राज्यपाल ने ‘‘क्वालिटी इन हायर एजुकेशन -इसूज एण्ड चैलेन्जेज’’ नामक पुस्तक को...

राज्यपाल ने ‘‘क्वालिटी इन हायर एजुकेशन -इसूज एण्ड चैलेन्जेज’’ नामक पुस्तक को लोकार्पित किया….

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राज्य के विश्वविद्यालयों में कुछ प्रतिष्ठित महाविद्यालयों को इस रूप में विकसित किया जाना चाहिए कि वे देश के सर्वोत्कृष्ट महाविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की सूची में शुमार हो सकें. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

सोमवार को महामहिम राज्यपाल लाल जी टंडन ने राजभवन में प्रो॰ तपन कुमार शांडिल्य एवं तान्या शर्मा द्वारा सम्पादित पुस्तक ‘‘क्वालिटी इन हायर एजुकेशन -इसूज एण्ड चैलेन्जेज’’ (Quality in Higher Education –Issues and Challenges) को लोकार्पित किया. इस पुस्तक दिल्ली के प्रकाशक शांडिल्य पब्लिकेशन ने प्रकाशित की है.

इस अवसर पर राज्यपाल टंडन ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा में सुधार-प्रयासों को और अधिक तत्परता और तेजी से कार्यान्वित किया जाएगा. राज्यपाल टंडन ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों में कुछ प्रतिष्ठित महाविद्यालयों को इस रूप में विकसित किया जाना चाहिए कि वे देश के सर्वोत्कृष्ट महाविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की सूची में शुमार हो सकें. राज्यपाल ने कहा कि राज्य में अंगीभूत कॉलेजों का ‘नैक-प्रत्ययन’, विश्वविद्यालयों में “University Management System – UMIS” का कार्यान्वयन प्राथमिकतापूर्वक सुनिश्चित करने को कहा गया है. राज्यपाल ने कहा है कि आज लोकार्पित हुई पुस्तक ‘उच्च शिक्षा में गुणवत्ता-विकास’ की महत्वपूर्ण चुनौतियों को समझने तथा उनका सामना करने के तौर-तरीकों के बारे में समुचित जानकारी उपलब्ध करायेगी. राज्यपाल ने इस पुस्तक के सम्पादन के लिए तान्या शर्मा एवं प्राचार्य प्रो॰ तपन कुमार शांडिल्य को बधाई दी तथा उन सभी लेखकों को भी धन्यवाद दिया, जिनके आलेख इस पुस्तक में समाहित हैं. ज्ञातव्य है कि इस पुस्तक में जिन लेखकों के लेख संकलित किए गए हैं, वे सभी स्थानीय कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एण्ड साइंस के प्राध्यापक हैं.

इस अवसर पर पुस्तक के संपादक और स्थानीय कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एण्ड साइंस के प्राचार्य प्रो॰ तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि इस पुस्तक में नैक प्रत्ययन की प्रक्रिया, भूमंडलीकरण के युग में उच्च शिक्षा, वर्चुअल लर्निंग, व्यक्तित्व विकास में उच्च शिक्षा की भूमिका, राष्ट्रीय विकास में उच्च शिक्षा की भूमिका, भारत में उच्च शिक्षा -चुनौतियाँ और सुझाव, उच्च शिक्षा की प्रासंगिकता, बिहार में उच्च शिक्षा का परिदृश्य, बिहार में महिला शिक्षा का बदलता परिदृश्य, उच्च शिक्षा में पं॰ मदन मोहन मालवीय की भूमिका जैसे कुल 26 महत्वपूर्ण विषयों पर अत्यन्त उपयोगी, ज्ञानवर्द्धक और सारगर्भित आलेख शामिल किए गए हैं. उन्होंने कहा कि ये सभी आलेख अत्यन्त प्रासंगिक एवं संबंधित विषय के विशेषज्ञ प्राध्यापकों द्वारा लिखे गए हैं.

इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापक प्रो०ए०के० नाग, प्रो० ए०के० भास्कर, डॉ॰ मृदृला कुमारी, डॉ० संजय पाण्डेय एवं डॉ० संतोष कुमार भी उपस्थित थे.