विज्ञानों की रानी है गणित…

विज्ञानों की रानी है गणित…

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सोसाइटी के माध्यम से सभी जिला मे बच्चों एवं शिक्षक को गणित के प्रति अभिरुचि जागृत करना.

पुरातन काल से ही सभी प्रकार के ज्ञान-विज्ञान में गणित का स्थान सर्वोपरि रहा है. महान गणितज्ञ गाउस ने कहा था कि गणित सभी विज्ञानों की रानी है. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार जिस प्रकार मोरों में शिखा और नागों में मणि का स्थान सबसे उपर है, उसी प्रकार सभी वेदांग और शास्त्रों मे गणित का स्थान सबसे ऊपर है. आज हम सभी विज्ञान के किसी विषय को पढ़तें है तो उसका मूल गणित ही होता है. अपने दैनिक जीवन में रोजाना ही हम सभी गणित का इस्तेमाल करते हैं जैसे:- समय जाने के लिए, खरीदारी करने के वक्त या किसी भी खेलों को खलते समय उसका परिणाम जान्ने के लिए गणित का ही सहारा लेते है.फिर भी गणित का भुत हम सभी के पीछे पड़ा ही होता है.

वास्तव में देखा जाय तो हिंदी के बाद दूसरा ऐसा विषय गणित ही है जो जीवन के हर भाव को अपने में समाहित किये हुए रहता है. मानव जब तक जीता है तबतक गणित के साथ ही जीता है उसके साथ हर पल चने वाला एक गणित ही होता है और कोई नहीं फिर भी हम सभी गणित से ऐसे दूर भागते है जैसे कि कोई बड़ा पहाड़ यस चट्टान का टुकड़ा गिर रहा हो. बताते चलें कि मानव सभ्यता जितनी पुरानी है उतना ही पुराना गणित भी है. मानव जीवन के विस्तार के साथ-साथ गणित का भी विस्तार हुआ. सभ्यता के इतिहास के पूरे दौर में गुफा में रहने वाले मानव के सरल जीवन से लेकर आधुनिक काल के घोर जटिल एवं बहुआयामी मनुष्य तक आते-आते मानव जीवन में धीरे-धीरे परिवर्तन आया है. इसके साथ ही मानव ज्ञान-विज्ञान की एक व्यापक एवं समृद्ध शाखा के रूप में गणित का विकास भी हुआ है.

गणित मानव मस्तिष्क की उपज है. मानव की गतिविधियों एवं प्रकृति के निरीक्षण द्वारा ही गणित का उद्भव हुआ है. गणित वास्तविक जगत को नियमित करने वाली मूर्त धारणाओं के पीछे काम करने वाले नियमों का अध्ययन करता है. ज्यादातर दैनिक जीवन का गणित इन मूल धारणाओं का ही सार है और इसलिए इसे आसानी से समझा-बूझा जा सकता है. गणित की अपनी अलग ही   भाषा एवं लिपि होती है जिसे पहले जानना-समझना जरूरी होता है. यही कारण है कि दैनिक जीवन से असंबद्धित मानकर इसे समझने की दृष्टि से कठिन माना जाता है. विडंबना यह है कि, ज्यादातर लोग गणित के प्रति विमुखता दिखा कर उससे दूर भागते हैं, जबकि वस्तुस्थिति यह है कि जीवन तथा ज्ञान के हर क्षेत्र में इसकी उपयोगिता है.

बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी के संयोजक सह संयुक्त सचिव डॉ० विजय कुमार बच्चो व शिक्षकों में गणित का डर दूर करने के लिए टीएसटीएम जूनियर व सीनियर ओलम्पियाड का आयोजन किया है. साथ ही साथ राज्य के विभिन्न जिलों में गणितीय कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है. बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी के संयोजक सह संयुक्त सचिव डॉ० विजय कुमार ने बताया कि 12 सितंबर 2019 को लिट्रा वैली विद्यालय में गणित में अभिरुचि रखनेवाले शिक्षकों का कार्यशाला आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला मे माननीय सदस्य विधान पार्षद केदार पाण्डे, संजय कुमार निदेशक बिहार राज्य शिक्षा परियोजना परिषद पटना. प्रो० के० सी० सिन्हा, प्रो० बालगंगा प्रसाद, प्रो० तपन कुमार शांडिल्य प्राचार्य कालेज आफ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइन्स पटना,  प्राचार्य, डॉ० प्रमेनद्र रंजन सिंह, मुखदेव सिंह तत्कालीन राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, डॉ० विजय कुमार संयोजक सह संयुक्त सचिव बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी आदिे विशिष्ट अतिथि होंगें.

बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी के संयोजक सह संयुक्त सचिव डॉ० कुमार ने बताया कि, सोसाइटी के माध्यम से सभी जिला मे बच्चों एवं शिक्षक को गणित के प्रति अभिरुचि जागृत करना एवं फोबिया से दूर करना उद्देश्य है. टैलेंट सर्च टेस्ट इन मैथमेटिकस ओलम्पियाड मे वर्ग 06 एवं 07 के लिए टीएसटीएम जूनियर ओलम्पियाड वर्ग 08 एवं 09  के लिए टीएसटीएम सीनियर ओलम्पियाड में छात्र एवं छात्राएँ को भाग लेने के लिए सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने बताया कि, टीएसटीएम जूनियर व सीनियर ओलम्पियाड का आयोजन 22 सितंबर 2019 को सभी जिलों में आयोजित किये जायेंगे. टीएसटीएम ओलंपियाड के आवेदक का प्रशिक्षण 13-20 सितंबर 2019 तक गणित के शिक्षक के द्वारा दिया जाना है.

इस कार्यशाला मे जिला के सभी गणितय एवं विज्ञान शिक्षक, सभी प्रधानाचार्य, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड संसाधन एवं संकुल संसाधन सेवी को उपस्थित होने का आदेश दिया गया है. साथ ही उनकी उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी. बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी के संयोजक सह संयुक्त सचिव डॉ० कुमार ने बताया कि, इस कार्यशाला के लिए महाविद्यालय के सभी गणितय शिक्षक को आमंत्रित किया गया है.