राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार एवं व्यंग्य-लेखक डॉ॰ शेरजंग गर्ग के निधन पर...

राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार एवं व्यंग्य-लेखक डॉ॰ शेरजंग गर्ग के निधन पर शोक-संवेदना व्यक्त की…

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उनके व्यंग्य-लेखों के विषय भी सामायिक विषयों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहते थे. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

सोमवार को राज्यपाल लाल जी टंडन ने सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार और व्यंग्य-लेखक डॉ॰ शेरजंग गर्ग के निधन पर अपनी शोक-संवेदना व्यक्त की है.

राज्यपाल टंडन ने अपने शोकोद्गार में कहा है कि, स्व० डॉ० शेरजंग गर्ग ने भारत में ग़ज़ल विधा को एक नई ऊँचाई दी और उसे जन-सरोकारों से जोड़ने में भी अग्रणी भूमिका निभायी है. ‘स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी कविता में व्यंग्य’ विषय पर शोध-प्रबंध प्रस्तुत करनेवाले डॉ० गर्ग ने ‘व्यंग्य आलोचना के प्रतिमान’ नामक एक गंभीर आलोचना-पुस्तक भी लिखी. उन्होंने व्यंग्य ग़ज़लों और शिशु गीतों की भी खूब रचना की. उनके व्यंग्य-लेखों के विषय भी सामायिक विषयों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहते थे. कई मौलिक गद्य-पद्य रचनाओं का प्रणयन करने के साथ-साथ, डॉ० गर्ग ने कई संकलनों का संपादन भी किया.

राज्यपाल टंडन ने कहा है कि स्व० डॉ० शेरजंग गर्ग के निधन से भारतीय साहित्य को अपूरणीय क्षति हुई है. राज्यपाल टंडन ने दिवंगत साहित्यकार की आत्मा को चिरशांति तथा उनके परिजनों और प्रशंसकों को धैर्य-धारण की क्षमता प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है.