वर्ल्ड हेरिटेज डे …

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वर्ष 1983 में पहली बार भारत के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्कों ने विश्व विरासत स्थल माना था.

बीता हुआ कल बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है चुकिं, बीता हुआ समय वापस नहीं आता, किंतु अतीत के पन्नों में हमारी विरासत के तौर पर रखी गई निशानीयों को आमतौर पर हम सभी   संजो कर रखते है. हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए निशानीयों के तौर पर तमाम तरह के मक़बरे, मस्जिदें, मंदिर या अन्य चीज़ों का सहारा लिया, जिन्हें हम आने वाले समय में याद रख सकें. लेकिन समय की मार के आगे कई बार उनकी यादों को बहुत ही नुकसान होता है.

उन यादों को अगर सहेज कर ना रखें तो वो अनमोल विरासत हमसे दूर हो जाती है या यूँ कहें कि,उनके अस्तित्व पर संकट (खतरा) पड़ जाता है. इन सब को बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था यूनेस्को की पहल पर एक संधि वर्ष 1972 में लागू की गई जिसका मुख्य काम है विश्व के सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षण प्रदान करना. शुरूआती दौर में तीन श्रेणियों में धरोहरों को शामिल किया गया.

  • प्राकृतिक धरोहर,
  • सांस्कृतिक धरोहर और
  • मिश्रित धरोहर.

इस कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य यह है कि, विश्व के ऐसे स्थलों को चयनित और संरक्षित करना जो सांस्कृतिक या मानवता की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो. ऐसे स्थलों को चयनित करके उन धरोहरों को संरक्षित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना. बताते चलें कि, वर्तमान समय में विश्व के 830 स्थलों को विश्व विरासत स्थल घोषित किया जा चूका है.

बतातें चलें कि, वर्ष 1983 में पहली बार भारत के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्कों ने विश्व विरासत स्थल माना था. ये चार स्थल थे- ताजमहल, आगरा का किला, अजन्ता और एलोरा की गुफाएँ. वर्तमान समय के भारत में अलग-अलग राज्यों के कई ऐसे ऐतिहासिक स्थलों को ‘विश्व विरासत स्थल’ की सूची में शामिल किया गया है.

यूनेस्को द्वारा घोषित किए गए विश्व विरासत में भारत के ऐतिहासिक स्थलों की सूची…

  • अजंता की गुफाएं – महारष्ट्र – 1983.
  • एलोरा की गुफाएं – महारष्ट्र – 1983.
  • आगरा का किला –उत्तर प्रदेश – 1983.
  • ताजमहल – उत्तर प्रदेश – 1983.
  • सूर्य मंदिर – उड़ीसा -1984.
  • महाबलीपुरम स्मारक – तमिलनाडु- 1984.
  • काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान – असम – 1985.
  • केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान – राजस्थान – 1985.
  • मानस वन्यजीव अभ्यारण्य – असम – 1985.
  • चर्च एंड कन्वेन्ट्स ऑफ़ गोवा – गोवा- 1986.
  • खजुराहो का स्मारक – मध्यप्रदेश – 1986.
  • हम्पी का स्मारक – कर्नाटक – 1986.
  • फतेहपुर सीकरी –उत्तर प्रदेश -1986.
  • एलिफंटा की गुफाएं – महारष्ट्र – 1987.
  • ग्रेट लिविंग चोल मंदिर – तमिलनाडु – 1987.
  • पट्टाकल स्मारक – कर्नाटक – 1987.
  • सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान- पश्चिम बंगाल – 1987.
  • नंदा देवी & फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान- उतराखंड -1988
  • बुद्ध स्मारक – सांची(मध्यप्रदेश) – 1989.
  • हुमायूं का मकबरा – दिल्ली – 1993.
  • कुतुबमीनार – दिल्ली – 1993.
  • माउन्टेन रेलवे दार्जिलिंग (कालका, शिमला और नीलगिरी – हिमाचल प्रदेश – 1999.
  • महाबोधि मंदिर – गया (बिहार) -2002.
  • भीमबेट का रॉक आश्रय – मध्यप्रदेश – 2003.
  • छत्रपति शिवाजी टर्मिलनस – महारष्ट्र – 2004.
  • पावागढ़ का पुरातत्व पार्क – गुजरात – 2004.
  • लालकिला – दिल्ली – 2007.
  • जंतर मंतर – राजस्थान – 2010.
  • पश्चिम घाट – कर्नाटक – 2012.
  • पहाड़ी किला – राजस्थान – 2013.
  • रानी की वाव(कुएं) – गुजरात – 2014.
  • हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान – हिमाचल प्रदेश – 2014.
  • नालंदा का खंडहर – नालंदा (बिहार)- 2016.
  • कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान – सिक्किम – 2016.
  • वास्तुकला कार्य ले कार्बुसियर – चंडीगढ़ – 2016.
  • ऐतिहासिक शहर – अहमदाबाद – 2017.
  • विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको एन्सेम्बल – मुम्बई – 2018.