राज्यपाल को ‘रक्षा-बंधन’ पर्व के सुअवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की...

राज्यपाल को ‘रक्षा-बंधन’ पर्व के सुअवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ब्रह्माकुमारी बहनों ने ‘रक्षा सूत्र’ बाँधा

16
0
SHARE
भगवान श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति में भक्ति, ज्ञान, कर्म, नीति, प्रीति और करूणा के निधान माने गए हैं. फोटो :- जेपी

महामहिम राज्यपाल फागू चौहान को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पटना शाखा की निदेशिका बी० के० संगीता एवं अन्य बहनों ने राजभवन आकर ‘रक्षा बंधन’ के पावन अवसर पर ‘राखी’ बाँधकर उनके स्वस्थ, सुखी, सौभाग्यशाली और उपलब्धिमय जीवन की मंगलकामना की.

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की निदेशिका बी० के० संगीता बहन ने महामहिम राज्यपाल को आध्यात्मिक रक्षा-सूत्र बांधकर आत्मिक स्वरूप का तिलक भी लगाया और ‘परमात्मा का संदेश’ पत्र प्रदान किया. महामहिम राज्यपाल चौहान को को निदेशिका बी० के०  संगीता बहन ने स्मृति-चिह्न भी भेंट किया.

राज्यपाल चौहान ने विश्वविद्यालय के निदेशिका बी० के० संगीता, बी० के० अनिता, बी० के०  कोमल, बी० के० रविन्द्र भाई एवं बी० के० वेदप्रकाश भाई जी को‘रक्षा बंधन’ पर्व की बधाई और शुभकामनाएँ दी.

महामहिम राज्यपाल चौहान ने इस अवसर पर सभी बिहारवासियों व देशवासियों को भी अपनी शुभकामनाएँ  एवं बधाई देते हुए कहा कि भाई-बहन के पारस्परिक प्रेम और स्नेह का प्रतीक यह पवित्र त्योहार सामाजिक और कौटुम्कि सद्भावना, नारियों के प्रति सम्मान, पारस्परिक प्रेम, भाईचारा और शांति का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि नारी-सशक्तीकरण की अनुपम प्रेरणा भी इस पावन पर्व से हमें मिलती है.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शांति, सद्भावना, मैत्री और व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास के लिए जो सार्थक प्रयास कर रहा है, वे अत्यंत प्रशंसनीय हैं. उन्होंने कहा कि भौतिकतावाद के प्रकोप से बचने के लिए मनुष्य का आध्यात्मिक विकास नितान्त आवश्यक है.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति सभी माताओं और बहनों के प्रति श्रद्धा और सम्मान की प्रेरणा देती है. स्वस्थ सामाजिक चिन्तन और संस्कारों के परिमार्जन के माध्यम से ही मनुष्य का आध्यात्मिक उन्नयन संभव है.