राज्यपाल ने तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के आकस्मिक निधन पर...

राज्यपाल ने तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के आकस्मिक निधन पर शोक-संवेदना व्यक्त की…

7
0
SHARE
प्रो॰ झा ने विगत 23 मार्च 2017 को तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के कुलपति पद का दायित्व सँभाला था. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

सोमवार की दोपहर राज्यपाल सचिवालय में आयोजित एक शोक-सभा में दो मिनट का मौन रखकर स्व॰ प्रो॰ झा की दिवंगत आत्मा की चिरशांति के लिए प्रार्थना की गई, जिसमें राज्यपाल सचिवालय के वरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित थे.

राज्यपाल  लाल जी टंडन ने तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के कुलपति प्रो॰ नलिनी कांत झा के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने अपने शोकोदगार में कहा है कि प्रो॰ झा एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद, विद्वान प्राध्यापक, प्रबुद्ध राजनीतिक विचारक और कई महत्त्वपूर्ण पुस्तकों के लेखक थे. भारत की विदेश नीति पर लिखित उनकी पुस्तकें काफी महत्त्वपूर्ण हैं.

राज्यपाल टंडन ने कहा है कि प्रो॰ झा के निधन से राज्य के शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. राज्यपाल टंडन ने दिवंगत आत्मा को चिरशांति तथा शोक-संतप्त उनके परिजनों को दारूण दुःख की इस घड़ी में धैर्य-धारण की क्षमता प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है.

बताते चलें कि, सोमवार को तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के कुलपति प्रो॰ नलिनी कांत झा का निधन हो गया है. प्रो॰ झा ने विगत 23 मार्च 2017 को तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के कुलपति पद का दायित्व सँभाला था. राजनीतिशास्त्र के विद्वान प्रो॰ नलिनीकांत झा ने राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्व की लगभग दर्जनभर पुस्तकें लिखी थीं, जिनमें कुछ प्रमुख किताबों के नाम हैं-

  1. ‘Neighbourhood Initiatives Of Modi Government-Challenges and Road              Map’
  2. India’s Foregin Policy-Emerging Challenges
  3. Democracy Nation Building & Peace In South Asia

उन्होंने एम॰फिल॰ एवं पी॰एच॰डी॰ की डिग्री जे॰एन॰यू॰ नई दिल्ली से हासिल की थी और वो विभिन्न राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षणिक / सांस्कृतिक संस्थाओं के सदस्य भी थे तथा उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान / पुरस्कार आदि भी प्राप्त हुए थे.