मुख्यमंत्री ने पटना शहर की जलनिकासी को लेकर की समीक्षा बैठक…

मुख्यमंत्री ने पटना शहर की जलनिकासी को लेकर की समीक्षा बैठक…

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ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में हरसंभव कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में पटना शहर की जलनिकासी को लेकर समीक्षा बैठक की. इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री कुमार ने नगर विकास विभाग के अधिकारियों से पटना के एस०के० पुरी थाना क्षेत्र के मोहनपुर संप हाउस के खुले नाले में 17 नवंबर 2018 की दोपहर गिरे दस वर्षीय दीपक को लेकर चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन की पूरी जानकारी ली. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कुमार के समक्ष दीपक की खोज को लेकर चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन से संबंधित विडियो क्लिप और तस्वीर भी प्रस्तुत किए.

पटना नगर निगम आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री कुमार को बताया कि, पूरे पटना में 29 हजार मेनहॉल हैं, जिसमें से करीब एक हजार खुले हुए हैं. निगम आयुक्त अनुपम ने बताया कि इन मेनहॉलों को बंद करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. 30 दिसंबर तक सभी खुले मेनहॉल बंद कर दिए जायेंगे. उन्होंने कहा कि हर 30 मीटर पर पटना में मेनहॉल हैं और मशीनों के जरिये उसकी सफाई का काम किया जा रहा है. वहीं, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बैठक में सुझाव दिया कि मेनहॉल कवर करने को लेकर एक पॉलिसी बननी चाहिए.

मुख्यमंत्री कुमार ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में हरसंभव कार्रवाई सुनिश्चित  करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम के बारे में पूरी समझ होनी चाहिए. जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, राजधानी की सड़कों पर विचरते आवारों पशुओं को पकड़कर उसे गौशाला में रखने की कार्रवाई शुरू हुई थी, वह नियमित रूप से होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संप हाउस में बच्चे के गिरने की जो घटना हुई है, वह आवारा पशु के कारण ही हुई है. सड़क पर जानवरों के विचरण करने से दुर्घटनाएं भी हुआ करती हैं इसके लिए जो भी आवश्यकताएं हैं, उसे दुरुस्त कीजिए. उन्होंने कहा कि अगर गौशाला की क्षमता बढ़ानी हो और वहां अतिरिक्त कर्मियों की जरूरत हो तो उसे पूरा करें.

मुख्यमंत्री कुमार ने निर्देश दिया कि सड़क पर विचरण करते पशुओं के पकड़े जाने पर उनके मालिकों पर आर्थिक दंड लगाये जायें. अगर फिर भी उनके पशु खुले में विचरण करते पकड़े जायें तो इन्हें जब्त कर इसे बेचने की व्यवस्था करें. उन्होंने कहा कि गौशाला में पकड़े गये आवारा पशुओं से निकलने वाले दूध के अलावा गोबर और मूत्र के इस्तेमाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें. पटना के बाद इस व्यवस्था को धीरे-धीरे बिहार के अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जाय. मुख्यमंत्री कुमार ने अधिकारियों से कहा कि ड्रेनेज सिस्टम की सफाई के साथ-साथ उसे कवर करने एवं उसमें जमे कचरे एवं गाद की समस्या का निराकरण सतत् एवं स्थायी तौर पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि, संप हाउस और ड्रेनेज के बीच जाली लगी होनी चाहिए ताकि ठोस वस्तु के प्रवाहित होने पर ड्रेनेज अवरुद्ध नहीं हो सके. मुख्यमंत्री कुमार ने मॉडल के रूप में पटना में ऐसी व्यवस्था शुरू कर इसके प्रभाव का अध्ययन करने का निर्देश दिया ताकि, आवश्यकतानुसार इसे बिहार के बाकी शहरों में भी लागू किया जाय.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि अब तक मिले साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो गया है कि बच्चा नाले तक आया और उसमें गिर गया. उन्होंने जिलाधिकारी को पीड़ित परिजन को तत्काल चार लाख रूपये का अनुग्रह अनुदान देने का भी निर्देश दिया.

इस बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, आयुक्त पटना प्रमण्डल आर०एल० चोंग्थू, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अनुपम कुमार, जिलाधिकारी पटना कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना नगर निगम के आयुक्त अनुपम कुमार सुमन, बिहार इन्फ्रास्ट्रक्चर अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, बिहार राज्य जल पर्षद के प्रबंध निदेशक राजेश मीणा, अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद सहित नगर विकास विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.