राज्यपाल ने ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ के लिए राजभवन से 11लाख...

राज्यपाल ने ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ के लिए राजभवन से 11लाख रूपये देने की घोषणा की…

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जो विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय ‘नैक-मूल्यांकन’ में अपेक्षित अभिरूचि नहीं लेंगे, उनकी प्रगति रूक जायेगी और उन्हें विभिन्न माध्यमों से समुचित वित्तीय सहयोग नहीं मिल पाएगा. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार को राज्यपाल लाल जी टंडन ने की अध्यक्षता में ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस समिति’ की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक राजभवन में सम्पन्न हुई. बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल टंडन ने कहा कि सैनिकों के कल्याण की योजनाओं की सतत् सम्यक् समीक्षा की जानी चाहिए, साथ ही ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ में राशि-संग्रहण को गति प्रदान किया जाना जरूरी है.

राज्यपाल टंडन ने ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ के लिए राजभवन, बिहार, पटना की तरफ से 11 लाख रूपये दिये जाने की भी घोषणा की तथा कहा कि सभी विश्वविद्यालयों, सरकारी-गैर सरकारी संगठनों/विभागों, शिक्षण-संस्थाओं आदि को पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उक्त कोष में राशि जमा करनी चाहिए.

बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल टंडन ने कहा कि भारत की वीरता, राजनीतिक नेतृत्व की मजबूती, कार्य-कुशलता और नागरिकों की देशभक्ति को पूरा विश्व पूरे सम्मान के साथ आज देख रहा है. देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा में सदैव तत्पर रहनेवाले सैनिकों के कल्याण के लिए अर्थ-दान  का अगर सौभाग्य हमें मिलता है तो यह हमारे लिए अत्यन्त गौरव की बात है. राज्यपाल टंडन ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, सभी सरकारी विभागाध्यक्षों, गैर सरकारी एवं स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षण-संस्थाओं आदि को सैनिक कल्याण के लिए धन-संग्रह करने हेतु अभिप्रेरित करने का अनुरोध किया.उन्होंने कहा कि, नयी प्रेरणा, नये उत्साह और कर्त्तव्यबोध से परिपूर्ण होकर देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहनेवाले तथा अपनी शहादत देनेवाले सैनिकों के कल्याण के लिए हमें सम्मानपूर्वक सहयोग राशि जमा करनी चाहिए.

बैठक के दौरान राज्यपाल टंडन ने वर्ष 2016-17 (07 दिसम्बर, 2016 से 06 दिसम्बर, 2017 की अवधि) तथा वर्ष 2017-18 (07 दिसम्बर, 2017 से 06 दिसम्बर, 2018 की अवधि) के बीच सर्वोच्च संग्रह करनेवाले प्रमंडल, विश्वविद्यालय, जिला, महाविद्यालय एवं सरकारी विभाग / संस्थान / उपक्रम आदि को राज्यपाल ने ट्रॉफी भी प्रदान किया.

राज्यपाल ने 2016-17 के लिए सर्वोच्च संग्रह करनेवाले पूर्णिया प्रमंडल (11.93 लाख रूपये), बी॰एन॰ मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा (09.14 लाख रूपये), मोतिहारी जिला (5.07 लाख रूपये), आर॰एल॰एस॰वाई॰ महाविद्यालय, बेतिया (49 हजार रूपये) तथा बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड, बिहार, पटना (6.39 लाख रूपये) को तथा वर्ष 2017-18 के लिए सर्वोत्तम संग्रह करनेवाले दरभंगा प्रमंडल (10.90 लाख रूपये), वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा (5.05 लाख रूपये), मधुबनी जिला (7.37 लाख रूपये), एस॰बी॰ महाविद्यालय, आरा (69 हजार रूपये) तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (10.19 लाख रूपये) को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया.

इसी तरह 2016-17 एवं 2017-18 में ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ में धन-संग्रह में सराहनीय कार्य करने के लिए टी०एन० बिन्धेश्वरी (तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णिया), प्रो० (डॉ०) अवध किशोर राय (कुलपति, बी०एन० मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा), अनुपम कुमार (तत्कालीन जिला पदाधिकारी,मोतिहारी), इश्तेयाक शम्स(तत्कालीन प्राचार्य,आर०एल०एस॰वाई०महाविद्यालय, बेतिया), राजीव रंजन सिन्हा (महाप्रबंधक, बिहार स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड), मयंक बरबड़े (प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा), डॉ॰ सैयद मुमताजुद्दीन (तत्कालीन कुलपति, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा), शीर्षत कपिल अशोक (जिला पदाधिकारी, मधुबनी), डॉ॰ अनिल कुमार सिन्हा (प्राचार्य, एस॰बी॰ महाविद्यालय, आरा), आदित्य कुमार दास (आयुक्त, उत्पाद-सह-निबंधन महानिरीक्षक) को भी स्मृति-चिह्न प्रदान किया.

बैठक में आगामी वर्ष के लिए लक्ष्य का निर्धारण करते हुए ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ तथा अन्य कार्यक्रमों आदि के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को और अधिक संख्या में आयोजित कराते हुए कोष में अधिकाधिक राशि जमा कराने का निर्णय लिया गया.

बैठक को राज्य के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि सैनिक कल्याण निदेशालय ‘सशस्त्र सेना झंड दिवस कोष’ में अधिकाधिक राशि संग्रह करने हेतु हरसंभव प्रयास करेगा. बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि अपनी जवानी को देश के लिए  अर्पित कर देने वाले अमर शहीदों और सैनिकों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयत्न करना हमारा नैतिक कर्त्तव्य है. बैठक को एन०सी०सी० के ए०डी०जी० ने भी संबोधित किया.

कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, कुलपति, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी, प्राचार्य, प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित थे.