राज्यपाल ने सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग-2019’ का उद्घाटन किया…

राज्यपाल ने सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग-2019’ का उद्घाटन किया…

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इस आयोजन में प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन कर बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक विविधता की इन्द्रधनुषी छटा बिखेरते हैं. फोटो:-पीआरडी, पटना.

शुक्रवार को महामहिम राज्यपाल फागू चौहान ने स्थानीय पाटलिपुत्र खेल परिसर, पटना में आयोजित बिहार राज्य अन्तर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग-2019’ कार्यक्रम का झंडोत्तोलन व दीप-प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुये कहा कि, ‘‘किसी भी देश या प्रान्त की सांस्कृतिक समृद्धि पर ही उसकी समग्र उन्नति निर्भर करती है. बिहार की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत भी अत्यन्त समृद्ध रही है. माँ जानकी, भगवान बुद्ध, तीर्थंकर महावीर, दशमेश गुरू गोविन्द सिंह जी महाराज सहित अनेक दिव्य विभूतियों, महापुरूषों, मनीषियों, त्यागियों-तपस्वियों, गुणीजन-कलाकारों एवं शिक्षाविदों की जन्मभूमि और कर्मभूमि होने का गौरव इस पावन भूमि को प्राप्त है. बिहार की गौरवशाली धरती के कण-कण में संस्कृति का सुवास व्याप्त है”.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बिहार के विश्वविद्यालयों में अपने सपने को साकार करने के लिए साधनारत युवा पीढ़ी के अंदर छिपी साहित्यिक, सांस्कृतिक और कलागत संभावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए समुचित मंच उपलब्ध कराना है. इस आयोजन में प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन कर बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक विविधता की इन्द्रधनुषी छटा बिखेरते हैं. उन्होंने कहा कि यह आयोजन वस्तुतः बिहार की कला-संस्कृति की महनीय विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का भी एक महत्त्वाकांक्षी प्रयास है. साल-दर-साल प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या ‘तरंग’ के प्रति युवा पीढ़ी के बढ़ते आकर्षण की गाथा स्वयं सुना रही है. राज्यपाल चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि इस स्पर्धा में भाग लेने वाले प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्र की कलात्मक विशेषताओं को एक-दूसरे से साझा कर ‘विविधता में एकता’ संबंधी भारतीय परिकल्पना को साकार करने में सक्षम होंगे.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि आज देश नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है. विश्व भारतीय नेतृत्व की ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है. युवा भारत के सपनों को साकार करने की भरपूर क्षमता विश्वविद्यालयों के युवाओं में ही है, जो आज अशेष ऊर्जा से परिपूर्ण, शक्ति से सम्पन्न और कल्पनाओं से युक्त इस कार्यक्रम में मेरे सामने बैठे हैं.

राज्यपाल ने इस भव्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० गुलाब चन्द राम जायसवाल एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आये कुलपतियों और सभी पदाधिकारियों, ‘तरंग’ के प्रतिभागियों, दल-प्रबंधकों, निर्णायकों और आयोजन को सफल बनाने में तत्परता से लगे सभी लोगों को बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान की. इस क्रम में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की ओर से प्रकाशित स्मारिका ‘पाटलिपुत्र की विरासत’, विश्वविद्यालय पत्रिका ‘पाटली-प्रज्ञा’ एवं ‘न्यूज लेटर’ का विमोचन भी महामहिम के कर-कमलों द्वारा किया गया. इसके साथ ही महामहिम द्वारा यह भी घोषणा की गई कि बिहार राज्य अन्तर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव ‘‘तरंग-2020’’ के अगले वर्ष का आयोजन मगध विश्वविद्यालय, बोधगया द्वारा किया जायेगा.

समारोह में राज्य के शिक्षा मंत्री कृष्णनन्दन प्रसाद वर्मा, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण,राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, आयोजन-समिति के पदाधिकारीगण, विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, प्राध्यापकगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा बिहार के कला-संस्कृति पर आधारित मनोरम झाँकिया निकाली गई, जिसमें प्रथम स्थान मिथिला विश्वविद्यालय, दूसरा स्थान पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय एवं पटना विश्वविद्यालय (संयुक्त रूप से) तथा तृतीय स्थान वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा को प्राप्त हुआ. स्वागत एवं आगत अतिथियों का अभिनन्दन कुलपति, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय प्रो० जी० सी० आर० जायसवाल तथा धन्यवाद-ज्ञापन कुलसचिव प्रो० के० के० सिंह द्वारा किया गया.