सभी विद्यालयों को शीघ्र तंबाकू मुक्त घोषित किया जाए:- मुख्य सचिव

सभी विद्यालयों को शीघ्र तंबाकू मुक्त घोषित किया जाए:- मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव ने राज्य में धुँआ रहित तम्बाकू सेवन के उपयोग पर घोर चिंता व्यक्त की. फोटो:-गूगल

शुक्रवार को मुख्य सचिव, दीपक कुमार ने मुख्य सचिवालय स्थित सभा कक्ष में आयोजित तम्बाकू नियंत्रण पर राज्य स्वास्थ्य समिति एवं सोसियो इकोनोमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी ;सीड्स) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उच्चस्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा है कि तम्बाकू से न सिर्फ कैंसर जैसी घातक जानलेवा बीमारी होती है बल्कि इसके सेवन से अन्य कई घातक बीमारियाँ भी होती है, जो वास्तव में खतरनाक और अंततः जानलेवा साबित होती है. इसलिए सबसे आवश्यक यह है कि इसके पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को बताया जाय और आमजनों को जागरूक किया जाय.

उन्होंने कहा कि कार्यशाला में यह बात सामने आयी है कि 18 वर्ष से कम उम्र वाले अव्यस्क प्रथमतः इसके लत के शिकार होते हैं और वही आगे जाकर घातक बीमारियों का शिकार होते हैं. मेरा मानना है कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग एन०जी०ओ० के साथ मिलकर ऐसा कार्यक्रम तैयार करे तथा लघुवृत्त चित्रों का निर्माण कराये, जो काफी प्रभावकारी हो. उसे राज्य के हाईस्कूलों में दिखलाया जाय और बच्चों को इसके दुष्प्रभावों तथा होने वाली बीमारियों से अवगत कराया जाय. क्योंकि जब बच्चे इसके भयावहता के बारे में ओडियो-वीडियो के माध्यम से जानेंगे-समझेंगे, तो वे तो जागरूक व सजग होंगे, साथ ही वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों, जो तम्बाकू का सेवन करते हैं, उन्हें भी बतायेंगे और दबाव भी अपने परिजनों या अभिभावकों को छोड़ने के उद्देश्य से डालेंगे. आज कार्यालय या सार्वजनिक जगहों पर कोई धुम्रपान नहीं करता है, क्योंकि उनके साथ या बगल वाले लोग विरोध प्रकट करते या उन्हें बाहर जाने के लिए विवश कर देते हैं. मुख्य सचिव ने राज्य में धुँआ रहित तम्बाकू सेवन के उपयोग पर घोर चिंता व्यक्त की. साथ ही उन्होंने तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के सभी हितधारकों को इस मुद्दे पर मिलकर काम करने पर बल दिया.

उन्होंने सभी स्कूलो में स्टॉल लगाकर तंबाकू के खिलाफ अभियान चलाने का निदेश दिया साथ ही स्कूलो के 100 गज के दायरे से तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निदेश दिया. जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को निदेश दिया कि जिले के सभी सरकारी कार्यालय / पुलिस थानों एवं सभी विद्यालयों को शीघ्र तंबाकू मुक्त घोषित किया जाए. तंबाकू के खिलाफ अभियान जिला से पंचायतस्तर तक चलाने का निदेष दिया. पटना नगर निगम को तंम्बाकू उत्पाद विक्रेताओं के लिए भेंडर लाइसेंसिंग व्यवस्था शीघ्र लागू करने का निदेश दिया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, स्वास्थ्य संजय कुमार ने सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाइयों के हवाले से बताया कि मैन्यूफैक्चर्ड ब्रांडेड टोबैको प्रोडक्ट पर तो सरकार टैक्स बढ़ाकर रोकने के प्रयास कर रही है पर स्मोकलेस टोबैको यूजर्स को रोकने के लिए व्यापक पहल की जरूरत है. बिहार में अधिकतर लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. खासकर खैनी जो हमारे राज्य अधिकांश लोग इस्तेमाल करते हैं, जो अनब्रांडेड एवं अनमेनुफैक्चर्ड होता है.

कार्यक्रम की शुरूआत में मनोज कुमार, कार्यपालक निदेशक-सह-अपर सचिव ने कार्यक्रम की रूपरेखा, इसकी प्रासंगिकता तथा इसके पूर्व सन्दर्भगत आयोजनों निदेशों ने तंबाकू प्रयोग की आदतों पर नियंत्रण संबंधी प्रवृत्त नियम COPTA-2003  के वास्तविक इम्प्लीमेंटेशन के सन्दर्भ में गहरी चिन्ता व्यक्त की और आगे बताया कि इसके लिए सरकार के स्तर पर विभागवार प्रयास किए जा रहे हैं. पंचायतीराज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभागादि द्वारा दिए गए निदेशों की जानकारी सहित इसके प्रति अवेयरनेस कार्यक्रमों के लिए सभी विभागो  के साथ मिलकर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा मीडिया के साथ वर्कशॉप, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा होर्डिंग्स वगैरह के जरिए प्रचार-प्रसार कार्य किए जाने की सराहना कुमार ने की. उन्होंने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को कोटपा के प्रभावी अनुपालन के लिए मुख्य सचिव, बिहार की ओर से पत्र लिखा जाना चाहिए, ताकि उचित कार्रवाई शीघ्र किया जा सके.

इस दौरान सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए तंबाकूजन्य रोगों के निदान पर खर्च तथा हो रही मौतों के तुलनात्मक आँकड़ों से बताया कि इसके प्रति कहीं न कहीं गंभीर प्रयासों में अभी भी कमी है.

इसी क्रम में पान-मशाला का ट्वीन पैक पर पाबंदी लगाने का आग्रह किया क्यों कि यह मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण है.

इसी क्रम में आशीष पाण्डेय, वरीय तकनिकि सलाहकार दी यूनियन नई दिल्ली ने अपने संबोधन में तंबाकू उद्योगों के हस्तक्षेप को रोकने से संबधित (फ्रेमवर्क कन्वेंषन टोबैको कन्ट्रोल) के आरर्टीकल 5.3 के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि किसी तरह तंबाकू उद्योगों अपने चालाकी से राज्य सरकार को भ्रमित करने के बारे में दूसरे राज्यों के उदाहरण देकर राज्य सरकार को सचेत किया.

कार्यक्रम के अंत मेंमनोज कुमार ने सभी मुद्दों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से मंथन करते हुए अग्रेतर कार्रवाई किए जाने सहित विभिन्न विभागों से भी गंभीर पहल की अपेक्षा की तथा कार्यक्रम में सहभागिता हेतु धन्यवाद-ज्ञापन किया. इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, एवं अन्य वरीय पदाधिका मौजूद थे.