स्थिति व परिस्थिति…

स्थिति व परिस्थिति…

189
0
SHARE
“नाम के हिन्दू रह गये हैं और कर्म से विदेशी हो गये”

आज हम सभी कह सकते हैं कि, नाम के “हिन्दू” रह गये हैं और कर्म से विदेशी हो गये हैं? इतिहास गवाह है कि हमसभी पहले भी असंगठित थे और आज भी है….? हिन्दू का अर्थ होता है “ जो हिंसा ना करे”. इस धरती पर कभी राजाओं का शासन हुआ करता था, उसके बाद मुगलों ने और अंत में अंग्रेजों ने. इतिहासकारों के अनुसार, आजादी के पहले के भारत में शिक्षा सर्वव्यापक थीं, तो क्या शिक्षा का सत्यानाश सिर्फ अंग्रेजों ने ही किया…? लेखक साइंस के विद्यार्थी थे… इतिहास की जानकारी भी कम है, फिर भी जब मुगल आये थे, तो यहाँ काफी लुट-पाट, घरों-बस्तियों को जला देना, स्कूल-कोलेज व मन्दिरों को नष्ट कर दिया. आप सभी जानते हीं हैं कि, जितने भी मुगल शासक हुए, वो लिखे-पढ़े नहीं थे… वर्तमान समय में भी मुस्लिम समाज में अशिक्षा का दौर जारी है, तो हम सभी कैसे कह सकते हैं कि मुस्लिम आक्रमणकारिओं ने शिक्षा-व्यवस्था चौपट नहीं की…? वर्तमान समय में देखें तो पता चलता है कि, गुलाम भारत में विश्विद्यालय की शुरुआत अंग्रेजों ने की, उसके बाद आजाद भारत में…? काफी लम्बे समय तक शासन व्यवस्था को मुस्लिम आक्रमणकारिओं ने देखा… उस समय के शिक्षा-व्यवस्था पर कोई बात या कोई इतिहास का विवरण नहीं मिलता है.

क्या हम सभी कह सकते हैं कि, मुस्लिमों ने ही संस्कार, धर्म और शिक्षा-व्यवस्था को चौपट कर दिया था जिसका फायदा अंग्रेजों ने उठाया और गुलामी की जंजीर में बंधने को विवश किया. अंग्रेजी शासन, कूटनीति और इतिहास का अध्ययन करने पर पता चलता है कि, आजादी के बाद आधुनिक भारत का स्वरूप कैसा होगा…? वर्तमान समय की स्थिति व परिस्थिति तो एक नमूना मात्र हैं, आगे आने वाला समय ही इसके विकसित स्वरूप देखने को मिलेंगे. आधुनिक भारत के बच्चों के लिए धार्मिक गतिविधियां एक पार्टी होती है. आधुनिक भारत के बच्चे अपने पूर्वजों के इतिहास से दूर हैं या यूँ कहें कि उन्हें दूर रखा जाता है चुकीं वो “हिन्दू की शक्ल” में अंग्रेज की तरह अक्ल रखने वाला बच्चा या युवा बन सकें, जिसे हम कह सकते हैं कि “नाम के हिन्दू रह गये हैं और कर्म से विदेशी हो गये”.  शरद ऋतू का आगवन हो चूका है और हमसभी देशवासी गर्म कपड़े की बजाय कूलर और एसी में दिन बिता रहें हैं..? क्या आधुनिक भारत के युवाओं की तरह देश के मौसम भी आधुनिक हो गया हैं…?