शुगर की बीमारी और दवा कम्पनियों की मार्केटिंग

शुगर की बीमारी और दवा कम्पनियों की मार्केटिंग

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आधुनिकता की आड़ में दवा कंपनिया वर्तमान समय से ज्यादा अपनी प्रोडक्ट बेचने के लिए टेस्ट के मानक स्तर को कम कर अपनी दवाओं की बिक्री बढ़ा रही है.

वर्तमान समय में पहले बीमारी कि मार्केटिंग कि जाती है उसके बाद रोगी चिकित्सक से मिलते है. आज हम सभी 21 वीं सदी में अपना जीवन यापन कर रही हैं लेकिन अगर आप 20 वीं सदी कि ओर देखते है तो आपको पता चलता है कि बीमारी तो पहले भी होती थी लेकिन रोगी कि संख्या कम थी. आधुनिकता की आड़ में दवा कंपनिया वर्तमान समय से ज्यादा अपनी प्रोडक्ट बेचने के लिए टेस्ट के मानक स्तर को कम कर अपनी दवाओं की बिक्री बढ़ा रही है.

बताते चलें कि, कुछ समय पहले तक सामान्य शुगर का मानक 160 था लेकिन वर्तमान समय में 120 है और आगे भविष्य में 100 तक करने कि उम्मीद है. अभी कुछ समय पहले स्पेन में दवा बेचने वाली कंपनियों की बैठक हुई थी उसमें दवाओं कि बिक्री बढाने के एक सुझाव दिया गया है कि, अगर शरीर में शुगर का मानक 120 से घटाकर 100 कर दिया जाय तो शुगर के दवाईयों की बिक्री करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ जायेगी. वर्तमान समय में मेडिकल साईंस के अनुसार शरीर मे सामान्य शुगर का मानक 80 से 120 है.

पुराने समय में उम्र के हिसाब से शुगर की बीमारी चेक की जाती थी. उदाहरण के तौर पर देखें….

अगर आपकी उम्र 65 है तो आपका सुगर लेवल खाने के बाद 165 होना चाहिये, अगर आपकी age 75 है तो आपका नॉर्मल सुगर लेवेल खाने के बाद 175 होना चाहिए, अगर आपकी उम्र 80 है तो फिर आपकी डायबिटिक लिमिट खाने के बाद 180 काउंट की जानी चाहिये. इसका मतलब यह यह हुआ कि आप डायबिटिक नहीं हैं और आपकी आपकी गिनती नॉर्मल इंसान जैसी होनी चाहिये.

बताते चले कि, 1997 से पहले फास्टिंग शुगर की लिमिट 140 थी, जिसे घटाकर शुगर की लिमिट 126 कर दी गई. जिससे शुगर रोगियों कि संख्यां 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई. उसके बाद 2003 में फास्टिंग शुगर की लिमिट कम करके 100 कर दी गई, जिससे विश्व की कुल जनसंख्या में करीब 70 प्रतिशत आवाम डायबेटिक माने जाने लगे. आखिर बिजनेस करने के लिए दवा कंपनिया वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) को मिलाकर यह सब काम कर रहीं है.

शुगर के रोगियों कृपया ध्यान दें…

  • अगर आपकी पाचन शक्ति ठीक है तो आपको कोई टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है.
  • आप अपने जीवन में कोई टेंशन नहीं लेते,
  • आप अच्छा खाना खाते हो,
  • आप जंक फूड, ज्यादा मसालेदार या तैलीय भोजन या फ़्राईड फूड नहीं खाते हों,
  • आप रेगुलर योगा या कसरत करते हैं,
  • आपका वजन आपकी हाइट के हिसाब के बराबर है,

तो आपको डायबिटीज हो ही नहीं सकती. यह सौ प्रतिशत सच है कि, टेंशन न लें अच्छा खाना खाएं, एक्सरसाइज करते रहें.