मुख्यमंत्री ने नानंद में 252 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास एवं...

मुख्यमंत्री ने नानंद में 252 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया…

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हम गांव को सड़क से जोड़ चुके हैं, टोलों-मुहल्लों को भी मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के माध्यम से जोड़ रहे हैं. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जिला के सिलाव प्रखंड अंतर्गत नानंद में 224.2 करोड़ की 68 योजनाओं का शिलान्यास तथा 27.93 करोड़ की 07 योजनाओं का उद्घाटन रिमोट के माध्यम से किया.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि, नानंद की धरती से हमारा लंबे समय से लगाव रहा है और यह जिले का सबसे बड़ा गांव है. यहां आज अनेक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करते हुए मुझे खुशी हो रही है. शिलान्यास की जाने वाली योजनाओं में से मुख्य रूप से ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की योजनाएं शामिल हैं, इसके लिए मैं सभी विभागों, विशेषकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को धन्यवाद देता हूं.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, 07 निश्चय योजना के तहत गुणवत्ता प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा हर घर नल का जल योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है. जिन पंचायतों में एक भाग गुणवत्ता प्रभावित है तथा दूसरा भाग गैर गुणवत्ता प्रभावित है, वैसे पंचायतों में कार्य तेजी से हो इसलिए दोनों तरह के कार्य लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के माध्यम से ही कराये जा रहे हैं. सामान्य रूप से गैर गुणवत्ता प्रभावित पंचायतों में हर घर नल का जल निश्चय योजना का कार्य पंचायत के माध्यम से ही कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि. लोगों को यदि स्वच्छ पेयजल मिले और खुले में शौच से मुक्ति मिल जाय तो आज होने वाली बीमारियों में से 90 प्रतिशत बीमारियों को दूर किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री कुमार ने राम मनोहर लोहिया के स्वच्छता को लेकर व्यक्त किए गए विचारों की भी चर्चा करते हुए कहा कि, 02 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक हम हर घर में शौचालय उपलब्ध कराने को लेकर संकल्पित हैं. जिनके पास शौचालय निर्माण हेतु जगह नहीं है, उन्हें सामुदायिक शौचालय बनाकर व्यक्तिगत रूप से चाबी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि, शौचालय निर्माण के साथ-साथ इसके उपयोग को लेकर व्यवहार परिवर्तन भी अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण के बाद महिलाएं तो इसका उपयोग करती हैं, परंतु पुरुष पूर्व की भांति खुले में ही शौच के लिए जाते हैं इसलिए उन्हें अपने व्यवहार में परिवर्तन लाकर घर में बने शौचालय का उपयोग अवश्य करना चाहिए.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए हर स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं. हम गांव को सड़क से जोड़ चुके हैं, टोलों-मुहल्लों को भी मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के माध्यम से जोड़ रहे हैं. हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण कराया जा रहा है. बिजली के क्षेत्र में भी काफी काम हुए हैं, हमने लक्ष्य से पहले ही सभी इच्छुक व्यक्तियों तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया है. इस वर्ष दिसंबर तक राज्य में सभी जर्जर बिजली के तारों को बदलने का लक्ष्य रखा गया है ताकि निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, हम न्याय के साथ विकास के संकल्प को लेकर समाज के हर तबके एवं राज्य के कोने-कोने के विकास के लिए काम कर रहे हैं. पिछले 13 वर्षों में राज्य का बजट 26 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 02 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो विकास की कहानी को खुद बयां करता है. महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला बिहार देश का प्रथम राज्य है. महिलाओं के उत्थान के लिए कन्या उत्थान योजना चलायी जा रही है, जिसके तहत कन्या के जन्म से लेकर उसके स्नातक होने तक विभिन्न पड़ावों पर कुल मिलाकर 54 हजार 01 सौ रुपये की सहायता दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि,बाल विवाह तथा दहेज प्रथा उन्मूलन की दिशा में भी सामाजिक सुधार कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं. महिला सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि, आज मंच पर उपस्थित बिहारशरीफ नगर निगम की महापौर, उप महापौर एवं नानंद की मुखिया सभी महिलाएं ही हैं. यह महिला सशक्तिकरण को प्रदर्शित करता है. मुख्यमंत्री ने शराबबंदी की चर्चा करते हुये कहा कि, इससे समाज में चारों ओर शांति का वातावरण है. उन्होंने कहा कि, जो भी व्यक्ति शराबबंदी कानून का उल्लंघन करे एवं गड़बड़ी करे, उस पर नजर रखें तथा ऐसे लोगों के बारे में सूचना टोल फ्री नंबर पर दें.

मुख्यमंत्री कुमार ने उपस्थित जनसमूह को राज्य सरकार द्वारा अन्य विकासात्मक योजनाओं के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी उन्होंने सभी लोगों को अपने बच्चे-बच्चियों को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि, सरकार ने राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उच्च शिक्षा के लिये चार लाख रूपये के ऋण की व्यवस्था की है. इस योजना के तहत 04 प्रतिशत के साधारण ब्याज पर छात्रों को जबकि लड़कियों, दिव्यांगों एवं ट्रांसजेंडरों को 01 प्रतिशत के ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित लोगों से हाथ उठाकर संकल्प लिया कि, वे अपने बच्चे-बच्चियों को उच्च शिक्षा दिलाने का काम करेंगे. उन्होंने दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए दहेज वाली शादियों के सामाजिक बहिष्कार का भी आह्वान किया.

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि हमारा राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है. राज्य का विकास दर देश के विकास दर से आगे है. हमें इस विकास की गति को निरंतर बनाए रखना है, इसके लिए हमें समाज में अमन-चैन को भी बरकरार रखना होगा.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया. समारोह को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक रवि ज्योति कुमार ने भी संबोधित किया.

इस अवसर पर विधायक डॉ० जितेंद्र कुमार, विधान पार्षद रीना यादव, बिहारशरीफ नगर निगम की महापौर, उप महापौर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव, पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश कुमार, जिला पदाधिकारी योगेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक निलेश कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.