लाल पानी गली–गली

लाल पानी गली–गली

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प्रदेश में शराब बंद कर बिहार के मुख्यमंत्री अपनी पीठ खुद ही थपथपा रहे हैं. बिहार प्रांत में पूर्ण शराब बंदी है, प्रदेश में शराब के साथ पकड़े जाने पर क़ानूनी करवाई की जाती है, फिर भी प्रतिदिन दिन शराब की खेप पकड़ी जा रही है. प्रदेश में शराबियों का आलम ये है कि पहले शराब लाने के लिए दुकानों में जाना पड़ता था, उसके बाद शराब उनके घर पर पहुंचने लगा….लेकिन वर्तमान समय का आलम ये है कि अब शराब हर गली-गली में बिक रही है. एक तरफ प्रदेश के मुख्मंत्री घूम-घूम कर शराब बंदी पर चर्चा कर रहें हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य के हर जिलों में प्रतिदिन सैकड़ो लीटर देशी-विदेशी शराब जब्त किए जा रहें हैं.

जाम के मतवाले शराब बंदी के बाद हर दिन जाम की पार्टी कर रहें हैं……जाम के दीवाने शराब पार्टी के लिए हर वो जगह पर पार्टी कर रही हैं, जिसके वारे में उम्मीद करना बेमानी है. ताजा जानकारी के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय बस पड़ाव के पास निजी नर्सिंग होम के ओपरेशन थियेटर में शराब पार्टी चल रही थी. पुलिस ने अस्पताल को सील कर दिया है. सवाल ये है कि शराब बंदी के बाद भी राज्य में प्रतिदिन शराब की खेप का पकड़ा जाना….ये राज्य सरकार की नाकामी है या यूँ कहें कि प्रशासन का नकारापन है?

राज्य में महागठ्बन्धन की सरकार है,आलम ये है कि राज्य की शासन व्यवस्था दो मुख्यमंत्रीयों के कंधे पर है, फिर भी राज्य सरकार का नकामी व नकारापन के कारण विचौलियो और शराबियों की रात-दिन मदमस्त हो रही है.