04-05अप्रैल को नैक प्रत्ययन तथा विश्वविद्यालयों में डिजीटलीकरण विषय पर दो दिवसीय...

04-05अप्रैल को नैक प्रत्ययन तथा विश्वविद्यालयों में डिजीटलीकरण विषय पर दो दिवसीय कार्यशालाएँ आयोजित होंगी…

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कार्यशाला में बिहार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिकुलपति सचिव, सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विश्वविद्यालयों के आई०क्यू०ए० सेल के संयोजकों को आमंत्रित किया गया है. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

रविवार को राज्यपाल लाल जी टंडन ने सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को ‘नैक प्रत्ययन’(NAAC Accreditation) इस वर्ष करा लेने हेतु दिये गए अपने हालिया निदेश के संदर्भ में पुनः सजग-सचेत करते हुए उनकी तैयारी को पोख्ता बनाने के उद्देश्य से राजभवन में आगामी 04-05 अप्रैल 2019 को एक राज्यस्तरीय कार्यशाला संयोजित करने की जिम्मेवारी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा को दी है.

‘नैक’ की तैयारी को लेकर आयोजित होनेवाली इस दो-दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र में राज्यपाल सह कुलाधिपति लाल जी टंडन के अतिरिक्त यू०जी०सी० के सचिव प्रो० रजनीश जैन, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर०के० महाजन, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, ‘नैक’ की सलाहकार डॉ० के० रमा, डॉ० मधुरेश आदि भी अपने विचार व्यक्त करेंगे.

इस दो दिवसीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय, इंदौर के प्रो० संतोष बंसल,बी०एच०यू०, वाराणसी के प्रो० मल्लिकार्जुन जोशी आदि भी संबोधित करेंगे. इस कार्यशाला के समापन-सत्र में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् (इंडियन कॉन्सिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च) के चेयरमैन डॉ॰ बी॰बी॰ कुमार भी अपने विचार व्यक्त करेंगे.

 कार्यशाला में बिहार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिकुलपति सचिव, सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विश्वविद्यालयों के आई०क्यू०ए० सेल के संयोजकों को आमंत्रित किया गया है. इस कार्यशाला के लगभग 500 प्रतिभागियों को ‘नैक प्रत्ययन’(NAAC Accreditation) से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक बातें दो दिनों के विभिन्न सत्रों के दौरान बताई जाएँगी.

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया है कि कार्यशाला में ‘इन्स्टीच्यूशनल इनफॉरमेशन फॉर क्वालिटी एसेसमेंट (आई०आई०क्यू०ए०) ‘सेल्फ स्टडी रिपोर्ट’ (एस०एस०आर०) आदि तैयार करने, ‘स्टूडेंट सैटिसफेक्शन सर्वे’ (एस०एस०एस०) की तैयारी, डाटा वेरिफिकेशन एण्ड वैलिडेशन’ आदि से जुड़े मुद्दे आदि पर भी विस्तार से चर्चा होगी.

कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के दौरान ‘रिवाइज्ड एक्रीडिटेशन फ्रेम वर्क’, पाठ्यक्रमों, आधारभूत-संरचना, सांस्थिक प्रबंधन, शोध की गुणवत्ता में विकास, टीचिंग-लर्निंग-प्रोसेस, नवाचारमूलक प्रयोग आदि विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी.

राज्यपाल टंडन के निदेशानुसार आगामी 11-12 अप्रैल 2019 को विश्वविद्यालयों की समस्त गतिविधियों के कम्प्यूटरीकरण एवं स्वचालन (Digitization and Automation of Universities) विषय पर एक अन्य दो दिवसीय कार्यशाला भी स्थानीय होटल मौर्या के सभागार में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित होगी. कार्यशाला में मानव संसाधन मंत्रालय की ‘SWAYAM’, ‘SWAYAM PRABHA’ ‘ARPIT’, NAD’ जैसी अन्य नवाचारीय डिजिटल पहलों पर विस्तार से चर्चा होगी, जिसमें मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के अधिकारीगण, सम्बन्धित तकनीकी विशेषज्ञता वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि, बिहार के शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारीगण, राज्यपाल सचिवालय के अधिकारीगण आदि भी भाग लेंगे.

राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को निदेशित किया है कि वे 11-12 अप्रैल 2019 को विश्वविद्यालयों के डिजीटलीकरण से जुड़ी उक्त कार्यशाला मे भाग लेने के लिए ‘नैक’ के नोडल ऑफिसर सहित विज्ञान एवं अभियांत्रिकी पृष्ठभूमि से जुड़े प्राचार्यों, महाविद्यालयों के आई०टी० प्रभारी पदाधिकारी, विषय-विशेषज्ञ आदि के नाम चयनित कर उनकी सूची राज्यपाल सचिवालय को भेज दें. कला एवं वाणिज्य विषय से जुड़े दो-दो प्राचार्यों की भी सूची कुलपतियों से माँगी गई है. सूची नाम, मोबाईल, ई-मेल आई०डी० सहित राज्यपाल सचिवालय को 30 मार्च 2019 तक भेज देने को कहा गया है.