मुख्यमंत्री ने की ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक…

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सड़कों की गुणवत्ता की निगरानी करने वाले अभियंताओं को नई पॉलिसी और स्कीम के बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दें. फोटो:-पीआरडी, पटना.

शुक्रवार को एक अन्ने मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक की. ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार ने 12 सितंबर की पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सड़कों के मेंटेनेंस के लिये नई नीति पर कार्य किया जा रहा है. सड़कों की जॉच कराई जा रही है तथा इस कार्य में कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता के लिए असंतुष्टि का राष्ट्रीय मानक 05 प्रतिशत है हमलोग बिहार में इसे 03 प्रतिशत तक लाने के लिए काम कर रहे हैं.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आवागमन को सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार या राज्य सरकार के माध्यम से जो पैसा खर्च किया जा रहा है उसका उद्देश्य है लोगों को उसका लाभ मिले. सात निश्चय कार्यक्रम के तहत टोला संपर्क योजना को भी वर्ष 2020 तक पूर्ण करना है. जो टोले बचे हुए हैं वहां सड़क निर्माण का कार्य तय समय सीमा के अंदर पूरा करें. उन्होंने कहा कि गांव में पक्की गली का निर्माण किया जा रहा है. हमलोगों का उद्देश्य है कि गांव और टोलों को सड़कों से जोड़कर संपर्क बहाल किया जाए. उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता बनी रहे और उसकी सतत् निगरानी हो. हम बाहर जब भी दौरे पर निकलते हैं तो सड़कों की गुणवत्ता को देखते हैं, साथ ही एरियल सर्वे के दौरान भी इसका अवलोकन करते हैं. लोगों की आबादी बढ़ रही है, वाहनों की संख्या बढ़ रही है, अतः सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनका रख रखाव भी जरुरी है इसके लिए नई रोड मेंटनेंस पॉलिसी बनायी गयी है. पुलों के मेंटेनेंस पर भी विशेष ध्यान देने की जरुरत है. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग की बैठक कर बनायी जा रही पुल मेंटेनेंस पॉलिसी को अंतिम रूप दें, बिहार के हरित आवरण को बढ़ाने के लक्ष्य को देखते हुए सड़कों के किनारे वृक्ष लगाएं जाएं और जिन सड़कों के किनारे ज्यादा ऊंचाई है वहां दो कतार में वृक्ष लगाए जाएं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता की निगरानी करने वाले अभियंताओं को नई पॉलिसी और स्कीम के बारे में जानकारी दें और उनका प्रशिक्षण कराएं. उन्होंने कहा कि सड़कों की निगरानी में तकनीक का प्रयोग करें, इसका अनुश्रवण मुख्यालय स्तर से भी किया जाए. सड़कों की मेंटेनेंस रिपोर्ट की नियमित जांच करें.

समीक्षा बैठक में ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव ग्रामीण कार्य विभाग विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव  अनुपम कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे.