वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मैरी कॉम ने रचा इतिहास…

वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मैरी कॉम ने रचा इतिहास…

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मैरी कॉम विश्व चैम्पियनशिप में छह गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं. फोटो:-गूगल.

रविवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम ( नई दिल्ली) में चल रही 10वीं आईबा महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप्स में मेरी कॉम ने यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप्स में मेरी कॉम ने अपना छठा गोल्ड जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है. बताते चलें कि, मैरी कॉम विश्व चैम्पियनशिप में छह गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं. उनसे पहले आयरलैंड की कैटी टेलर ने ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में 2006  से 2016 के बीच पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे.

बताते चलें कि, मणिपुर की रहनेवाली मेरी कॉम ने बॉक्सिंग ट्रेनिंग के लिए 15 साल की उम्र में अपना घर छोड़कर स्पोर्ट्स अकैडमी (इम्फाल) आ गई. यहां रहकर उन्होंने पढाई के साथ-साथ बॉक्सिंग के हुनर को भी सीखा. मेरी कॉम मनीपुर में एक बॉक्सिंक अकादमी चलाती भी चलाती है जहां वो खुद भी प्रैक्टिस करती हैं. मेरी कॉम की निजी जिंदगी में तीन बच्चे भी है और वो इतने व्यस्त रहने के बाद भी खुद भी प्रैक्टिस करने के साथ-साथ युवा मुक्केबाजों को भी तैयार कर रही हैं.

ज्ञात है कि, मेरी कॉम ने पहली बार साल 2001 में अपना पहला पदक सिल्वर जीता था. इसके बाद उन्होंने 2010 तक पांच गोल्ड अपने नाम कर लिए. करीब आठ सालों तक बॉक्सिंग रिंग से  दूर रही उसके बाद एक बार फिर बॉक्सिंग रिंग में उतर कर छठा गोल्ड अपने नाम करते हुए एक नया इतिहास रच दिया. 2020 में होने वाली ओलिंपिक में मेरी कॉम गोल्ड मेडल की तैयारी कर रहीं है. लंदन ओलिंपिक 2012 में मेरी कॉम को ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा था. मेरी कॉम ने अभी तक 14  गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में रिकॉर्ड छठा खिताब जीतने पर दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम को बधाई दी.