राज्यपाल ने विश्वविद्यालयवार समीक्षा का निर्णय लिया…

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयवार समीक्षा का निर्णय लिया…

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राज्यपाल सह कुलाधिपति ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए बी०आर०ए० बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के कुलपति को इसी विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्राधिकृत किया है. :-फोटो :- जेपी

शुक्रवार को महामहिम राज्यपाल फागू चौहान ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं कार्यों की समीक्षा हेतु विश्वविद्यालयवार पृथक-पृथक समीक्षा का निर्णय लिया है. राज्यपाल चौहान के निदेशानुरूप राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने सितम्बर माह के पूर्वार्द्ध में विश्वविद्यालयों की समीक्षा किए जाने की सूचना संबंधित कुलपतियों को पत्र लिखकर दे दी है.

आगामी 04 सितम्बर 2019 को पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की कार्य-प्रगति की समीक्षा होगी, जबकि 06 सितम्बर को जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा एवं मगध विश्वविद्यालय, बोधगया की समीक्षा होगी. 07 सितम्बर को मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर, बी०आर०ए० बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर तथा पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया की कार्य-प्रगति की समीक्षा होगी. समीक्षा के अंतिम दिन दिनांक 09 सितम्बर, 2019 को बी०एन० मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा एवं तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर की गतिविधियों की समीक्षा होगी.

समीक्षा-बैठकों में संबंधित कुलपतियों को ‘पावर प्रेजेन्टेशन’ के माध्यम से अपने विश्वविद्यालय की विभिन्न अकादमिक एवं पाठ्यक्रमेतर गतिविधियों / विषयों पर तथ्यपरक एवं सूचनात्मक विवरण उपस्थापित करना होगा.

राज्यपाल सह कुलाधिपति के निदेशानुरूप राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को विदित कर दिया है कि ‘पावर प्रेजेन्टेशन’ में लंबित परीक्षाओं के आयोजन एवं एकेडमिक कैलेण्डर के अनुपालन, यू०एम०आई०एस० के कार्यान्वयन, शोध-कार्यो की अद्यतन स्थिति, वृक्षारोपण एवं वर्षा जल-संचयन परियोजना के कार्यान्यवन, ‘बी०एड०’ एवं ‘हेड’ पोस्ट के अनुश्रवण की स्थिति, ऑनलाइन डिग्री-वितरण की स्थिति, महाविद्यालयों को सम्बद्धता प्रदान किए जाने की स्थिति, बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का अनुश्रवण, महिला महाविद्यालयों के लिए माँग-प्रस्तुति, पुस्तकालयों एवं प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु संचारित आबंटनों की व्यय-स्थिति, गेस्ट फेकेल्टी की नियुक्ति, सोलर इनर्जी उपकरणों की संस्थापना तथा खेलकूद के कार्यक्रम ‘एकलव्य’ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘तरंग’ की आयोजनगत तैयारियों आदि विषयों पर तथ्यपरक जानकारियाँ उपलब्ध करायी जानी चाहिए ताकि उनकी सम्यक् समीक्षा हो सके. राज्यपाल सचिवालय ने अपेक्षा की है कि आधारभूत संरचना-विकास हेतु शिक्षा विभाग को समर्पित प्रस्तावों का भी उल्लेख विश्वविद्यालय अपने ‘प्रस्तुतीकरण’ में करेंगे.

‘गाँवों को गोद लिये जाने’ के कार्यक्रम, पेंशन एवं सीमांत-लाभों से जुड़े मामलों के निस्तारण, शिकायत-निवारण विषयक मामलों के निष्पादन, ‘खेलो इंडिया’ परियोजना, लंबित न्यायालयीय मामलों, महिला शौचालयों के निर्माण, छात्र-संघों के चुनाव, ‘गाँधी जयन्ती’ (02 अक्टूबर) से संदर्भित ‘स्वच्छता अभियान’, ‘नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी’ (NDL) नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी (NAD) आदि की सम्यक् व्यवस्था आदि विन्दुओं को भी समीक्षा हेतु ‘प्रस्तुतीकरण’ में शामिल किए जाने का निदेश कुलपतियों को दिया गया है.

महामहिम राज्यपाल ने उम्मीद जाहिर की है कि विश्वविद्यालयवार समीक्षा से उच्च शिक्षा में गुणवत्ता-विकास के प्रयासों को गति मिल सकेगी.