राज्यपाल ने अंतरिक्ष महाशक्ति बनने पर भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी…

राज्यपाल ने अंतरिक्ष महाशक्ति बनने पर भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी…

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दिव्यांग बच्चों को किसी से दया, कृपा या सहानुभूति नही चाहिए, बल्कि समाज के अन्य सभी बच्चों की भाँति ये दिव्यांग बच्चे भी भरपूर स्नेह, शिक्षा और समग्र विकास के समुचित अवसर के वास्तविक हकदार हैं. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

बुधवार को राज्यपाल लाल जी टंडन ने विश्व की चौथी अंतरिक्ष महाशक्ति बनने पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तथा इसके महान वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्त्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों एवं सहयोगियों को अपनी बधाई और शुभकामनाएँ दी है. राज्यपाल टंडन ने कहा कि, हमें अपने महान वैज्ञानिकों के परिश्रम, ज्ञान और शोध पर गर्व है और मैं उनकी कोटिशः प्रशंसा करता हूँ.

राज्यपाल टंडन ने कहा कि, पौरूष और पराक्रम से भरे नये भारत का अंतरिक्ष में महाशक्ति के रूप में स्थापित होना सभी भारतवासियों के लिए अत्यन्त गौरवपूर्ण और आह्लाद का अवसर है. इससे पूरी दुनियाँ में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है.उन्होंने कहा कि, अब हम पर कोई कुदृष्टि नहीं डाल सकता, चूँकि हम अपनी इस उपलब्धि के जरिये उसे माकूल जबाब देने में सक्षम हो गये हैं.

राज्यपाल टंडन ने कहा कि, हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर एल॰ई॰ओ॰ में एक लाइव सैटेलाइट को एंटी सैटेलाइट मिसाइल से मार गिराने में कामयाबी हासिल की है. ‘मिशन शक्ति’ के इस अभियान की सफलता से आज सभी भारतवासियों का मुखमंडल गर्व से दीप्त हो उठा है.उन्होंने कहा कि, अंतरिक्ष में हमारी यह सफलता  हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान और पुरूषार्थ का प्रकटीकरण है. इस उपलब्धि से अंतरिक्ष में एक ओर अगर सामरिक दृष्टि से हमारी शक्ति बढ़ी है तो साथ ही हमारे कल्याणकारी और समृद्धिमूलक कार्यक्रमों को भी नई गति मिलने की संभावनाएँ जग गई हैं.