स्टूडेंट क्रेडिट योजना में शामिल होंगें पॉलिटेक्निक के भी छात्र :- मुख्यमंत्री...

स्टूडेंट क्रेडिट योजना में शामिल होंगें पॉलिटेक्निक के भी छात्र :- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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बिहार ज्ञान की भूमि रही है, यहां कई विश्वविद्यालय थे, जहां दुनिया के लोग अध्ययन करने आते थे. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोपालगंज जिला के बैकुंठपुर प्रखंड स्थित मानटेंगराही में ब्रजकिशोर नारायण सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक का लोकार्पण फीता काटकर एवं शिलापट्ट का भी अनावरण किया.बताते चलें कि, 44.92 करोड़ की लागत से स्व. बृजकिशोर नारायण सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण कार्य कराया गया है.

मुख्यमंत्री कुमार ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले ब्रजकिशोर सिंह की स्मृति में इस पॉलिटेक्निक संस्थान की स्थापना के लिए विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग एवं को बधाई देता हूँ. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि, जो पैसा बचा हुआ है, उसका उपयोग इसी परिसर में लड़के एवं लड़कियों के लिए एक-एक छात्रावास के निर्माण एवं वर्कशॉप के निर्माण में कराया जायेगा.बताते चलें कि, इस भवन के लिए प्राक्कलित राशि 44 करोड़ 92 लाख रूपये थी लेकिन भवन निर्माण ने 34 करोड़ रूपये में ही भवन का निर्माण पूरा हो गया.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, बिहार में पॉलिटेक्निक का क्रेज बढ़ रहा है, इसको ध्यान में रखते हुए अब सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है ताकि छात्र-छात्राएं ज्यादा से ज्यादा पढ़ सकें. उन्होंने कहा कि, हमलोगों ने इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं अन्य संस्थाओं का निर्माण कराने का निर्णय लिया है ताकि हमारे छात्र को पढ़ने के लिए बाहर जाना न पड़े. उन्होंने कहा कि, सात निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, जी०एन०एम० संस्थान, पारा मेडिकल संस्थान एवं महिला आई०टी०आई० की स्थापना की जानी है साथ ही उन्होंने कह कि, प्रत्येक अनुमंडल में ए०एन०एम० संस्थान एवं आई०टी०आई० की स्थपाना की जा रही है. उन्होंने कहा कि, राज्य में पांच और नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना करायी जा रही है इन मेसिकल कॉलेजों में ही नर्सिंग कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी. उन्होंने कहा कि ए०एन०एम०, जी०एन०एम० एवं नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से यहां की छात्राएं उच्च गुणवत्ता की नर्सिंग शिक्षा प्राप्त कर बिहार में रोजगार हासिल करने के साथ ही देश के अन्य हिस्सो में भी रोजगार प्राप्त कर सकेंगी.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय, उच्च विद्यालय, प्लस टू विद्यालय का निर्माण भी कराया गया है. उन्होंने कहा कि, जब 2005 में हम सत्ता में आये थे तब हमने सर्वे कराया तो पता चला कि साढ़े बारह प्रतिशत बच्चे स्कूलों से बाहर हैं. सरकार ने कोशिश करके बच्चों को स्कूलों तक पहुंचाया जिससे अब उनकी संख्या में 01 प्रतिशत की कमी आई है. उन्होंने कहा कि, राज्य का ग्रॉस इनरॉलमेंट रेट 13.09 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 24 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि, उच्च शिक्षा के छात्रों की पढाई और बेहतर हो इसके लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना चलाई गई. वैसे बच्चे जो गरीबी के कारण 12वीं के बाद पढ़ाई नहीं कर पाते थे, वे इसका लाभ उठा पाएंगे साथ ही अब 10वीं पास पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करने वाले भी इसका लाभ उठा पाएंगे. उन्होंने कहा कि, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत 4 प्रतिशत के साधारण ब्याज की दर पर राज्य शिक्षा वित्त निगम के द्वारा 4 लाख रुपए तक की राशि शिक्षा ऋण के रुप में दी जाएगी साथ ही लड़कियों, दिव्यांगों, ट्रांसजेंडरों को यह शिक्षा ऋण एक प्रतिशत ब्याज की दर पर मिलेगा.

मुख्यमंत्री कुमार ने अभिभावको से कहा कि, आप लोग इसकी चिंता नहीं करें कि यह पैसा कैसे लौटेगा और विद्यार्थियों से भी मैं कहना चाहता हूं कि आपलोग मन लगाकर पढ़ें, अगर आप लौटाने में अक्षम होंगे तो इसे माफ भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत युवाओं को दो वर्ष तक एक हजार रुपए प्रतिमाह की दर से सहायता भत्ता दी जा रही है और उन्हें कुशल युवा कार्यक्रम की ट्रेनिंग के तहत तीन माह में कंप्यूटर का ज्ञान, संवाद कौशल एवं व्यवहार कौशल की ट्रेनिंग दी जा रही है. उन्होंने कहा कि, युवा विनम्र बन सकें, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्ति में सुविधा हो साथ ही कहा कि, कौशल विकास की योजना पूरे देश स्तर पर चलायी जा रही है, हमलोगों ने एक करोड़ युवाओं को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य रखा है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, उद्यमिता में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए 500 करोड़ रूपये के वेंचर कैपिटल का भी गठन किया गया है, साथ ही कहा कि, राज्य के विश्वविद्यालयों में फ्री वाई-फाई की कनेक्टिविटी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि हमलोग विकास के काम में लगे हैं, शहर एवं गांव में अंतर नहीं करते हैं साथ ही कहा कि, हम न्याय के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं. जब तक हर इलाके का विकास, हर तबके का विकास नहीं होगा, तब तक विकास पूरा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सड़क की सुविधा को गांवों तक ही नहीं टोलों को भी जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि, हर घर तक नल का जल, हर घर तक पक्की गली नाली का निर्माण और राष्ट्रीय योजना के तहत भी चलने वाली हर घर में शौचालय के निर्माण कार्य को मिशन मोड में किया जा रहा है. इस साल के अंत तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य था, जिसे बिजली विभाग ने 31 अक्टूबर तक का लक्ष्य था जिसे बिजली विभाग ने पूरा कर लिया है. उन्होंने कहा कि, राज्य में वर्ष 2005 में 700 मेगावाट की खपत थी और अब बिजली की स्थिति आप सबके सामने है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, इस क्षेत्र के लिए भी कई काम किए गए हैं और बढ़िया काम होने से लोगों की ख्वाहिशें बढ़ जाती हैं ये अच्छी बातें हैं. उन्होंने कहा कि, जनप्रतिनिधियों के द्वारा पहले की मांगों को पूरा किया गया है साथ ही कहा कि, जब हम रेल मंत्री थे उस दौरान भी हमने लोगों की मांगों को पूरा करने की कोशिश की और उनकी ख्वाहिशें भी हमारे प्रति बढ़ती रहीं. खुशी इस बात की है कि अच्छे कामों के बाद लोगों की ख्वाहिशें बढ़ जाती हैं और आज विकास के बारे में लोगों की सोच विकसित हो गई है. उन्होंने कहा कि, जो लोग टकराव की राजनीति में विश्वास करते हैं उन्हें विकास पर ध्यान देना चाहिए.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, स्व० ब्रजकिशोर बाबू के नाम पर यह संस्था बनी है, वो पहले मंत्री भी रहे थे और बाद में हमलोगों की पार्टी में साथ आए थे, उन पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण का भी असर था. आज उनकी स्मृति में यह संस्थान बना है, जिसमें आप सब उपस्थित हुए हैं. इस धरती को नमन करता हूं और ब्रजकिशोर बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. उन्होंने कहा कि प्रेम, सद्भाव एवं आपसी भाईचारे का वातावरण बनाकर रखना होगा. उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि रही है, यहां कई विश्वविद्यालय थे, जहां दुनिया के लोग अध्ययन करने आते थे. बिहार के उस गौरव को फिर से प्राप्त करना है साथ ही उन्होंने कहा कि, प्रेम, शांति, सद्भाव, भाईचारे के काम में सबका सहयोग चाहिए.