राज्यपाल ने कुलपतियों एवं प्रतिकुलपतियों के लिए प्रशासकीय सेवा-शर्त्तों से संबंधित परिनियम...

राज्यपाल ने कुलपतियों एवं प्रतिकुलपतियों के लिए प्रशासकीय सेवा-शर्त्तों से संबंधित परिनियम को अपनी स्वीकृति प्रदान की…

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अखिल भारतीय सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की भाँति कुलपतियों/प्रतिकुलपतियों को भी हवाई यात्राओं की सुविधाएँ प्राप्त होंगी. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

गुरुवार को महामहिम राज्यपाल लाल जी टंडन ने कुलपतियों एवं प्रतिकुलपतियों के लिए प्रशासकीय सेवा शर्त्तों एवं सुविधाओं से संबंधित परिनियम (Statute) को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है. ज्ञातव्य है कि पुराने परिनियम में स्पष्टता तथा वर्तमान आवश्यकता एवं समय के अनुरूप संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसके मद्देनजर उक्त परिनियम को महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति द्वारा स्वीकृति दी गई है. इस परिनियम पर राज्य के शिक्षा विभाग एवं वित्त विभाग की भी सहमति प्राप्त है.

स्वीकृत परिनियम के अनुसार अखिल भारतीय सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की भाँति कुलपतियों/प्रतिकुलपतियों को भी हवाई यात्राओं की सुविधाएँ प्राप्त होंगी. डी०ए०/होटल चार्जेज/टैक्सी चार्जेज आदि भी राज्य सरकार में प्रतिनियुक्त अखिल भारतीय सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुरूप होंगी. कुलपतियों/प्रतिकुलपतियों को अ०भा०से० के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुरूप विद्युत एवं जलापूर्ति की सुविधा विश्वविद्यालयों द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा. उन्हें राज्य सरकार के अनुरूप मँहगाई-भत्ता भी मिलेगा. ईंधन एवं चालक सहित स्टाफ कार की सुविधा भी इन्हें उपलब्ध होगी. विश्वविद्यालय प्रशासन में पूर्व से वाहन उपलब्ध नहीं रहने पर, ‘बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम’ द्वारा निर्धारित दर पर भाड़े पर भी वाहन इनके लिए लिये जा सकेंगे. राज्य सरकार की भाँति कुलपतियों/प्रतिकुलपतियों को आतिथ्य सत्कार भत्ता भी प्राप्त हो सकेगा.

स्वीकृत परिनियम के अनुसार प्रतिकुलपतियों को कुलपति द्वारा एवं कुलपतियों को कुलाधिपति-सह-राज्यपाल द्वारा अवकाश स्वीकृत किये जायेंगें. विदेश-दौरे के लिए कुलपतियों/प्रतिकुलपतियों को राज्य सरकार की अनुमति प्राप्त करनी होगी, जबकि विदेश दौरों के लिए अवकाश की स्वीकृति कुलाधिपति-सह-राज्यपाल द्वारा प्रदान की जायेगी. उपार्जितावकाश की गणना विश्वविद्यालयीय नियमों के अनुरूप होगी. चिकित्सा-प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) की प्राप्ति अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के अनुरूप होगी. कर्त्तव्य-अवकाश (Duty Leave) कैलेण्डर वर्ष में अधिकतम 16 दिनों के लिए अनुमान्य होगा.

राज्यपाल-सह-कुलाधिपति की स्वीकृति के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों में कार्यरत कुलपतियों एवं प्रतिकुलपतियों के लिए सेवा शर्त्तों और सुविधाओं में और अधिक स्पष्टता एवं समयानुकूल समीचीनता आ जायेगी.