्वाद विशेष सफलतादायक है. मंदिर, शंख, गुरु, शिवलिंग, दीपक, घंटी, द्वार, राजा, रथ, पालकी, उजला आकाश एवं पूनम का चंद्र आदि भी विशेष समृद्धिदायक एवं भाग्योदय का प्रतीक माने गए हैं.

उपरोक्त समस्त संकेत हैं धनागमन के, किंतु कर्म, प्रयास और परिश्रम न किए जाएं तो सपने फिर सपने होते हैं, सपने कब अपने होते हैं.  इन संकेतों से प्रेरणा लेकर अपने कार्यों की रूपरेखा तैयार करना तो ठीक है किंतु उनके भरोसे बस हाथ पर हाथ धरे सपना साकार होने का इंतजार करना नादानी है.

सच तो यह है कि सुरमई अंखियों में सजा नन्हा-मुन्ना सपना अपना हो तो जाएगा लेकिन इसके लिए थोड़ा ‘तपना’ पड़ेगा, इस ‘तपने’ में ही सपने का ‘असली अर्थ’ छिपा होता है.

 

राजा बाबु जौहरी (हस्तरेखा विशेषज्ञ)

कौशिक चन्दन शरण (ज्योतिष विशारद) (इन्डियन कौंसिल ऑफ़ अस्ट्रोलॉजिक्ल साइंस, चेन्नई)खजांची रोड, पटना-4