15 अगस्त 2020 तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर का काम पूरा होगा:- मुख्यमंत्री...

15 अगस्त 2020 तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर का काम पूरा होगा:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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जहॉ खेती होती है, वहॉ फीडर बढ़ाने की भी जरूरत होगी तो वह सुनिश्चित किया जाय ताकि, हर गॉव में खेती के लिये कृषि के लिये अलग से फीडर उपलब्ध हो जाय. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विद्युत भवन परिसर में ऊर्जा विभाग की 1006.95 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का कार्यारंभ एवं उद्घाटन रिमोट के माध्यम से किया. इसमें 390.84 करोड़ रुपए की योजनाओं का कार्यारंभ और 616.11 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन किया गया. मुख्यमंत्री कुमार ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सबसे पहले विद्युत विभाग को बधाई दी और कहा कि, 31 दिसम्बर 2018 को लक्ष्य से पहले हर घर तक बिजली पहुँचाने के लिये एक बार पुनः आपलोगों को बधाई देता हूँ. विद्युत विभाग के द्वारा यह मांग की गयी थी कि एक विद्युत भवन, कम्यूनिटी हॉल और एक ऑडिटोरियम का निर्माण हो जिसका कार्यारंभ हो गया है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, हमलोगों ने महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया, जबकि पहले से ही पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को 03 प्रतिशत का आरक्षण मिला हुआ था. अगर उन सबों को जोड़ दिया जाए तो यह आरक्षण महिलाओं के लिए बिहार में 37 प्रतिशत हो जाता है. उन्होंने कहा कि, महिलाओं को कार्य स्थल पर किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो इसके लिए हमने ऊर्जा विभाग से यह कहा था कि सबसे पहले आप लोग वॉशरुम और शौचालय का निर्माण कराएं. इन लोगों ने उस लक्ष्य को 45 दिनों के अंदर पूरा किया और 349 शौचालयों का निर्माण कराया गया. इससे महिलाओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं होगी. सात निश्चय योजना के तहत फरवरी 2016 से ही हमलोगों ने बिहार में महिलाओं के लिये 35 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया है. हमलोगों ने सभी थानों में महिला कर्मियों के लिये अलग से शौचालय का निर्माण करवाया ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो. मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, शिक्षा के क्षेत्र में भी हमलोगों ने अनेक कार्य किए. विद्यालयों के भवनों का विद्यालय शिक्षा समिति के माध्यम से निर्माण कराया गया और उन्हें एक ही रंग में रंगा गया.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, ग्रिड और पॉवर स्टेशन में भी महिलाकर्मी कार्यरत होंगी इसके लिए विद्युत विभाग इन स्थलों पर पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण कराये, वैसे हमें उम्मीद है कि समय रहते आपलोग उसे पूरा कर लेंगे. उन्होंने कहा कि, कृषि के क्षेत्र में विकास के लिये सरकार कृत संकल्पित है. उन्होंने कहा कि, 01 नवंबर 2018 को घोषणा की गई थी कि एग्रीकल्चर फीडर और जर्जर तारों को 31 दिसम्बर 2019 तक बदल दिया जायेगा. इसे मिशन मोड़ में काम करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि 1312 एग्रीकल्चर फीडर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने प्रधान सचिव ऊर्जा को निर्देश दिया कि इन 1312 एग्रीकल्चर फीडर का एसेस्मेंट कर लीजिए. हर जगह जहॉ खेती होती है, वहॉ फीडर बढ़ाने की भी जरूरत होगी तो वह सुनिश्चित किया जाय ताकि, हर गॉव में खेती के लिये कृषि के लिये अलग से फीडर उपलब्ध हो जाय. जितनी राशि की जरूरत होगी, राज्य सरकार उसे पूरा करेगी.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, बिहार की आबादी का 89 प्रतिशत हिस्सा गॉवों में निवास करता है और उसमें 76 प्रतिशत आजीविका के लिये कृषि पर निर्भर हैं. कृषि के लिए बिजली की समुचित उपलब्धता जरुरी है और इसके लिए हरसंभव काम किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि‘स्मार्ट प्री-पेड’ मीटर को कैबिनेट से पास कर दिया गया है. इसका भार उपभोक्ता पर किसी प्रकार न पड़े, इसके लिए भी सहमति बन चुकी है. जल्दी से इसको पूरा करने के लिए तीनों एजेंसियों को इस काम में लगा दिया गया है ताकि 15 अगस्त 2020 तक इसे पूरा करा लिया जाए. प्री-पेड मीटर के हो जाने के बाद मीटर रीडिंग में होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सकेगा. सबसे बड़ी बात तो ये है कि जो जितना बिजली खर्च करेगा उस हिसाब से वो अपना बिजली रीचार्ज करेगा. उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार लगभग पॉच हजार करोड़ रूपये की सब्सिडी दे रही है. मुफ्त में बिजली देना उचित नहीं है क्योंकि इससे पर्यावरण को संकट में डालने जैसी स्थिति बन जाएगी. वैसे लोग मुफ्त में बिजली की बात करते हैं, वह केवल एक पब्लिसिटी स्टंट से ज्यादा कुछ भी नहीं है. व्यावहारिक और तार्किक होकर इस पर सोचने की जरुरत है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, जर्जर तार के गिरने से जो दुर्घटनाएं होती हैं, वह पीड़ादायक है. तार के लिए जो आपलोग नए कंडक्टर का उपयोग कर रहे हैं, इससे बिजली चोरी पर भी रोक लगेगी और बिजली का सही उपयोग होगा. डीजल की खपत कम होगी, इससे प्रदूषण से भी निजात मिलेगा. उन्होंने कहा कि, हाइडल और सोलर पावर प्लांट के लिए हमलोगों ने निर्णय लिया है. हम तो कहते हैं कि तालाब में नीचे मछली और उसके ऊपर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जाए। इसके लिए आज ही एक प्रस्ताव भी आया है. सोलर पावर के लिए सरकारी कार्यालयों में सोलर प्लांट को रुफ टॉप पर लगाइये, इससे बिजली तो मिलेगी ही, इसे देखकर धीरे-धीरे लोग भी प्रभावित होंगे और इसका हम सब फायदा उठाएंगे.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए कजरा और पीरपैंती में पहले थर्मल प्लांट लगाने की योजना थी, मगर अब यहां सोलर प्लांट 300-300 मेगावाट की क्षमता का लगाया जा रहा है यानि यहां कुल 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. सोलर प्लांट के लगने से बिजली उत्पादन के साथ-साथ हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा. सूर्य हमारा केंद्र है, यह सुपर पावर हैं, इन्ही की वजह से पहाड़, जंगल, पानी, जीव-जंतु और इन्सान सुरक्षित हैं, ये सभी सौर ऊर्जा पर डिपेंडेट हैं, उनकी शक्ति का हम सब उपयोग करें. अक्षय ऊर्जा सबसे बड़ी शक्ति है और हमलोग सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नारियल फोड़कर बिहार विद्युत भवन 03 का कार्यारंभ किया. अलग कृषि फीडर निर्माण एवं शौचालय निर्माण से संबंधित लघु फिल्म प्रदर्षित की गयी. उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं एवं पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशिल कुमार मोदी द्वारा प्रषस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया.

समारोह को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर बिहार विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष एस०के० नेगी, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप पुदकलकट्टी, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मितसुयू कंपनी के सी०ई०ओ० एस०एस० नुराबानी, ओ०एम०सी० पावर के सी०ई०ओ० रोहित चंद्रा, ओ०एम०सी० पावर के वाइस प्रेसिडेंट डी०वी०एस० राजन, अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, विभिन्न कंपनियों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे. कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से राज्य के सांसदगण, विधायकगण, विधान पार्षदगण एवं अन्य अधिकारी भी जुड़े हुये थे.

पत्रकारों द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लोगों में बहुत आक्रोश था इसलिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी थी. इस तरह की कार्रवाई से आतंकवाद से लोगों को मुक्ति मिलेगी.