राजभवन ने सभी कुलपतियां को ‘नैक प्रत्ययन’ की तैयारी के लिए साप्ताहिक...

राजभवन ने सभी कुलपतियां को ‘नैक प्रत्ययन’ की तैयारी के लिए साप्ताहिक समीक्षा-बैठकें आयोजित करने के लिए कहा…

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इस वर्ष सभी विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों को हर हालत में ‘नैक प्रत्ययन’ कराते हुए अपनी संस्थाओं की ग्रेडिंग करा लेनी होगी. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार राज्यपाल लाल जी टंडन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से ‘नैक-प्रत्ययन’(NAAC Accreditation) हेतु चरणबद्ध रूप से सभी प्रक्रियाएँ तेजी से पूरी कर लेने का आदेश दिया है. इस क्रम में राज्यपाल टंडन ने सभी कुलपतियों को निदेशित किया है कि वे प्रत्येक सप्ताह अपने क्षेत्राधीन सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा-बैठकें आयोजित करें. राज्यपाल टंडन के निदेशानुपालन में राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को निदेशित किया है कि प्रथम साप्ताहिक बैठक सभी विश्वविद्यालय एक साथ आज 07 मई को कर लें ताकि, कल 08 मई को राजभवन द्वारा आयोजित समीक्षा-बैठक में नैक-प्रत्ययन की दिशा में चल रही तैयारियों की स्पष्ट झलक मिल सके.

राज्यपाल टंडन ने कहा है कि इस वर्ष सभी विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों को हर हालत में ‘नैक प्रत्ययन’ कराते हुए अपनी संस्थाओं की ग्रेडिंग करा लेनी होगी. राज्यपाल टंडन ने कहा है कि पिछले महीने 04-05 अप्रैल तक राज्य के सभी 260 अंगीभूत कॉलेजों ने नैक-प्रत्ययन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ए०आई०सी०एच० यू० में सांस्थिक सूचनाएँ दाखिल कराते हुए आई०डी० प्राप्त कर लिया था. 94 कॉलेजों ने Institutional information for Quality Assessment (IIQA) के तहत गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए अबतक अपनी सांस्थिक सूचनाएँ उपलब्ध करा दी हैं. अब अगले चरण में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को Self Study Report (S.S.R) दाखिल करना है. अद्यतन सूचनाओं के मुताबिक अबतक 14 महाविद्यालयों ने एस॰एस॰आर॰ भी दाखिल कर दिया है. राजभवन ने सभी कुलपतियों से अनुरोध किया है कि विश्वविद्यालय स्तर पर प्रत्येक सप्ताह प्राचार्यों की बैठक कर वस्तुस्थिति की समीक्षा की जाये एवं अद्यतन प्रगति से सतत् राजभवन को भी अवगत कराया जाए.

ज्ञातव्य है कि राजभवन में कल 08 मई को विश्वविद्यालयों में ‘UMIS’(University Management Information System) के इसी शैक्षणिक सत्र से कार्यान्वयन की भी समीक्षा की जाएगी, जिसमें सभी विश्वविद्यालयों से UMIS के नोडल पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है. आज सभी विश्वविद्यालय मुख्यालयों में हो रही नैक-मूल्यांकन से संबंधित बैठकों के फलाफल से भी अवगत कराने के लिए सभी कुलपतियों से अनुरोध किया गया है; ताकि असुविधाओं का निराकरण हो सके. ज्ञातव्य है कि UMIS के सफल कार्यान्वयन हेतु राज्य सरकार पहले ही प्रारंभिक तौर पर सभी विश्वविद्यालयों को 10-10 लाख रूपये उपलब्ध करा चुकी है.

गौरतलब है कि राज्य के अंगीभूत 260 महाविद्यालयों में 99 नैक-प्रत्ययन-प्राप्त हैं, जिन्हें अपने ग्रेड में सुधार के लिए प्रयास करना होगा; जबकि शेष को बिल्कुल नये सिरे से नैक-ग्रेडिंग हेतु प्रयास करना है. सबसे ज्यादा नैक-प्रत्ययन- प्राप्त महाविद्यालय ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अंतर्गत 65 प्रतिशत हैं, जबकि पुराने विश्वविद्यालयों में बी॰एन॰मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में सबसे कम 14 प्रतिशत अंगीभूत महाविद्यालय ही नैक-प्रत्ययन-प्राप्त हैं.

राजभवन ने ‘नैक प्रत्ययन’ एवं ‘यू॰एम॰आई॰एस॰’ के कार्यान्वयन को अपनी प्राथमिकताओं में सर्वोपरिता दे रखी है और महामहिम कुलाधिपति के निदेशानुसार लगातार इन दोनों महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की तैयारी की मोनिटरिंग की जा रही है.