संविधान दिवस…

संविधान दिवस…

9
0
SHARE
भारतीय संविधान की मूल प्रति को हाथ से लिखा गया है और संविधान के हर पेज चित्रों से सजाने काम का काम आचार्य नंदलाल बोस ने किया. फोटो:-गूगल.

वर्ष 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान बनकर तैयार हुआ था, जिसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया. भारतीय संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार किया गया था. भारतीय संविधान में 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं और ये 25 भागों में विभाजित है. हर साल 26 नवंबर संविधान दिवस मनाया जाता है.

भारत का संविधान विश्‍व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है. इस संविधान की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि इसको तैयार करते समय सांस्कृतिक, धार्मिक और भौगोलिक विविधता का ध्यान रखा गया है. भारतीय संविधान को बनाने में कई देशों के सिद्धांतों और आइडिया को मिलाकर बनाया गया है.

बताते चलें कि, संविधान सभा का गठन वर्ष 1946 में किया गया जिसके स्थाई अध्यक्ष डॉ० राजेंद्र प्रसाद को और प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ०बी०आर०आंबेडकर को नियुक्त किया गया. ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए 13 समितियों का गठन किया गया. शुरू में संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे लेकिन, बाद में मुस्लिम लीग ने खुद को इससे अलग कर लिया, जिसके बाद संविधान सभा के सदस्यों की संख्या 299 रह गई.

भारतीय संविधान की मूल प्रति को हाथ से लिखा गया है और संविधान के हर पेज चित्रों से सजाने काम का काम आचार्य नंदलाल बोस ने किया. संविधान की मूल प्रति को हिंदी और इंग्लिश में प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखा था. बताते चलें कि, रायजादा के परिवार का पेशा कैलिग्राफी था. जब रायजादा से मेहनताना पूछा गया था तो उन्होंने कुछ भी लेने से इनकार कर दिया था लेकिन, उन्होंने सिर्फ एक शर्त रखी कि संविधान के हर पृष्ठ पर वह अपना नाम लिखेंगे और अंतिम पेज पर अपने नाम के साथ अपने दादा का भी नाम लिखेंगे.

बताते चलें कि, भारत सरकार द्वारा पहली बार 2015 में “संविधान दिवस” मनाया गया. संविधान दिवस मनाने का मुख्य उदेश्य यह है कि, डॉ० भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करने और संविधान के महत्व का प्रसार करने के लिए “संविधान दिवस” मनाया जाता है. ज्ञात है कि, 29 अगस्त 1947 को भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति की स्थापना की गई थी और इसके अध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की नियुक्ति हुई थी. जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि संविधान सभा के प्रमुख सदस्य थे. संविधान सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को भारत के संविधान पर हस्ताक्षर किए जिनमें 15 महिला सदस्य भी शामिल थीं.