मेथी…

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मेथी का स्वाद बेहद कड़वा और तीखी खुशबु वाला होता है जबकि इसकी तासीर गर्म होती है. फोटो:-गूगल..

भारतीय मसालों की बात अपने आप में अनोखी है ये मसालें ही नहीं अपितु दवाई भी है. एक जमाना था जब भारतीय घरों में इन मसालों का प्रयोग खान-पान बनाने में आमतौर पर लोग किया करते थे. मेथी को कीट से बचाने वाली क्रीम के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है.

हम बात कर रहें हैं भारतीय मसलों की… इन मसालों में एक नाम आता है “ मेथी “. मेथी एक वनस्पति है जो 01 फुट से भी छोटा होता है लेकिन ये बड़े काम का मसाला होता है. मेथी को अंग्रेजी में फेनुग्रीक (Fenugreek) कहते है जबकि, इसका वैज्ञानिक नाम है “ट्राइगोनेला फ़ोनुम ग्रैकुम (Trigonella foenum-graecum)”.  मेथी एक प्रकार का साग है जिसका प्रयोग सब्जी के रूप में किया जाता है. यह बहुत ही गुणकारी पौधा होता है जिसके सेवन से कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने में किया जाता है. मेथी के दानों का प्रयोग आयुर्वेदिक औषधियों के साथ भारतीय घरों में मसालों के रूप में किया जाता है.

भारत में मेथी की अच्छी पैदावार होती है और इसकी खेती रबी के मौसम में की जाती है. रोपाई के लिए दोमट मिटटी सर्वोत्तम मानी जाती है. मेथी की बाई अक्टूबर और नवम्बर का महीना सर्वोत्तम होता है जबकि पहाड़ी इलाकों में मार्च और अप्रैल का महीना ठीक होता है. ज्यादा पानी जमा होने पर इसके पौधे पीले होकर मरने लगते हैं.

मेथी का स्वाद बेहद कड़वा और तीखी खुशबु वाला होता है जबकि इसकी तासीर गर्म होती है. इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ए, बी 6, सी, थायामिन, फोलिक एसिड, रिबोफ़्लिविन, नियासिन, पौटेशियम, आयरन, अल्‍कालाड्यस, डाइसोजेनिन और ऑस्ट्रियोजेन जैसे गुणों से भरपूर होता है. मेथी पाचन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. मेथी के बीज रक्त में एल.डी.एल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और शरीर में एच.डी.एल को बढ़ाते है.

रिसर्च से पता चलता है कि, मेथी में पाया जाने वाला फाइबर कैंसर को रोकने में मदद करते हैं. मेथी में सैपोनिन और म्यूसीज भोजन में विषाक्त पदार्थों से बाँधते हैं और उन्हें शरीर से बाहर निकल देते हैं, इस प्रकार कैंसर से बृहदान्त्र के बलगम झिल्ली की रक्षा करते हैं. भूख व स्वाद बढ़ाने में भी मदद करता है. यह पेट की अल्सर द्वारा बनाई गई कब्ज और पाचन समस्याओं को रोकने में मदद मिलती है.

मेथी के बीज वसा के संचय को रोकते हैं और वजन घटाने में लिपिड और ग्लूकोज की चयापचय में सुधार करते हैं. मेथी में फाइटोस्ट्रोजन होता है जो स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध की वृद्धि में सहायक होता है. मेथी यौन उत्तेजना और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को भी बढ़ाने में सहायक होता है. मेथी के बीजों में गैलेक्टोमनैनन होता है. यह एक प्रकार का प्राकृतिक घुलनशील फाइबर है जो विशेष रूप से हृदय रोग में कमी से संबंधित है.

  • बालों के लिए मेथी का दान अमृत के समान होता है. इसके बीजों का पेस्ट बनाकर लगाने से बाल काले, मुलायम और चिकने होते हैं.
  • कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने पर मेथी का सेवन अवश्य ही करना चाहिये, इसके सेवन करने से कोलेस्‍ट्रॉल का बढना स्थिर हो जाता है.
  • मेथी का सेवन करने से हार्टअटैक का खतरा काफी कम हो जाता है चुकीं, इसमें भरपूर मात्रा में पौटेशियम है. इसके सेवन से हार्टरेट व ब्‍लड़प्रेशर कंट्रोल में रहता है.
  • मेथी का सेवन करने से डायबटीज की समस्‍या नहीं होती है. इसमें गेलाक्‍टोमेनोन नामक फाइबर होता है जो शुगर को अवशोषित करने में सहायक होता है और शरीर में इंसुलिन को बढाने में सहायक होता है.
  • मेथी का सेवन करने से शरीर के हार्मफुल टॉक्सिन बाहर निकल जाते है और पाचन क्रिया भी दुरूस्‍त रहती है.
  • मेथी के दानों में फाइबर होता है जो शरीर में स्थित विषाक्‍त पदार्थो को बाहर निकाल देता है कैंसर को दूर करने में सहायक होता है.
  • मेथी के दाने त्‍वचा सम्‍बंधी बीमारी को दूर करने में सहायक होता है.
  • मेथी के बीजों से बने फेसपैक से ब्‍लैकहेड्स, पिम्‍पल और झुर्रियां आदि दूर हो जाते हैं.

नोट :- अधिक मात्रा में मेथी खाने से कई प्रकार की गंभीर समस्या भी हो सकती है. अत: चिकित्सक से परामर्श लेकर ही सेवन करें.