मुख्यमंत्री ने हिम्मत शाह की कलाकृतियों की लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन...

मुख्यमंत्री ने हिम्मत शाह की कलाकृतियों की लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया…

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बिहार संग्रहालय के अस्थाई प्रदर्शनी दीर्घा में हिम्मत शाह की कलाकृतियों की लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार संग्रहालय के अस्थाई प्रदर्शनी दीर्घा में हिम्मत शाह की कलाकृतियों की लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया. अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह ने प्रदर्शित की गयी कलाकृतियों के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी. मुख्यमंत्री के समक्ष हिम्मत शाह पर बनायी गयी लघु चलचित्र तथा बिहार संग्रहालय पर बनायी गयी लघु चलचित्र ‘बिहार संग्रहालय : एक आश्चर्य लोक’ प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय की इतिहास दीर्घा का भी अवलोकन किया तथा वहां प्रदर्शित की गयी कलाकृतियों के संदर्भ में उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

बिहार संग्रहालय के भ्रमण के पश्चात बिहार संग्रहालय के भ्रमण के पष्चात् पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली में एन० डी० ए० की बैठक है जिसमें हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं. एक्जिट पोल के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक्जिट पोल के चाहे जो भी नतीजे आएं लेकिन शुरु से ही हम आशान्वित हैं कि केन्द्र में फिर से नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में  एन०डी०ए० की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि एन० डी० ए० के घटक दलों की आज दिल्ली में बैठक है जिसमें सभी लोग एक दूसरे से रायशुमारी करेंगे. मेरे द्वारा किये गये 171 चुनावी सभाओं में लोगों का रिस्पांस अच्छा रहा, जनता मालिक है और उन्हें ही फैसला देना है. 23 मई को मतगणना होगी और उस दिन नतीजा सबके सामने आ जाएगा. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कई तथ्यहीन बातें भी हुइंर् जिसका कोई मतलब नहीं है. लोकतंत्र में जनता मालिक है.

ई०वी०एम० गड़बड़ी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ई० वी० एम० में गड़बड़ी की कहीं कोई गुंजाइश नहीं है. ई० वी० एम० एक तकनीक है और इसके आने के बाद से चुनाव में पारदर्शिता आयी है. इस पर चुनाव आयोग ने भी कई बार जवाब दे दिया है. उन्होंने कहा कि हम तो ई० वी० एम० के हिमायती हैं और जब एन०डी०ए० की सरकार नहीं थी तभी ई० वी० एम० आया था. उन्होंने कहा कि जब विपक्ष हारने लगता है तो कई प्रकार की मनगढ़ंत बातें करता है और ई०वी०एम० पर भी सवाल उठाने लगता है.

तेजस्वी यादव द्वारा मतदान नहीं कर पाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान तो जरुर करना चाहिए और हम किसी पर व्यक्तिगत राय नहीं देते हैं. उन्होंने कहा कि हम लगातार कहते रहे कि पहले मतदान फिर जलपान. हमने स्वयं सुबह में मतदान केंद्र पर जाकर पहले मतदान किया फिर जलपान किया.

बिहार विधान सभा चुनाव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान सभा का चुनाव अपने नियत समय पर ही होगा. उन्होंने कहा कि एन० डी० ए० की सरकार बनेगी तो उसमे घटक दल शामिल होंगे ही. बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान देकर जब हम निकल रहे थे तो पत्रकार बंधुओं के सवाल पर ही मैंने अपनी प्रतिक्रया दी थी. यह बात सही है कि विशेष राज्य के दर्जे की मांग सर्वसम्मति से बिहार विधान सभा और बिहार विधान परिषद में पारित हुआ था, इसलिये इसके लिये निरंतर प्रयास करने की जिम्मेवारी हमलोगों की ही है. उन्होंने कहा कि इसके पक्ष में एक करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर किये और उसे तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ० मनमोहन सिंह को सौंपा गया. चौदहवें वित्त आयोग के रेकमेंडेशन को आधार बनाकर केंद्र द्वारा यह बात कही गयी कि विशेष राज्य के दर्जे की बात नहीं हो सकती. इसके बारे में पहले से कमिटमेंट है. ऐसी स्थिति में पन्द्रहवें वित्त आयोग के सामने हमलोगों ने पूरी मजबूती और तर्कसंगत तरीके से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अभी पन्द्रहवें वित्त आयोग के चेयरमैन वोट देने भी आये हुए थे, व्यक्तिगत संबंध के तौर पर हमने उस दिन भी उन्हें यह बात याद दिलाई है. उन्होंने कहा कि हमलोगों की राय स्पष्ट है कि बिहार जैसे राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, इसके लिए 2006 से निरंतर हमलोग अपनी बात उठाते रहे हैं और आगे भी प्रयास करते रहेंगे.

धारा 370 के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले पर हमारा रूख एकदम स्पष्ट है. इसमें कही किसी तरह का विरोधाभास नहीं है. उन्होंने कहा कि हम तो पहले से ही कहते रहे हैं कि धारा 370 हटाने की बात नहीं होनी चाहिए इसके साथ ही कॉमन सिविल कोड को थोपने की बात भी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अयोध्या मसले का समाधान आपसी सहमति या कोर्ट के आदेश से ही होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में जब पहली बार हमलोगों की पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन हुआ उस समय ही इन मसलों पर हमारा स्टैंड क्लियर है. भाजपा का अपना जो स्टैंड है, वह एक दल के रूप में है, क्यांकि एक पार्टी के रूप में सबके अपने-अपने विचार होते हैं लेकिन जब गठबंधन होता है तो काम शुरू होने के पहले घटक दलों से हर मुद्दे पर विमर्श होता है. चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा एवं झड़प के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की विचित्र स्थिति है. उन्होंने कहा कि चुनाव कही भी हो फेयर ढंग से होना चाहिए. हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है, इसमें किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए.