मुख्यमंत्री ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में किया...

मुख्यमंत्री ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में किया झंडोत्तोलन

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इतिहास इस बात का गवाह है कि बिहार ने स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभायी थी. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त बिहारवासियों को हार्दिक बधाई दी. ऐतिहासिक गांधी मैदान में झंडोत्तोलन करने के उपरांत आमजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए गौरव का दिन है. राष्ट्रभक्तों के साहस, त्याग एवं बलिदान के फलस्वरूप 15 अगस्त, 1947 को देश आजाद हुआ. आज के दिन हम उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी। उनके उच्च आदर्श आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. उन्होंने कहा कि मैं उन वीर जवानों को भी नमन करता हूं जो बहादुरी से देश की सरहदों की सुरक्षा कर रहे हैं. उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. हम देश के थल, जल और नभ की रक्षा करने वाले भारतीय सेना का अभिनन्दन करते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि बिहार ने स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभायी थी. बिहार के लोगों ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है और देश के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने का काम किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय के साथ विकास के सिद्धान्त पर बिहार राज्य का सर्वांगीण विकास हमारा मूल संकल्प है. बिहार में बिना कोई द्वेष या भेदभाव के कानून का राज स्थापित किया गया। राज्य में सामाजिक सौहार्द्र एवं साम्प्रदायिक सद्भाव का वातावरण कायम है. हमने भ्रष्टाचार से कभी समझौता नहीं किया है और ना ही कभी करेंगे। क्राईम, करप्शन और कम्यूनिलिज्म से हम समझौता नहीं करते. घूसखोरी, आय से अधिक संपत्ति अथवा पदों के दुरूपयोग में संलिप्त भ्रष्ट लोक सेवकों के विरूद्ध कठोर एवं प्रभावकारी कार्रवाई जारी रहेगी, साथ ही वैसे तत्वों को भी नहीं बख्शा जायेगा जो अवैध एवं अनैतिक तरीके से धनार्जन में संलिप्त हैं. लोक सेवक हों या जनप्रतिनिधि या अन्य कोई संस्था जो सार्वजनिक जीवन में क्रियाशील हैं, सभी को समझना होगा कि भ्रष्टाचार एवं अनैतिक कार्यों से अर्जित धन भले ही क्षणिक सुख दे पर अंततः इसका परिणाम बुरा ही होता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित बिहार के सात निश्चय का क्रियान्वयन पूरे राज्य में किया जा रहा है. निश्चय के तहत कार्यान्वित योजनाओं के सार्वभौमिक स्वरूप के कारण इनका लाभ बगैर किसी भेद-भाव के सभी क्षेत्रों एवं वर्गों को प्राप्त हो रहा है. सरकार द्वारा ‘आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार’ निश्चय को फरवरी, 2016 में ही पूरा करते हुए राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू कर दी गई है. जीविका के माध्यम से 8.50 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है, जिससे 01 करोड़ से ज्यादा परिवार जुड़े हैं. 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत घर में बेटी पैदा होने पर 2000 रुपए, एक साल होने पर आधार से लिंक कराने पर 01  हजार रूपये और संपूर्ण टीकाकरण कराने पर 02 हजार रुपए दिए जा रहे हैं. लड़कियों के लिए पोशाक राशि, सेनेटरी नैपकिन की राशि, साईकिल की राशि बढ़ा दी गई है.12वीं कक्षा पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 10 हजार रुपए तथा विवाहित हो या अविवाहित स्नातक पास करने वाली लड़कियों को 25 हजार रुपए दिए जा रहे हैं. हर घर बिजली निश्चय के अन्तर्गत राज्य के सभी घरों में दिसम्बर, 2018 तक बिजली पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित था जिसे दो माह पूर्व ही पूर्ण कर लिय गया और सभी इच्छुक परिवारों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है. इसके अलावा दिसम्बर, 2019 तक सभी पुराने बिजली के जर्जर तारों को बदलने का कार्य प्रगति पर है. साथ ही राज्य में कृषि कार्य हेतु पृथक फीडरों का निर्माण किया जा रहा है तथा 26 जून, 2019 तक आवेदन देने वाले सभी इच्छुक किसानों को इस साल के अन्त तक कृषि फीडर से बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. ’आर्थिक हल, युवाओं को बल’ निश्चय के तहत आज युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना, रोजगार तलाशने में सहायता हेतु स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम का लाभ उठा रहे हैं. स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना छात्रों के लिए उपलब्ध हो रही है. इसके अतिरिक्त 319 सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निःशुल्क वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. राज्य में युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रूपए के वेंचर कैपिटल फंड का प्रावधान एवं इन्क्यूबेशन सेन्टर की स्थापना की गयी है. ‘हर घर नल का जल’ निश्चय के तहत शहर एवं गाँवों के सभी घरों में नल का जल अगले वर्ष के अंत तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. ’घर तक पक्की गली-नालियाँ’ निश्चय के अंतर्गत सभी घरों तक पक्की नाली और गली का निर्माण भी अगले वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा. ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत राज्य के सम्पर्क विहीन टोलों को अगले वर्ष तक पक्की सड़कों से जोड़ दिया जाएगा. ‘शौचालय निर्माण, घर का सम्मान’ का क्रियान्वयन केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के माध्यम से हो रहा है और इस वर्ष तक पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि आधारभूत संरचनायें बिहार के कोने-कोने तक पहुंच रही हैं। बिहार में सड़कों तथा पुल-पुलियों का जाल बिछाकर, अब राज्य के सुदूर क्षेत्र से 5 घंटे में राजधानी पटना पहुंचने के लक्ष्य पर काम चल रहा है. नई आधारभूत संरचना के निर्माण के साथ-साथ राज्य में उच्च पथों, वृहद जिला पथों के साथ-साथ ग्रामीण पथों का भी अनुरक्षण किया जा रहा है. अब सरकार की यह नीति है कि चाहे सड़क हो या पुल अथवा भवन सभी के निर्माण के साथ मेन्टेनेन्स की भी व्यवस्था साथ में लागू की जाएगी.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि बिहार लोक सेवाओं का अधिकार कानून लागू कर नागरिकों को विभिन्न लोक सेवाएँ एक नियत समय-सीमा के अंतर्गत उपलब्ध कराई जा रही हैं. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम को लागू कर लोगों को उनके परिवाद पर सुनवाई के साथ-साथ नियत समय-सीमा में इसके निवारण का भी कानूनी अधिकार दिया गया है. इस वर्ष राज्य के सरकारी सेवकों की शिकायतों के निवारण हेतु बिहार सरकारी सेवक शिकायत निवारण प्रणाली लागू की गई है जिसके तहत उनकी सेवा संबंधी शिकायतों का निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मानव संसाधन की पूरी क्षमता के उपयोग के लिए शिक्षा पर शुरू से ही विशेष ध्यान दिया है. प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में कई कदम उठाये गये हैं जिससे उनमें उल्लेखनीय प्रगति हुई है. सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है और अप्रैल, 2020 से राज्य की सभी पंचायतों में कक्षा 09 की पढ़ाई आरंभ करने की तैयारी की जा रही है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि राज्य में शराबबंदी लागू कर सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद रखी गई है. शराबबंदी से समाज अधिक सशक्त, स्वस्थ एवं संयमी हुआ है, जिसका अतुल्य प्रभाव बिहार की प्रगति में परिलक्षित हो रहा है. इसके प्रभावों को देखते हुए राज्य सरकार शराबबंदी के प्रति पूरी तरह से संकल्पित है. समाज सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरूद्ध राज्यव्यापी अभियान की शुरूआत की गई जिसको लोगों का समर्थन मिला है. शराबबंदी एवं नशा मुक्ति के पक्ष में 04 करोड़ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपना जन समर्थन दिया था. उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 को आधार बनाते हुए डब्ल्यू०एच०ओ० द्वारा वर्ष 2018 में शराब के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की रिपोर्ट जारी की गयी. इसमें बताया गया कि 30 लाख लोगों की मृत्यु में से 5.3 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने के कारण हुई. जिसमें 20 से 39 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने के कारण हुई. शराब पीने से टी०बी०, एच०आई०वी०, एड्स, कैंसर, लीवर संबंधी, मधुमेह जैसी करीब 200 बीमारियों के होने के खतरे पाए जाते हैं. शराब पीने से 18 प्रतिशत आत्महत्या, 18 प्रतिशत आपसी झगड़े, 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटना और 13 प्रतिशत मिर्गी के शिकार पाए गए. शराब पीने के कारण लीवर की गंभीर बीमारी 48 प्रतिशत, माउथ कैंसर 28 प्रतिशत, पैंक्रियाज 26 प्रतिशत, टी०बी० 20 प्रतिशत, आंत का केस 11 प्रतिशत, लीवर पैंक्रियाज 05 प्रतिशत, हाईपर टेंशन 07 प्रतिशत के केस पाए जाते हैं. इस संबंध में लोगों को जागरुक करना है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि बिहार सरकार की रणनीति हमेशा से उन सभी नागरिकों को सशक्त बनाने की रही है, जो तुलनात्मक रूप से वंचित हैं. सरकार द्वारा अनुसूचित जाति / जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के लिए विशेष कल्याणकारी कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति, अतिपिछड़ा वर्ग तथा अन्य समुदाय के अत्यंत निर्धन परिवार जो हाशिये पर हैं तथा देशी शराब एवं ताड़ी के उत्पादन में पारम्परिक रूप से जुड़े अत्यंत निर्धन परिवारों को आजीविका के साधन, क्षमता निर्माण एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सतत् जीविकोपार्जन योजना लागू की गई है. अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी छात्रावासों की आधारभूत संरचना तथा अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है. राज्य सरकार द्वारा इन तीनों विभागों के अंतर्गत संचालित छात्रावासों में प्रति विद्यार्थी एक हजार रूपये प्रतिमाह की दर से छात्रावास अनुदान तथा 15 किलो मुफ्त खाद्यान्न प्रतिमाह देने की योजना लागू की गई है. बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति तथा अत्यंत पिछड़ा वर्ग के सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु 50 हजार रूपये एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना लागू की गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए राज्य सरकार पूर्व से छात्रवृत्ति, मेधावृत्ति, शिक्षा ऋण, रोजगार ऋण, कौशल विकास, परित्यक्ता सहायता, कोचिंग आदि योजनाओं का सफल संचालन कर रही है. मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का विस्तार करते हुए अब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के साथ-साथ मदरसा बोर्ड से फौकानिया परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण छात्र/छात्राओं को 10 हजार रूपये एवं मौलवी परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण छात्राओं को 15 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. मुस्लिम महिला परित्यक्ता सहायता योजना की सहायता राशि 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है. अल्पसंख्यक पोस्ट मैट्रिक योजना के तहत केन्द्रीय कोटा से शेष आवेदकों को राज्य अपनी राशि से लाभान्वित करेगा. इसके अतिरिक्त अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिभावान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा. बिहार राज्य मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु बिहार राज्य मदरसा शिक्षा सुदृढ़ीकरण योजना लागू की जा रही है. जिला स्तर पर वक्फ की भूमि पर बहुउद्देशीय भवन का निर्माण कर उसमें कार्यालय, पुस्तकालय, ऑॅडिटोरियम, कौशल विकास केन्द्र, कोचिंग सेन्टर आदि की व्यवस्था करने हेतु बिहार राज्य वक्फ विकास योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है. बिहार अंजुमन इस्लामिया को बेहतर ढंग से तैयार किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वृद्धजनों के लिए मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना लागू की गई है. इसके अंतर्गत राज्य के ऐसे सभी महिला और पुरूष वृद्धजन शामिल हैं जिन्हें किसी अन्य प्रकार की पेंशन प्राप्त नहीं होती है. पारिवारिक बंटवारे के निबंधन के लिए राज्य सरकार ने स्टाम्प शुल्क को घटाकर मात्र 50 रूपये तथा निबंधन शुल्क को भी घटाकर 50 रूपये कर दिया है. अब लोग अपने पारिवारिक बंटवारे का निबंधन मात्र सांकेतिक खर्चे पर करा रहे हैं. इससे भूमि विवाद के समाधान में सहायता मिलेगी.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि हाल ही में राज्य के नेपाल से सटे बिहार के उत्तरी भागों में फ्लैश फ्लड से बाढ़ की स्थिति बनी जिसमें 13 जिले, 101 प्रखंड और 1269 पंचायत प्रभावित हुए. आपदा पीड़ितों के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. ग्रैचुटस रिलीफ के द्वारा बाढ़ पीड़ितों के खाते में सीधे 6 हजार रुपए भेजे जा रहे हैं. राज्य सरकार द्वारा बाढ़ से पीड़ित लोगों को अनेक प्रकार की मदद मुहैया करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान हम हवाई सर्वे के द्वारा एक-एक चीज का मुआयना करते हैं. इस बार जुलाई महीने में ही बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पिछले कई वर्षों का अनुभव है कि अगस्त तथा सितम्बर के महीने में भी बाढ़ की आषंका बनी रहती है. इससे भी निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है. गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी बिहार के कई जिलों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो रही है. सुखाड़ से मुकाबले के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. हमारा संकल्प है कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है. इस संकल्प के तहत राज्य सरकार आपदा पीड़ितों को मदद मुहैया कराने के लिए हमेशा तैयार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में एक साथ बाढ़ और सुखाड़ होने का एक प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन है जिसका प्रतिकार अब अत्यंत आवश्यक हो गया है. पिछले वर्ष 25 जिले के 280 प्रखंड सुखाड़ घोषित किए गए थे. उन्हें कृषि अनुदान एवं फसल सहायता योजना के साथ-साथ अन्य राहत दिए गए थे. दक्षिण बिहार में इस वर्ष भी सुखाड़ की स्थिति बन रही है. 18 अगस्त को बाढ़ और सुखाड़ से संबधित समीक्षा बैठक में अन्य निर्णय लिए जाएंगे. पिछले वर्ष डीजल अनुदान में एक लीटर पर 50 रुपए का सब्सिडी दिया गया था जो इस वर्ष बढ़ाकर 60 रुपए कर दिया जाएगा. राज्य में वर्षापात पहले 1200 से 1500 मि०मी० था लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण 30 वर्ष पहले औसत वर्षा 1000 मि०मी०, 13 वर्ष पहले औसत वर्षा 900 मि०मी० था और पिछले वर्ष 771 मि०मी० औसत वर्षा हुई थी. इन दिनों जलवायु परिवर्तन सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरा है. जलवायु परिवर्तन से मानसून का पैटर्न बदल रहा है. 13 जुलाई को सभी दलों के विधायकों एवं विधान पार्षदों की विधान सभा परिसर के सेंट्रल हॉल में संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था, कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हम सबको मिल जुलकर काम करना चाहिए. पहले राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 09 प्रतिशत था.

हमलोगों ने 19 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए और राज्य का हरित आवरण क्षेत्र लगभग 15 प्रतिशत हो गया है और हमलोग 17 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं. जलवायु परिवर्तन के कुप्रभावों को दृष्टिगत रखते हुये जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की जा रही है. बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर 09 अगस्त, 2019 को बापू सभागार से इस अभियान के जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत की गई है. शीघ्र ही इस अभियान की कार्ययोजना को लागू किया जाएगा. इसके अंतर्गत जल संरक्षण हेतु शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक पारम्परिक जल-स्रोतों यथा पोखर, तालाब, नहर, आहर, पईन, कुएं की उड़ाही करायी जायेगी तथा इनके किनारे-किनारे सघन पौधारोपण कराया जायेगा. राज्य पथों, वृहद् जिला पथों, ग्रामीण पथों के दोनों ओर वृहद् पैमाने पर पौधा रोपण कराया जाएगा. जल-जीवन-हरियाली अभियान को चलाकर हमलोग पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करेंगे. जल-जीवन-हरियाली का मतलब है जब तक जल और हरियाली है तभी तक चाहे मनुष्य हों या जीव जन्तु, पशु-पक्षी, सबका जीवन सुरक्षित है, इसलिए पर्यावरण के प्रति हमें सजग रहना होगा.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि आज से सात वर्ष पहले इसी गांधी मैदान से बिजली सुधार के संबंध में घोषणा की गई थी. सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी गयी है. इस वर्ष के अंत तक सभी जर्जर तारों को बदलने एवं कृषि के लिए अलग फीडर निर्माण का लक्ष्य है. कृषि फीडर के लिए 26 जून तक 02 लाख 62 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 01 लाख 06 हजार 904 को कनेक्षन आवंटित कर दिया गया है, बाकि को इस वर्ष दिसंबर तक कनेक्षन आवंटित कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 30 जून तक 03 लाख 94 हजार 209 लोगों के आवेदन प्राप्त हुये थे, जिन्हें लाभ दिया जा रहा है बाकि जो आवेदन प्राप्त हो रहे हैं उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल रहा है. हर घर नल का जल योजना के तहत पंचायती राज विभाग के द्वारा 38 लाख 54 हजार घरों एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा 07 लाख 81 हजार घरों एवं नगर विकास विभाग द्वारा 04 लाख 52 हजार घरों यानी कुल 50 लाख 87 हजार घरों को आच्छादित किया जा चुका है और अगले साल के अंत तक उसको पूरा कर लिया जाएगा. हर घर तक पक्की गली नाली के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा 77 लाख 81 हजार घरों को आच्छादित किया जा चुका है जबकि नगर विकास विभाग द्वारा 03 लाख 34 हजार घरों को आच्छादित किया जा चुका है. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बचे हुए वार्डों में तेजी से काम चल रहा है. इस वर्ष 15 अगस्त से सभी थानों में विधि व्यवस्था के सुचारु संचालन हेतु अनुसंधान एवं विधि व्यवस्था के लिए अलग-अलग इकाई होगी. पेट्रोलिंग के लिये वाहनों में जी०पी०एस० यंत्र लगे होंगे. सभी जिला अस्पतालों में सी०टी० स्कैन एवं डायलिसिस की व्यवस्था होगी. सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत आजीविका के लिये 60 हजार से 01 लाख रुपए तक की एवं सात माह तक एक हजार रूपये की दर से सहायता दी जा रही है. उन्होंने कहा कि जहां वर्ष 2005 में राज्य में बिजली आपूर्ति 700 मेगावाट थी, अब यह बढ़कर 5590 मेगावाट हो गई है. उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्ति और अगर पीने के लिये स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो जाए तो 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा. 07 निश्चय योजना के तहत सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला आई०टी०आई०, पॉलिटेक्निक कॉलेज, जी०एन०एम० संस्थान खोले जा रहे हैं साथ ही सभी अनुमंडल में आई०टी०आई० एवं ए०एन०एम० संस्थान खोले जा रहे हैं. राज्य में 05 नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. पी०एम०सी०एच० को 5400 बेड का विश्वस्तरीय मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है. एन०एम०सी०एच० को 2500 बेड का तथा एस०के०एम०सी०एच०, मुजफ्फरपुर की क्षमता को बढ़ाकर 2500 बेड एवं अनुग्रहण नारायण मेडिकल अस्पताल गया को विस्तारित कर 1500 बेड का किया जा रहा है. उच्च शिक्षा के लिए भी कई काम किए जा रहे हैं. इस वर्ष 05 सितंबर से उन्नयन बांका का एजुकेशन मॉडल पूरे राज्य में लागू किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारे का वातावरण कायम रहे साथ ही पर्यावरण का संरक्षण हो ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीमित किया जा सके. सभी चुनौतियों के बावजूद, हमारा राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है. हमारा अतीत गौरवशाली और विरासत समृद्ध है। हम उसी ऊँचाई को फिर से प्राप्त करना चाहते हैं. आइये, स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि बिहार को राष्ट्र के मानचित्र पर एक खुशहाल राज्य के रूप में स्थापित करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान की कार्य योजना को लागू करने के लिए अपना सहयोग प्रदान करेंगे. अंत में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से सभी बिहारवासियों को जश्न-ए-आजादी की शुभकामनायें दीं.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर झण्डोत्तोलन के पूर्व परेड टुकड़ियों का निरीक्षण भी किया. झण्डोत्तोलन के पश्चात विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत 15 झांकियों का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया और उनमें दर्शायी गई कलात्मक एवं शिक्षाप्रद संदेशों की प्रशंसा की.

इसके पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीद-ए-कारगिल स्थल पर जाकर कारगिल के अमर शहीदों को नमन किया और उन्हें पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.