राज्यपाल ने मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय के शैक्षणिक...

राज्यपाल ने मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय के शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की…

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शैक्षणिक एवं एकेडमिक कैलेण्डर का अनुपालन विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. फोटो:-पीआरडी, पटना.

सोमवार को महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई. बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा तथा उक्त दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव सहित विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्यपाल सचिवालय के सभी संबंधित वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे.

बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल चौहान ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता-विकास हेतु निर्धारित एजेन्डे पर तेजी से अमल करना होगा. उन्होंने कहा कि, शैक्षणिक एवं एकेडमिक कैलेण्डर का अनुपालन विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति के लिए निर्धारित मानक अत्यन्त स्पष्ट हैं, जिनपर विश्वविद्यालयों को तत्परतापूर्वक कार्य करना है और राष्ट्रीय स्तर पर अपने को बेहतर रूप में सिद्ध करना है.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सभी ‘ज्ञान संसाधन केन्द्रों’ (Knowledge Resource Centeres) को आधुनिक रूप में विकसित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी के॰ आर०सी० की आधारभूत संरचना शीघ्र विकसित की जाये तथा वहाँ के पुस्तकालयों एवं प्रयोगशालाओं को भी शीघ्र सुदृढ़ीकृत किया जाये. राज्यपाल ने सभी ज्ञान-संसाधन केन्द्रों की व्यापक समीक्षा के लिए भी अपने अपर मुख्य सचिव को निदेशित किया.

समीक्षा के दौरान स्पष्ट हुआ कि मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र समय पर संचालित हो रहा है और यहाँ कोई भी परीक्षा विलंबित नहीं है. समीक्षा में यह बात सामने आयी कि विश्वविद्यालय मुख्यालय में संस्थापित दोनों बायोमैट्रिक उपकरण सही रूप में कार्यरत हैं. विश्वविद्यालय ने विभिन्न फंडिंग एजेन्सियों को मई 2019 तक का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भेज दिया है.

कुलपति ने बैठक में बताया कि विश्वविद्यालय के मीठापुर में बन रहे विश्वविद्यालय परिसर व भवन में जल-संचयन एवं सौर-ऊर्जा संचालित प्रकाश-व्यवस्था से जुड़ी योजनाएँ कार्यान्वित की जा रही हैं. शिकायती अभ्यावेदनों में 10 के विरूद्ध 5 को अंतिम रूप से निस्तारित कर देने की बात कुलपति ने बतायी. समीक्षा के दौरान न्यायालयीय मामलों के निस्तारण कराने में भी विश्वविद्यालय की सक्रियता पर संतोष व्यक्त किया गया. कुलपति ने बैठक में जानकारी दी कि (National Acdemic Depository) को अंगीकार करने के लिए विगत जुलाई 2019 महीने में ही समझौता-पत्र हस्ताक्षरित हो चुका है.

नालंदा खुला विश्वविद्यालय की समीक्षा के दौरान कुलपति ने बताया कि नालंदा में नालंदा खुला विश्वविद्यालय के भवन-निर्माण के लिए उपलब्ध कराये गये भू-खंड पर चारदीवारी निर्माण का काम पूरा किया जा चुका है एवं उम्मीद की जाती है कि आगामी अगस्त 2020 तक प्रशासनिक भवन के निर्माण का काम भी कार्यकारी एजेन्सी द्वारा पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति को जानकारी दी कि उनके विश्वविद्यालय में नामांकन-शुल्क में छात्राओं को 25 प्रतिशत की छूट दी जाती है. कुलपति गुलाब चन्द राम जायसवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के अधीन सम्प्रति 213 अध्ययन केन्द्र कार्यरत हैं एवं 87 नये अध्ययन केन्द्रों की स्थापना हेतु आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. उन्होंने जानकारी दी कि बेऊर कारावास के कैदियों को भी अध्ययन-सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से एन०ओ०यू० द्वारा वहाँ एक ‘अध्ययन केन्द्र’ संचालित किया जा रहा है. कुलपति ने बताया कि ‘इग्नू’ की तुलना में काफी कम शुल्क में विश्वविद्यलय दूरस्थ उच्च शिक्षा विद्यार्थियों को उपलब्ध करा रहा है.

कुलाधिपति सह राज्यपालचौहान ने एन०ओ०यू० के कुलपति को गुणवत्तापूर्ण स्टडी-मेटेरियल विद्यार्थियों को उपलब्घ कराने का निदेश दिया एवं कुशल शिक्षकों और बेहतर पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए शिक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा.

समीक्षा-बैठक में यह बात स्पष्ट हुई कि विश्वविद्यालय के ‘विस्कोमान’ स्थित भवन में परीक्षा-सह-कॉन्सिलिंग कक्षाओं में 22 सी०सी०टी०वी० कैमरे ठीक ढंग से संचालित हो रहे हैं. यहाँ के पुस्तकालय में लगभग 55 हजार पुस्तकों के संधारण की भी बात कुलपति द्वारा बतायी गयी.

बैठक में नालंदा खुला विश्वविद्यालय का वर्ष 2019 का ‘दीक्षांत-समारोह’ आगामी 11 दिसंबर, 2019 को आयोजित करने हेतु की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की गई. दोनों विश्वविद्यालयों में ‘University Management Information System’ की कार्यान्वयन-स्थिति पर भी बैठक में चर्चा हुई.