शराब का अवैध धंधा करने वाला शान से नहीं बल्कि सिर झुकाकर...

शराब का अवैध धंधा करने वाला शान से नहीं बल्कि सिर झुकाकर चलेगा:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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शराब सेवन से कैंसर, एड्स, टी०वी०, लीवर, दिल की बीमारी, मानसिक बीमारी, आनुवांशिक बीमारियों के साथ ही मनुष्य हिंसक प्रवृति का शिकार हो जाता है. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित नशा मुक्ति दिवस के कार्यक्रम को दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते हुए कहा कि, आज नशा मुक्ति दिवस है और 26 नवंबर 2011 से बिहार में मद्य निषेध दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है. उन्होंने कहा कि, लोग शराब का सेवन कम करें, इसके लिए निरंतर सामाजिक अभियान चलाया जाएगा, साथ ही शराबमुक्त समाज बनाने की दिशा में लगे लोगों को हमलोगों ने पुरस्कृत करने का भी काम किया. उन्होंने कहा कि 09 जुलाई 2015 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में महिलाओं ने एक कार्यक्रम के दौरान बिहार में शराबबंदी लागू करने की मांग की जिसे हमलोगों ने मांग को पूरा करते हुए उसी साल 26 नवंबर 2011 से लागू कर दिया और 01 अप्रैल 2016 से बिहार में चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी लागू करने की घोषणा की थी.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, इसके बाद निरंतर सामाजिक अभियान चलाया साथ ही विभाग का नाम बदलकर मद्य निषेध किया गया और पालिसी में भी परिवर्तन किया गया. उन्होंने कहा कि, शराब नहीं पीने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया, नारे लिखे गये और जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गये. एक करोड़ से ज्यादा बच्चों के अभिभावकों ने शराब नहीं पीने एवं दूसरों को शराब नहीं पीने के लिये प्रेरित करने का भी संकल्प लिया. 01 अप्रैल 2016 से बिहार में देशी शराब पर पाबंदी लगाई गयी. इसका असर लोगों पर इतना हुआ कि चार दिनों के अन्दर ही पूरे बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की घोषणा करनी पड़ी. उन्होंने कहा कि, 05 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई, इसके बाद शराबबंदी से नशा मुक्ति के पक्ष में 21 जनवरी 2017 को मानव श्रृंखला बनायी गयी,  जिसमें 04 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया, जो बिहार की आबादी के एक-तिहाई हैं. यह मानव श्रृंखला दुनिया के लिए नया रिकॉर्ड बना.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, 21 जनवरी 2018 को बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ14 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनी. उन्होंने कहा कि, सात निश्चय योजना पर काम हो रहा है और नशा मुक्ति, दहेज प्रथा एवं बाल विवाह हमारे दृढ़ निष्चय का हिस्सा है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि, इस अभियान को कभी भी कमजोर ना होने दें. उन्होंने कहा कि, सिर्फ सरकारी तंत्र और कानून के भरोसे हमें पूर्ण कामयाबी नहीं मिलेगी बल्कि इसके लिए निरंतर सामाजिक अभियान चलाकर लोगों को सजग, सक्रिय और सतर्क करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पूर्ण शराबबंदी के बाद भी चोरी-छिपे चंद धंधेबाज और विकृत मानसिकता के लोग छोटे बच्चों का उपयोग कर शराब की आपूर्ति करने में लगे हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि उड़ीसा से आये सैंड आर्टिस्ट श्री मानस कुमार साहु अपनी कला के माध्यम से लोगों को जागृत करने में लगे हैं, यह काफी सराहनीय है. उन्होंने कहा कि किलकारी बिहार बाल भवन के बच्चों को मैं धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने बहुत ही सुंदर तरीके से शराबबंदी से जुड़े गीत प्रस्तुत किये. उन्होंने मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को निर्देश देते हुए कि गांधी जी के कथावाचन की तरह ही सभी स्कूलों में इस गीत को सुनवाइये ताकि लोग जागृत हो सकें.

मुख्यमंत्री कुमार ने शराब सेवन से स्वास्थ्य और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016 में दुनिया भर में जितनी मौतें हुई हैं, उसमें 5.3 प्रतिशत मौत शराब सेवन से हुई है. उन्होंने कहा कि, शराब सेवन करने वाले 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों का मृत्यु दर 13.5 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि टी०वी०, एच०आई०वी० और मधुमेह से होने वाली मौत की तुलना में शराब सेवन से अधिक मौत हो रही है. वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसार शराब 200 से अधिक बीमारियों को बढ़ाता है. शराब सेवन से कैंसर, एड्स, टी०वी०, लीवर, दिल की बीमारी, मानसिक बीमारी, आनुवांशिक बीमारियों के साथ ही मनुष्य हिंसक प्रवृति का शिकार हो जाता है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, दुनिया भर में जो आत्महत्याएं हो रही हैं, उसमें से 18 प्रतिशत सुसाइड की घटनाएँ शराब के कारण हो रही हैं. विश्व भर में 18 प्रतिशत आपसी झगड़ों में मौत, 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटना और 13 प्रतिशत मिर्गी के कारण मौत की घटनाएँ शराब के कारण ही हुआ करती हैं. मद्य निषेध विभाग और आई०जी० प्रोहिबिशन वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाईजेशन की इफेक्टिव रिपोर्ट की एक लिस्ट बिहार के एक-एक गाँव तक लोगों के बीच पहुँचा दें ताकि, लोग शराब सेवन से होने वाली मौतों और बीमारियों से अवगत हो सकें. इसके साथ ही वे अपने पास-पड़ोस के लोगों से इसे साझा कर सकें। जीविका दीदियों का भी यह दायित्व है कि वे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाईजेशन की इस रिपोर्ट को लोगों तक पहुंचाए क्यांकि उन्हीं की मांग पर बिहार में शराबबंदी लागू की गयी है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, सड़क दुर्घटना, आपसी कलह जैसे अन्य कई मामलों में कमी आई है इसलिए लोगों को भटकने मत दीजिये. उन्होंने कहा कि शराबबंदी से सबसे अधिक गरीब-गुरबों को फायदा हुआ है और पूरे बिहार में शांति का माहौल कायम है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग वकालत कर लोगों को गुमराह करने में लगे हैं जिसे जानकर हमें आश्चर्य होता है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, मद्य निषेध विभाग की दो दिन पहले ही हमने समीक्षा बैठक की थी जिसमें हमने कहा था कि, शराब के अवैध धंधे में लगे लोग कहाँ, कितने और कैसे पकड़े जा रहे हैं, इसकी समीक्षा कीजिये. उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान हमने यह भी निर्देश दिया था कि ड्राईवर-खलासी से लेकर शराब के कारोबार में लगे धंधेबाजों को भी पकड़िये. उन्होंने कहा कि आई०जी० प्रोहिबिशन का तंत्र विकसित कर करीब डेढ़ सौ कर्मियों की तैनाती भी की गयी है. प्रतिदिन अच्छी-खासी संख्या में शिकायतें दर्ज हो रही हैं साथ ही त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, आई०जी० प्रोहिबिशन को इतनी ताकत दे दी गयी है कि अगर किसी भी थाने द्वारा मामले की इन्क्वायरी ठीक ढंग से नहीं की जा रही है तो उस मामले को वह स्वयं अपने हाथों में लेकर आगे की कारवाई कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार के हर घर में इस वर्ष 25 अक्टूबर को बिजली पहुँचा दी गयी है और हर गाँव में विद्युत पोल पर एक टेलीफोन नंबर भी लिखा गया है, जिसके माध्यम से शराब के अवैध धंधे में लगे लोगों की सूचना कोई भी आदमी अपने मोबाइल के जरिये दे सकता है. सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा और जो कार्रवाई होगी, उस संदर्भ में शिकायतकर्ता से यह भी पूछा जाएगा कि वे कार्रवाई से संतुष्ट हैं या नहीं.

मुख्यमंत्री कुमार ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को निर्देश देते हुए कहा कि, एक-एक चीज पर पैनी नजर रखिये और यदि कोई उच्च अधिकारी भी इस मामले में गड़बड़ी करे तो, उस पर भी त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से मुक्त करने के साथ ही जेल भेजिए. उन्होंने कहा कि शराब का अवैध धंधा करने वाला शान से नहीं बल्कि सिर झुकाकर चलेगा और लोग उस पर थू-थू करेंगे.उन्होंने कहा कि, बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पूरे देश में ऐसी स्थिति आ गयी है कि हर ओर शराबबंदी की मांग तेजी से मुखर होने लगी है.उन्होंने कहा कि, शराबबंदी के बाद भी तीन करोड़ से अधिक टूरिस्ट बिहार आये और दस लाख से ज्यादा पर्यटकों का बिहार आगमन हुआ.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, पहले वर्ष 1000 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ था लेकिन, उसके बाद कोई चिंता ही नहीं रही. उन्होंने कहा कि, अर्थव्यवस्था का आकलन सिर्फ सरकार के खजाने से नहीं बल्कि लोगों की आर्थिक स्थिति से भी किया जाता है. उन्होंने कहा कि डायरेक्टिव प्रिंसिपल और सुप्रीम कोर्ट का फैसला यह साफ कर देता है कि शराब का सेवन कोई मौलिक अधिकार नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि, जो सशक्त अभियान चल रहा है, उसमें निरंतरता बनाये रखिये क्यांकि जो धंधेबाजों के एजेंट हैं, वे लोगों को दिग्भ्रमित करने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से शराबबंदी की आवाज उठने लगी है इसलिए शराब के धंधे में लगे लोग परेशान हैं कि कहीं बिहार जैसी शराबबंदी पूरे देश में लागू न हो जाए. उन्होंने कहा कि न्याय के साथ विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है, इससे कोई समझौता नहीं करेंगे लेकिन जब तक बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से समाज को छुटकारा नहीं मिलेगा, तब तक विकास का पूरा लाभ नहीं मिलेगा.

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पौधा भेंटकर उनका अभिनंदन किया. अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट श्री मानस कुमार साहू ने नशा मुक्ति से संबंधित बालू पर आकृतियां उकेरकर लोगों को जागरूक किया. किलकारी बिहार बाल भवन के बच्चों ने नशा मुक्ति से जुड़े जन जागरूकता गीत की प्रस्तुती दी साथ ही दो छात्राओं पूनम और खुशी ने शराबबंदी के संदर्भ में अपने अनुभव भी  साझा किये. नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर मध निषेध पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई. । इस कार्यक्रम में सभी पंचायतों के मुखिया को भेजे गए संदेश का अनावरण मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से किया. पूर्ण शराबबंदी को स्थायी रूप से प्रभावी बनाने की दिशा में चलाए जा रहे निरंतर अभियान एवं की जा रही कार्रवाइयों में लगे लोगों तथा मद्य निषेध कोषांग के पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया. अधिवेशन भवन में आयोजित नशा मुक्ति दिवस कार्यक्रम का वेबकास्टिंग के माध्यम से बिहार के सभी 38 जिलों में लाइव प्रसारण किया गया. अधिवेशन भवन प्रांगण में शराबबंदी से संबंधित बने सैंड स्कल्पचर एवं लगी प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया.

नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मंत्री मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, आर्थिक अपराध इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक जितेन्द्र सिंह गंगवार, अपर पुलिस महानिदेशक सी०आई०डी० विनय कुमार, निगरानी के अपर पुलिस महानिदेशक सुनील कुमार, आई०जी० प्रोहिबिशन रत्न संजय, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, उत्पाद आयुक्त आदित्य कुमार दास सहित अन्य वरीय अधिकारी, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, जन शिक्षा निदेशालय के अधिकारी, जीविका दीदियाँ एवं किलकारी बिहार बाल भवन के बच्चे उपस्थित थे.