राजभवन में वित्तीय सलाहकारों एवं वित्त पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न…

राजभवन में वित्तीय सलाहकारों एवं वित्त पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न…

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कार्यशाला में बिहार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिकुलपति सचिव, सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विश्वविद्यालयों के आई०क्यू०ए० सेल के संयोजकों को आमंत्रित किया गया है. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति लाल जी टंडन के निर्देशानुरूप राजभवन सभागार में राज्य के विश्वविद्यालयों के वित्तीय सलाहकारों एवं वित्त अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई.

समीक्षा के दौरान विश्वविद्यालयों में गेस्ट फेकेल्टी की नियुक्ति एवं उनके लिए निर्धारित मानदेय-राशि हेतु अपेक्षित आबंटन-स्थिति पर विचार किया गया बैठक में महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों द्वारा‘नैक प्रत्ययन (NAAC Accreditation)’ की तैयारियों को लेकर अपेक्षित आबंटन-स्थिति की भी समीक्षा की गई.  बैठक में सेवांत लाभ के मामलों के निष्पादन GeM द्वारा सामग्रियों की खरीददारी तथा महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों द्वारा रोकड़-बही के समुचित संधारण की भी समीक्षा हुई. शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन-सत्यापन तथा ‘RTGS’  के जरिये इनको डिजिटल वेतन-भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई.

समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि कई विश्वविद्यालयों में निर्देश के बावजूद कॉलेज के बर्सरों की नियमित बैठकें नहीं हुई हैं. ऐसे विश्वविद्यालयों को आगामी शुक्रवार (11 जवनरी 2019) तक बर्सरों की बैठक हर हालत में करते हुए प्रतिवेदित करने को कहा गया. सभी वित्तीय सलाहकारों एवं वित्त पदाधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि, विश्वविद्यालय एवं सभी अंगीभूत महाविद्यालयों में वित्तीय मामलों का सम्पूर्णता एवं गहराई से जाँच करते हुए आगामी 15 जनवरी तक ATR (Action Taken Report) हर हालत में राजभवन भेज दें.

बैठक में अधिकारियों को कहा गया है कि, सभी वित्तीय सलाहकार एवं वित्त अधिकारी 02-02 कॉलेजों का निरीक्षण करें एवं अपना विस्तृत निरीक्षण प्रतिवेदन इस माह के अंत तक राजभवन उपलब्ध करा दें. राजभवन निरीक्षण किये जानेवाले कॉलेजों की सूची दोनों निरीक्षण-पदाधिकारियों को शीघ्र उपलब्ध करा देगा. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ‘पेंशन-अदालतों’ के जरिये सेवांत लाभ के मामलों, खासकर उपार्जितावकाश के समतुल्य राशि के भुगतान को सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से आवश्यक जाँच हेतु राजभवन के अधिकारियों की टीमें भी विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगी.

बैठक में राज्यपाल टंडन के निर्देशानुरूप सेवांत लाभ के मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु यह भी निर्णय लिया गया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों या शिक्षकेत्तर कर्मियों के सेवांत लाभ के वैसे मामले, जो ‘वेतन सत्यापन’ नहीं हो पाने के कारण लंबित हैं, उनपर सभी विश्वविद्यालय विशेष ध्यान देंगे एवं वेतन-सत्यापन की कार्रवाई अविलम्ब कराते हुए मामले को अंतिम रूप से निष्पादित करायेंगे.

GeM के जरिये सामग्रियों के क्रय की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बी॰आर॰ए॰ बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा एवं बी॰एन॰ मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा ने इस काम में बेहतर प्रदर्शन किया है. अन्य विश्वविद्यालयों को भी GeM के जरिये ही प्राथमिकतापूर्वक सामग्रियों की खरीददारी के निर्देश दिए गये हैं.

बैठक में सभी वित्तीय सलाहकारों एवं वित्त पदाधिकारियों को कहा गया कि राजभवन के निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता या लापरवाही बरतने पर इन अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कारवाई की जायेगी. बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी (न्यायिक) फूलचन्द चौधरी, संयुक्त सचिव विजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी (विश्व॰) अहमद महमूद सहित राज्यपाल सचिवालय के अन्य वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे.