राज्यपाल की अध्यक्षता में बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय के क्रियाकलापों की...

राज्यपाल की अध्यक्षता में बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय के क्रियाकलापों की समीक्षा हुई…

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‘बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली’ के तहत विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के शिक्षकां एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को शत-प्रतिशत निबंधित कराते हुए उनके द्वारा इस प्रणाली के तहत नियमित तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करने को कहा गया है. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

बुधवार को महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति लाल जी टंडन की अध्यक्षता में राजभवन सभाकक्ष में बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के क्रिया-कलापों की व्यापक समीक्षा की गई. इस समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० अमरेन्द्र नारायण यादव, प्रतिकुलपति डॉ० आर०के० मंडल के अतिरिक्त विश्वविद्यालय-प्रशासन के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल टंडन ने कहा कि जो भी विश्वविद्यालय राजभवन के निदेशों के अनुपालन में शिथिलता बरतेंगे तथा विश्वविद्यालय-प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को नियंत्रित कर पाने में सफल सिद्ध नहीं होंगे, वहाँ के संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी. राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों में शिक्षण के अनुकूल वातावरण विकसित करना कुलपतियों की प्राथमिक जिम्मेवारी है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अनुशासन, वित्तीय नियमितता तथा उच्च शिक्षा में सुधार-प्रयासों को गति प्रदान करना भी कुलपतियों की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है. राज्यपाल टंडन ने कहा कि उच्च शिक्षा के विकास के क्रम में एकेडमिक कैलेण्डर का अनुपालन, नैक प्रत्ययन, यू॰एम॰आई॰एस॰ का कार्यान्वयन, डिजीटलीकरण की प्रक्रिया को तेज करने जैसे कार्य -विश्वविद्यालयों की प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किये गए हैं. इनके प्रति लापरवाही बिल्कुल ही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

आज बी॰आर॰ए॰ बिहार विश्वविद्यालय की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आयी कि जिन चार हजार मूल प्रमाण-पत्रों को शीघ्र वितरित करने के लिए यहाँ के कुलपति को निदेशित किया गया था, वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर सम्पूर्ण प्रमाण-पत्रों का वितरण सुनिश्चित नहीं करा पाए. राज्यपाल ने इस पर अप्रसन्नता व्यक्त की तथा सभी प्रमाण-पत्रों को अविलंब संबंधित विद्यार्थियों के बीच वितरित कर देने का आदेश दिया.

बैठक में गहन समीक्षा के क्रम में यह बात भी स्पष्ट हुई कि इस विश्वविद्यालय में आर०डी०एस० कॉलेज मुजफ्फरपुर, आर०बी०बी०एम० कॉलेज मुजफ्फरपुर, एम०एस० कॉलेज मोतिहारी, एम०जे०के० कॉलेज बेतिया, जीवछ कॉलेज मोतीपुर, समता कॉलेज जन्दाहा तथा आर०एस०एस० महिला कॉलेज, सीतामढ़ी ने ‘नैक-प्रत्ययन’ हेतु ‘आई०आई०क्यू०ए०’ तथा ‘एस०एस०आर०’ दाखिल नहीं किया है. बार-बार की हिदायत के बावजूद इतने महत्वपूर्ण कॉलेजों द्वारा भी ‘नैक प्रत्ययन’ के प्रति बरती गई लापरवाही को बैठक में काफी गंभीरता से लिया गया तथा ‘नैक प्रत्ययन’ के प्रति तत्पर नहीं रहनेवाले जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति अविलंब कार्रवाई का आदेश विश्वविद्यालय के कुलपति को दिया गया. गौरतलब है कि राज्य के सभी अंगीभूत कॉलेजों को इस वर्ष अनिवार्यतः ‘नैक-प्रत्ययन’ करा लेने के लिए निदेशित किया गया है. बैठक में राज्यपाल ने कहा कि ‘नैक-प्रत्ययन’ के प्रति लापरवाह अधिकारियों के प्रति शीघ्र अनुशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए.

इसी तरह समीक्षा के दौरान यह बात भी उभरकर सामने आई कि यू०म०आई०एस० (University Management information System) के कार्यान्वयन हेतु बी०आर०ए०बी०यू० में अभी तक कार्यकारी एजेन्सी का भी चयन नहीं हो पाया है. फलतः विद्यार्थियों के ऑनलाईन-नामांकन की प्रक्रिया बाधित होने की संभावना बन गई है. इसके मद्देनजर कुलपति को निदेशित किया गया कि वे हर हालत में ऑनलाईन  नामांकन की प्रक्रिया इसी शैक्षणिक सत्र में शुरू करायें तथा यू०एम०आई०एस० के सम्पूर्ण पैकेज के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी प्रावधानों के अनुरूप अविलंब चयनित करें. राज्यपाल ने कहा कि यू०एस०आई०एस० के कार्यान्वयन में शिथिलता बरतने पर विश्वविद्यालय-प्रशासन को गंभीर अनुशासनिक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अधिकारियों की अकर्मण्यता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

समीक्षा के दौरान यह भी बात सामने आई कि 857 गेस्ट फेकेल्टी की नियुक्ति की दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन ठोस सार्थक कार्रवाई नहीं कर पाया है. बायोमैट्रिक उपस्थिति की व्यापक समीक्षा की दिशा में भी इस विश्वविद्यालय की प्रशासनिक तत्परता संतोषजनक नहीं पायी गई. बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय-प्रशासन द्वारा लगभग 115 सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को अबतक ‘नो ड्यूज’ उपलब्ध कराने में विफलता पर भी काफी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मियों के प्रति यह प्रशासनिक असंवेदनशीलता अत्यन्त अनुचित है. राज्यपाल ने इस दिशा में त्वरित कार्रवाई हेतु कुलपति को आदेशित किया. बैठक में विश्वविद्यालय की शोध-कार्यों से जुड़ी गतिविधियों पर भी असंतोष व्यक्त किया गया.

बैठक को संबोधित हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि कुलाधिपति कार्यालय के निदेशों के अनुपालन के प्रति लापरवाही बिल्कुल ही अक्षम्य होगी.

आज की समीक्षा के दौरान बी०आर०ए०बी०यू० की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की असंतोषजनक स्थिति के मद्देनजर विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रस्ताव के आलोक में वर्तमान रूप में कार्यरत कई प्रशासनिक अधिकरियों को पदमुक्त करते हुए उनकी जगह नये अधिकारियों की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति के अनुमोदन के आलोक में बी०आर०ए०बी०यू० के नये परीक्षा नियंत्रक के रूप में प्रो० मनोज कुमार (विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग), सी०सी०डी०सी० के रूप में डॉ० अमिता शर्मा (भौतिकी विभाग), महाविद्यालय निरीक्षक (विज्ञान) के रूप में प्रो० मो० नसीम (विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग) तथा महाविद्यालय निरीक्षक (कला एवं वाणिज्य) के रूप में डॉ० प्रमोद कुमार (एशोसियेट प्रोफेसर, हिन्दी, एल०एस० कॉलेज, मुजफ्फरपुर) को नियुक्त कर दिया गया है.

बैठक में संयुक्त सचिव विजय कुमार, ओ०एस०डी० (यू०) अहमद महमूद सहित राज्यपाल सचिवालय एवं बी०आर०ए०बी०यू० के सभी वरीय पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे.