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वित्त वर्ष की शुरुआत होते ही पेट्रोलियम कम्पनियों ने बिना सब्सिडी, सब्सिडी और व्यावसायिक रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर नया साल तोहफा दिया है. फोटो:-गूगल.

पुराने साल के आखरी दिन रविवार को नेपाल में मौसम की मार से 35 लोगों की मौत हो गई और 400 से अधिक घायल है. बताते चलें कि, वसंत ऋतु में नेपाल में बारिश होती है. वहीं दूसरे दिन हिन्दू पंचाग के अनुसार नया वर्ष के पहले दिन सोमवार को अंडमान निकोबार द्वीप समूह में मध्यम दर्जे वाले भूकम्प के 09 झटके महसूस किये गये.     

वहीं, मौसम विभाग ने भी अपने पुर्वानुमान में बताया है कि, इस बार जबरदस्त गर्मी पड़ेगी साथ ही औसात तापमान सामान्य के मुकाबले 0.5-01 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होगा. नया साल, महीना और नया वित्त वर्ष की शुरुआत होते ही पेट्रोलियम कम्पनियों ने बिना सब्सिडी, सब्सिडी और व्यावसायिक रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर नया साल तोहफा दिया है.

नया वित्त वर्ष के शुरू होते ही टैक्स और इन्वेस्टमेंट से जुड़े कई नियम भी बदल गये हैं. नये वित्तीय  वर्ष की शुरुआत में ही विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ़ बड़ोदा बैंक में विलय हो गया है. वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान जीएसटी 9.02 प्रतिशत अधिक था.   

राज्यों में बीते दिनों 10वीं और 12वीं की परीक्षा हुई थी बच्चों को परीक्षाफल का इन्तजार कर रहे थे. राज्य बिहार ने इस बार इतिहास रचते हुए 44 दिनों के भीतर ही 12वीं की परीक्षा के तीनों स्ट्रिमों के परिणाम जारी कर दिए. 2019 के 12वीं की परीक्षा के परिणामों में बेटियों ने अपना जलवा कायम रखा है. जल्द ही 10वीं की परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए जाएंगें.  

वसंत ऋतु चल रही है और देश में चुनाव का मौसम चल रहा है, विभिन्न पार्टियों द्वारा उम्मीदवार चयन प्रक्रिया अपने शवाब पर चल रही है. देश में इस बार विपक्षियों द्वारा महागठबंधन बनाया गया है उस गठबंधन के कई क्षेत्रीय मुखिया अपने-अपने चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है. इस बार चुनाव आयोग ने चुनौतीपूर्ण तैयारियों के साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया चल रही है. वहीं, चुनाव अयोग ने शोसल मीडिया सहित नेताओं पर भी कानून की लगाम लगाते हुए चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हैं. चुनाव का मौसम होने के कारण ‘चोर’ चांदी काट रहें हैं. गांव हो या शहर हो या राजधानी ही क्यों न हो अपराधिक घटानाओं की तेजी से बढ़ोतरी हो रही है.

चुनावी मौसम में चुनावी रैलीयों के साथ-साथ चुनावी बयानबाजी का दौर शुरू हो रहा है. पक्ष हो या विपक्ष अपनी-अपनी तरह की बयानबाजी कर रहें है. युपी के मुख्यमंत्री ने एक रैली में देश की सेना को ‘पीएम मोदी की सेना’ से सम्बोधित कर फंस गये, अब चुनाव आयोग ने रिपोर्ट माँगा है वहीं दूसरी तरफ केन्द्रीय मंत्री और लोकसभा चुनाव में बक्सर से बीजेपी प्रत्याशी अश्वनी चौबे के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई साथ 150 बीजेपी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पीएम मोदी पिछले चुनावी रैली की ही तरह विपक्ष पर लगातार हमला कर रहें है. उन्होंने ताजा और बड़ा हमला करते हुए कहा कि, इस देश के करोड़ लोगों पर हिन्दु आतंकवाद का दाग लगाने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि, हजारों सालों का इतिहास है कि हिन्दू ने कभी आतंकवाद की एक घटना की है क्या? अंग्रेज इतिहासकारों ने माना है कि, हिदू कभी हिंसक नहीं हो सकता है.

राज्य बिहार में बहुचर्चित भाइयों की जोड़ी और महागठबंधन के नायक और लालू के छोटे लाल से नारज होकर बड़े बेटे ने एक नये मोर्चे का एलान किया है. लालू के बड़े लाल ने कहा है कि, वो अपनी मोर्चा की ओर से अपने ससुर के खिलाफ चुनाव लड़ेंगें. लालू की पार्टी आरजेडी में दोनों बहुचर्चित भाइयों के बीच मतभेद चरम पर चल रहा है. बताते चलें कि, आरजेडी के जन्म से ही परिवारवाद हावी रहा है जो अब बढ़कर पार्टी के साथ-साथ मोर्चा भी बन रहा है.  

अभी हाल ही में भारत द्वारा एंटी सेटेलाईट मिसाइल का सफल परीक्षण किया. भारत के इस सफल परीक्षण के बाद नासा ने फ़िक्र जताते हुए कहा कि, मिशन शक्ति से अन्तरिक्ष में कचरा फैला और अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन और एस्त्रोनोटस को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. देश की सीमा से सटे पड़ोसी देश भारतीय नियन्त्रण रेखा पर लगातार कारवाई करती रहती है. कभी नियन्त्रण रेखा पर गोलीबारी तो कभी ड्रोन या लडाकू जहाज उडाना. वही पड़ोसी देश में लगातार हिदुओं और अल्पसंख्यकों पर जबरन धर्मांतरण करना साथ ही धर्म के नाम पर गंदा घिनौना खेल खेलना.

बीते दिनों पड़ोसी देश के शागिर्दों ने पुलवामा में कायरतापूर्ण हमला किया था उसमे देश के जवान शहीद  हो गए. कायरतापूर्ण हमला करने वाले ही धर्म के नाम पर गंदा घिनौना खेल खेलते है सब्जबाग दिखाते है. एक पड़ोसी देश कायरतापूर्ण हमला करता है तो दूसरा पड़ोसी देश अपने पॉवर का गलत इस्तमाल कर, रास्ते में रोड़ा अटका कर भारत देश को सिसकने के लिए मजबूर करता है. अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दवाब के बाद भी वो देश धर्म के नाम पर गंदा घिनौना खेल खलने वालों का ही साथ देता है.