गंगा नदी के बढ़े हुये जलस्तर का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री

गंगा नदी के बढ़े हुये जलस्तर का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री

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विभिन्न जगहों पर जाकर गंगा नदी के जलस्तर को हम देख रहे हैं और कल भी हम एरियल सर्वे कर बक्सर से आगे तक की स्थिति को देखेंगे.फोटो:-पीआरडी, पटना.

गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा नदी के बढ़े हुये जलस्तर का निरीक्षण किया. सड़क मार्ग से निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री सबसे पहले दीघा घाट के पाटी पुल पहुंचकर गंगा के जल प्रवाह का मुआयना किया. इसके पश्चात जे०पी० सेतु से हाजीपुर पहुंचे और वहां गंडक पुल से गंडक नदी के जल प्रवाह का मुआयना किया. मुख्यमंत्री इसके बाद गांधी सेतु पहुंचे और वहां पाया नंबर- 30 के पास रूककर गंगा नदी के जलस्तर का सूक्ष्मता से मुआयना किया.

गाँधी सेतु के बाद मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ गाँधी घाट पहुंचे. वहां मुख्यमंत्री ने अभियंताओं से विमर्श किया और बढ़े हुये जलस्तर के संबंध में जानकारी प्राप्त कर आवश्यक  दिशा-निर्देश भी दिये. गंगा नदी के अलावा सोन नदी, गंडक नदी और घाघरा नदी के जलस्तर की वर्तमान स्थिति के विषय में भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जानकारी ली. उत्तराखंड में वर्षा की स्थिति से भी मुख्यमंत्री अवगत हुए.

गाँधी घाट पर पत्रकारों से बातचीत के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जगहों पर जाकर गंगा नदी के जलस्तर को हम देख रहे हैं और कल भी हम एरियल सर्वे कर बक्सर से आगे तक की स्थिति को देखेंगे. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. जलस्तर बढ़ भी सकता है, इसके लिए पहले से ही अलर्ट रहना पड़ेगा. हालांकि वर्ष 2016 में गंगा नदी के दोनों किनारो के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे. अभी जल का वह स्तर नही है लेकिन कोई नहीं जानता है कि कल क्या हो सकता है. इसलिए उसके लिए सचेत रहना होगा. इसको लेकर हमने दिशा-निर्देश दे दिये हैं. मुख्यमंत्री ने गाँधी मैदान से दीघा घाट तक प्रोटेक्षन वाल का निरीक्षण भी किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग और जल संसाधन विभाग पूरी तरह सक्रिय है. आज हम खुद देखना चाहते हैं कि जो प्रोटेक्शन वाल है, उसके बीच में जो जगह होती है, उस जगह पर पूरा इंतजाम किया गया है या नहीं. मौसम विभाग के द्वारा जो जानकारी दी जाती है, उसके मुताबिक कल सुबह भी जलस्तर में थोड़ी वृद्धि हो सकती है लेकिन उसके बाद की अभी कोई सुचना नही है. इसलिए पूरी तरह से सचेत रहना और जो प्रारंभिक तैयारी होती है वह करना पड़ता है. इसके लिए जल संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही सभी जिला प्रशासन को अलर्ट किया गया है और वे पूरी तरह अलर्ट हैं. सोन नदी का उतना ज्यादा जलस्तर नहीं है लेकिन गंडक नदी का जल स्तर बढ़ा हुआ है.

निरीक्षण के क्रम में मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव कुमार हंस, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह ,पटना एवं वैशाली के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद उपस्थित थे.