मुख्यमंत्री ने की हर घर शौचालय निर्माण निश्चय योजना की समीक्षा…

मुख्यमंत्री ने की हर घर शौचालय निर्माण निश्चय योजना की समीक्षा…

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शौचालय निर्माण के बाद भी लोग खुले में शौच जाते हैं, उनकी इस आदत में बदलाव के लिए प्रेरित करते रहने की जरुरत है. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार को 01अन्ने मार्ग स्थित ‘नेक संवाद’ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर घर शौचालय निर्माण निश्चय योजना की समीक्षा बैठक की.

बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद चौधरी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि इस वर्ष 02 अक्टूबर तक राज्य को पूर्णतः खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लोहिया स्वच्छ अभियान के तहत जून 2016 में ग्रामीण विकास विभाग को यह काम सौंपा गया था. हमलोग इस अभियान के तहत शौचालय के निर्माण कार्य को तेजी से कर रहे हैं. एक करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों के लिये शौचालय निर्माण का कार्य किया जा चुका है और बाकी पर काम किया जा रहा है. साथ ही अकार्यरत शौचालयों को कार्यरत किया जा रहा है. सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों से खुले में शौच न करने के लिए लोंगो के बीच जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है.

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने बताया कि युवा पीढ़ी खुले में शौच न जाने के प्रति ज्यादा जागरुक हैं. अब 04 से 05 प्रतिशत लोग ही खुले में शौच करने की इच्छा रखते हैं, बाकी लोग अब इस बात से सहमत हैं कि शौचालय में ही शौच करना चाहिए. लोगों की आदतों में अब बदलाव हो रहा है. राज्य के 534 प्रखंडों में से 247 प्रखंड अब तक ओ०डी०एफ० हो चुके हैं. 8,386 ग्राम पंचायतों में से 6,271 ग्राम पंचायत ओ०डी०एफ० हो चुके हैं. हमलोगों का लक्ष्य सिर्फ ओ०डी०एफ० बनाना ही नहीं बल्कि इसको सस्टेंड बनाये रखना है. बैठक में सचिव ने वर्षवार प्रोत्साहन राशि भुगतान की जानकारी दी. बेहतर ढंग से लाभुकों को लाभ मिले, इसके लिए बनाई जा रही रणनीति के बारे में भी जानकारी दी गई. गंगा ग्राम के प्रगति प्रतिवेदन, वित्तीय प्रतिवेदन, ठोस एवं तरल अवशिष्ट प्रबंधन रणनीति, नालियों की साफ सफाई आदि की भी जानकारी दी गई.

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे शौचालयों के निर्माण कार्य के प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के साथ-साथ कम्युनिटी शौचालय का निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहा है. शहरी क्षेत्रों के स्लम एरिया में जमीन संबंधी समस्या के कारण सामुदायिक शौचालय निर्माण में थोड़ी परेशानी आ रही है, मगर उस पर भी तेजी से काम किया जा रहा है. हमलोग 02 अक्टूबर तक सभी शहरी क्षेत्रों को खुले में शौच करने से मुक्ति दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं. इसके लिए एक्शन प्लान बनाकर तेजी से काम किया जा रहा है.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शौचालय निर्माण के बाद भी लोग खुले में शौच जाते हैं, उनकी इस आदत में बदलाव के लिए प्रेरित करते रहने की जरुरत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि खुले में शौच से मुक्ति और पीने का शुद्ध पानी अगर उपलब्ध हो जाए तो 90 फीसदी बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा. शुद्ध पेयजल के लिए हमलोग हर घर नल का जल उपलब्ध करा रहे हैं, चापकल की व्यवस्था की जा रही है और जो सार्वजनिक कुंए हैं, उसे ठीक कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के कचरे को एकत्रित कर सड़कों के निर्माण कार्य में उपयोग किया जा रहा है.

ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन समिति प्लास्टिक के संग्रहण पर ध्यान दें. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जिनके अपने आवास नहीं हैं, उनके लिए चलंत शौचालय की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बेहतर ढंग से काम कर रहा है कि नहीं, इसकी भी जांच आप लोग कर लें और जिनका भी हाउस होल्ड कनेक्शन नहीं हुआ है, उन्हें कनेक्ट करें. ट्रीटमेंट किए गए पानी को सिंचाई के काम के लिए उपयोग करने की व्यवस्था की जाए. गंगा नदी में जो नाले का पानी गिर रहा है, वो ट्रिटेड है या नहीं, उसका भी मुआयना कर लें.

बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ग्रामीण विकास मंत्री  श्रवण कुमार, मुख्यमंत्री के परामर्शी  अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव  दीपक कुमार, विकास आयुक्त  सुभाष शर्मा, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव  चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  अरविंद कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव  मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव  अनुपम कुमार, जीविका के प्रबंध निदेशक  बाला मुरुगन डी०, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी  गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव चंद्रशेखर सिंह, नगर विकास आयुक्त अनुपम कुमार सुमन सहित संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे.