राज्यपाल की अध्यक्षता में राजभवन में उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न…

राज्यपाल की अध्यक्षता में राजभवन में उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न…

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उच्च शिक्षा में गुणवत्ता-विकास के प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए. फोटो :- जेपी

महामहिम राज्यपाल फागू चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को राजभवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें महामहिम राज्यपाल को राजभवन, राज्यपाल सचिवालय एवं राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के क्रियाकलापों की जानकारी ‘पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन’ के माध्यम से दी गई. बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, अपर सचिव विजय कुमार सहित राज्यपाल सचिवालय के सभी वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे.

बैठक को संबोधित करते हुए महामहिम राज्यपाल चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता-विकास के प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए. राज्यपाल चौहान ने बुधवार की बैठक में यह निदेश दिया कि राज्य के 05 विश्वविद्यालयों- मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, जे० पी० विश्वविद्यालय, छपरा, बी० एन० मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा तथा बी० आर० अम्बेदकर विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर – जहाँ विभिन्न सत्रों की परीक्षाएँ लंबित हैं, वहाँ के कुलपतियों एवं परीक्षा-नियंत्रकों की बैठक राजभवन में शीघ्र आयोजित की जाये एवं संबंधित कुलपतियों को पूर्व लंबित सभी परीक्षाओं को इस वर्ष के अंत तक हर हालत में सम्पन्न कराते हुए उनके परीक्षाफल अविलंब प्रकाशित करने हेतु कहा जाए. राज्यपाल चौहान ने कहा कि नवसृजित तीनों विश्वविद्यालयों, यथा – पूर्णिया विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय तथा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को भी दिये गये मार्गदर्शन के अनुरूप लंबित सभी परीक्षाओं के सुसंचालन में समन्वयपूर्वक प्रयास करना चाहिए अन्यथा इसे गंभीरतापूर्वक लिया जाएगा. राज्यपाल चौहान ने कहा कि नवस्थापित विश्वविद्यालयों एवं उनके पैतृक विश्वविद्यालयों को समन्वय एवं पारस्परिक सहयोगपूर्वक परिसंपत्तियों एवं दायित्वों के वितरण एवं संपादन का काम प्रावधानों तथा राज्य सरकार व राज्यपाल सचिवालय से निर्गत निदेशों के अनुरूप तत्परतापूर्वक करना चाहिए. इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि, राज्य में महाविद्यालयों को मान्यता प्रदान करते समय निर्धारित सभी मानदंडों का अक्षरसः अनुपालन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि निर्धारित मानदंडों और आवश्यक आधारभूत संरचना (Infrastructure) के बगैर मान्यता (Affiliation) प्रदान करने की अनुशंसा करनेवाले संबंधित कुलपतियों एवं विश्वविद्यालय-प्रशासन के विरूद्ध ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता नहीं गिरे. राज्यपाल चौहान ने कहा कि, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं की समुचित व्यवस्था बहाल नहीं रखनेवाले तथा नियमित वर्ग-अध्यापन नहीं करनेवाले मान्यताप्राप्त महाविद्यालय यदि बंद भी करने पड़ते हैं तो इसमें हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए.

बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल-सह-कुलाधिपति चौहान ने कहा कि राज्य के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-व्यवस्था पर पूरा ध्यान देना होगा. उन्हें केवल जैसे-तैसे डिग्री-वितरण करनेवाले संस्थान बनकर नहीं रहना होगा.

बैठक में महामहिम राज्यपाल चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालयों की गतिविधियों की सतत   समीक्षा होती रहनी चाहिए. इस क्रम में महाविद्यालयों के निरीक्षण हेतु सभी कुलपतियों को निदेशित करने के लिए भी उन्होंने कहा.

महामहिम राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालयों में ‘यू॰एम॰आई॰एस॰’(University Management Information System) के तहत ‘स्टूडेंट साइकिल’ से जुड़े कार्यों को इस वर्ष कार्यान्वित कराया जा रहा है तथा अन्य घटकों के कार्यान्वयन को भी शीघ्र पूरा करा लेने को कहा गया है, ताकि विश्वविद्यालयों में पूर्ण डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके.

बैठक में महामहिम राज्यपाल को ‘नैक मूल्यांकन’, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यान्वित ‘बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था’, पेंशन अदालतों के आयोजन, गेस्ट फेकेल्टी की नियुक्ति, जन शिकायत कोषांगों के गठन, एच॰एड॰ तथा बी॰एड॰ पोस्ट पोर्टल के कार्यान्वयन, राजभवन के अधीन संचालित स्वयंसेवी संस्थानां के क्रियाकलापों आदि के बारे में भी व्यापक जानकारी दी गई. राज्यपाल चौहान ने इन सबके सतत अनुश्रवण का निदेश प्रधान सचिव को दिया.

बैठक में राज्यपाल सचिवालय के विभिन्न कोषांगों एवं शाखाओं के प्रभारी पदाधिकारियों ने राज्यपाल को अपनी-अपनी शाखाओं की गतिविधियों एवं क्रिया-कलापों के बारे में जानकारी दी. राज्यपाल ने सबको समन्वयपूर्वक, नियमानुरूप एवं पारदर्शितापूर्वक कार्य करने का निदेश दिया.