राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनो को साकार करने हेतु सबको संकल्प लेना...

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनो को साकार करने हेतु सबको संकल्प लेना चाहिए :- राज्यपाल

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गाँधीजी ने अपने सभी सिद्धांतों और विचारों को अपने आचरण में उतारकर उसकी व्यावहारिकता भी सिद्ध कर दी थी. फोटो:-पीआरडी, पटना.

महामहिम राज्यपाल फागू चौहान ने बुधवार को राजभवन के दरबार हाल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती-वर्षगाँठ के अवसर पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर अपना नमन निवेदित किया. राज्यपाल चौहान ने कार्यक्रम में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व० लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर पर भी माल्यार्पण कर अपनी भावांजलि अर्पित की. इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों में मिष्ठान्न भी वितरित किया. कार्यक्रम में गांधीजी के प्रिय भजनों को भी लोगों ने सुना.

समारोह में राज्यपाल ने ‘महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद्, हैदराबाद’ द्वारा प्रकाशित बापू के स्वच्छता एवं जल-संरक्षण विषयक विचारों से संबंधित कार्य-योजनाओं की नियमावली से संदर्भित दो पुस्तकें – (1) ‘जलशक्ति कैम्पस और जलशक्ति ग्राम’ तथा (2) ‘स्वच्छ कैम्पस’ को लोकार्पित भी किया.

इस अवसर पर बोलते हुए राज्यपाल चौहान ने कहा कि वस्तुतः राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जयन्ती की ‘150वीं वर्षगाँठ’ आयोजित कर हम गांधीजी के आदर्शों में अपनी आस्था प्रकट करने के साथ-साथ, मौजूदा ज्वलंत समस्याओं के समाधान तलाशने पुनः उनकी शरण में जाना चाहते हैं.

राज्यपाल ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहा करते थे कि उनका जीवन-दर्शन अलग से कोई दार्शनिक सिद्धांत या ‘वाद’ नहीं है, बल्कि यह तो जीवन में सत्य के आधार किए गये उनके प्रयोगों का ही सार-तत्व है. वे साफ-साफ कहते थे कि मेरा जीवन ही मेरा सिद्धांत है. राज्यपाल चौहान ने कहा कि गाँधीजी ने अपने कर्मों के माध्यम से ही सम्पूर्ण मानवता को संदेश दिया. वह संदेश चाहे ‘सत्य-अहिंसा’ का हो, ‘स्वदेशी’ का हो, नैतिक-मूल्यों का हो, स्वच्छता का हो, ‘ग्राम-स्वराज’ का हो, नशा-उन्मूलन का हो, भारतीय संस्कृति से जुड़ी शिक्षा-व्यवस्था का हो या दलितोद्धार एवं अन्य सामाजिक-सुधार के कार्यक्रमों का हो. गाँधीजी ने अपने सभी सिद्धांतों और विचारों को अपने आचरण में उतारकर उसकी व्यावहारिकता भी सिद्ध कर दी थी.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि गाँधीजी ने स्वच्छता और सफाई पर बहुत जोर दिया था. वे स्वावलम्बन के सिद्धांत पर विश्वास करते थे. राज्यपाल ने कहा कि लोकार्पित हुई पुस्तकों के आलोक में सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को स्वच्छता, सफाई एवं जल-संरक्षण के लिए संकल्पित होने को कहा जाएगा. यह अभियान शिक्षकों-छात्रों-छात्राओं आदि के सामूहिक प्रयासों से ही सफल होगा. राज्यपाल चौहान ने कहा कि स्वच्छता, सफाई, जल-संरक्षण जैसे बापू के संदेशों को अपने जीवन में उतार कर ही हम बापू की ‘150वीं जयन्ती वर्षगाँठ’ पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकेंगे. उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को जल-संरक्षण, स्वच्छता, सफाई आदि के लिए निश्चित रोड-मैप बनाकर कार्य करने में आज लोकार्पित हुई पुस्तिका से काफी मदद मिलेगी. सभी विश्वविद्यालयों को ‘नेशनल सर्विस स्कीम’, ‘स्वच्छता एक्शन प्लान’ तथा ‘उन्नत भारत अभियान’ से अपने को जोड़कर एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित होने हेतु दृढ़संकल्प लेना चाहिए, ताकि राष्ट्रपिता के सपने को हम साकार कर सकें और स्वयं भी गौरवान्वित महसूस कर सकें.

कार्यक्रम में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद्, हैदराबाद के सहायक निदेशक डी०एन० दास ने संस्थान की तरफ से महामहिम राज्यपाल को अंगवस्त्रम् एवं स्मति-चिह्न भेंट कर उनका अभिनन्दन किया और लोकार्पित पुस्तकों पर प्रकाश डाला.

कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा को भी सहायक निदेशक दास ने स्मृति-चिह्न भेंट किया. कार्यक्रम में अपर सचिव विजय कुमार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् के अधिकारी डी० शिवा, राज्यपाल सचिवालय के सभी अधिकारीगण आदि भी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन राज्यपाल के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ० एस० के० पाठक ने किया.