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विश्व के प्रमुख पठार….

पठार की विशिष्टता यह होती है कि वह आस-पास के क्षेत्र से तो ऊंचा होता है, किंतु इसका शीर्ष यानी ऊपरी भाग चौड़ा और सपाट होता है. इसकी चट्टानें अवसादी होती हैं, जो की बलुआ व चूने पत्थर से बनी होती हैं. इसकी ऊंचाई सामान्य रूप से 300 से 900  मीटर के बीच होती है. पठारों को ऊंचाई नहीं, बल्कि आकार के आधार पर मैदानों व पर्वतों से पृथक किया जाता है. सम्पूर्ण धरातल के 33% भाग पर इनका विस्तार पाया जाता हैं.

भू-गर्भिक हलचलें, जिनके कारण कोई समतल भू-भाग अपने समीप वाले धरातल से ऊपर उठ जाता हैं.

ऐसी हलचलें जिनके कारण समीपवर्ती भू-भाग नीचे बैठ जाते हैं तथा कई समतल भाग ऊपर रह जाता हैं.

पर्वतों के निर्माण के समय किसी समीपवर्ती भाग के अधिक ऊपर न उठ पाने के कारण भी पठार का निर्माण होता हैं.

ज्वालामुखी-क्रिया के समय निकले लावा के जमाव से समतल तथा अपेक्षाक्रत उठे हुए भाग का निर्माण होता हैं.

पामीर दुनिया का सबसे ऊंचा पठार है जबकि, तिब्बत का पठार क्षेत्रीय विस्तार की दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़ा पठार है.

नाम                  स्थिति

तिब्बत का पठार    –      हिमालय और क्विनलू (Quinloo) के मध्य

दक्कन का पठार    –       दक्षिण भारत

अरेबियन पठार      –       दक्षिण-पश्चिम एशिया

ब्राजील का पठार    –       दक्षिण अमेरिका (मध्य पूर्व)

मेक्सिको का पठार –       मेक्सिको

कोलंबिया का पठार –       संयुक्त राज्य अमेरिका

मेडागास्कर का पठार –      मेडागास्कर

अलास्का का पठार  –       उत्तरी अमेरिका (उत्तर-पश्चिम)

बोलीविया का पठार –       एण्डीज पर्वत श्रृंखला

ग्रेट बेसिन पठार   –       संयुक्त राज्य अमेरिका

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