शिव की उपासना से मिलती है…

शिव की उपासना से मिलती है…

13
0
SHARE
शिव की आराधना, साधना, उपासना से मनुष्य अपने पापों एवं संतापों से इसी जन्म में मुक्ति पा सकता है. फोटो:-गूगल.

पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार, मनुष्यों को पूरे मन, प्रेम एवं लगन से भगवान की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. घर के मंदिर में शिवालय अवश्य रखना चाहिए, अन्यथा भगवान की पूजा अधूरी मानी जाती है. पूजा के लिए जरूरी नहीं है कि आप ज्यादा समय और अधिक से अधिक सामग्री चढ़ाएं बल्कि, जब तक आपका मन अच्छा नहीं होगा, तब तक आप पूजा मन लगाकर नहीं कर सकते.

शिव महापुराण के अनुसार, भगवान शिव मात्र एक लोटा जल, बेलपत्र, मंत्र जप से ही प्रसन्न हो जाते है. अत: मनुष्य अगर शिव का इतना भी पूजन कर लें तो पाप कर्मों से सहज मुक्ति प्राप्त हो जाती है. शिव की आराधना, साधना, उपासना से मनुष्य अपने पापों एवं संतापों से इसी जन्म में मुक्ति पा सकता है. सोमवार चंद्रवार है, इसीलिए चंद्रमा को तृप्त करने के लिए कावरिए अपनी कावरों में घंटियां बांधे हुए ‘हर बम’ ‘ हर हर महादेव, ‘बम बोले बम’ ‘ॐ नम: शिवाय’ आदि कहते हुए शिवधाम जाते हैं.

भगवान शिव के सिर पर गंगा और चंद्रमा विराजते हैं, इसीलिए उन्हें ‘चंन्द्रमौलि’ कहा जाता हैं.ग्रन्थों के अनुसार, भोलेनाथ का श्रावन महीने में ध्यान करने से ही मनोकामना निश्चित रूप से पूर्ण हो जाती हैं. मानव अपने जीवन में ॐ नमः शिवाय, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, हनुमान मंत्र, गणेश मंत्र, राम नाम मंत्र का जप करते रहने से जीवन की सारी कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है. भगवान शिव हम सभी के ईष्ट हैं और वो सभी की पीड़ा, दर्द को समझते हैं. पुरुषों को ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना चाहिए जबकि, महिलाओं को’ॐ शिवाय नमः’ का जाप करना ज्यादा लाभकारी होता है.

                                                                                            अरविन्द कुमार शर्मा (पटना).