मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना-सारण-बक्सर परियोजना का हवाई सर्वेक्षण…

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना-सारण-बक्सर परियोजना का हवाई सर्वेक्षण…

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इस पर्व की अपनी अलग महत्ता एवं विशेषता है. यह पर्व हमारी संस्कृति को और मजबूत बनाता है. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना-सारण-भोजपुर एवं बक्सर जिलों के परियोजनाओं का हवाई सर्वेक्षण किया. एरियल सर्वे के क्रम में मुख्यमंत्री कुमार ने पटना से बिहटा तक प्रस्तावित फोर लेन एलिवेटेड रोड के एलायनमेंट का मुआयना भी किया. इसके बाद उन्होंने सोन नदी पर छह लेन पुल की प्रगति को भी देखा गया. इस दौरान आरा-छपरा सड़क मार्ग परियोजना का भी सर्वेक्षण किया साथ ही आरा-बक्सर फोर लेन पथ एवं बक्सर में गंगा नदी पर नये पुल के कार्य का भी एरियल सर्वेक्षण किया.

ज्ञात है कि, एन०एच०ए०आई० द्वारा पटना-बक्सर फोर लेन रोड का निर्माण कराया जा रहा है. इस सड़क की कुल लंबाई 125 किलोमीटर है, जिसमें सोन नदी पर कोईलवर में छह लेन का पुल तथा बक्सर में गंगा नदी पर दो लेन का नया पुल बनाया जाना है. दानापुर से बिहटा तक एलिवेटेड रोड के बारे में मुख्यमंत्री कुमार जानकारी दी गयी कि राज्य सरकार द्वारा भू-अर्जन किया जा रहा है, इसमें कुल 85 एकड़ अतिरिक्त भूमि अर्जित किया जाना है. उस पर एलिवेटेड पथ का निर्माण एन०एच०ए०आई० द्वारा किया जाना है, जिसके लिये डी०पी०आर० कंसलटेंट की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है.

पैकेज संख्या :- 02 के तहत परेब गॉव से प्रारंभ होकर सोन नदी पार करते हुये कोइलवर-कायमनगर-आरा का उतरी बाइपास-बिहिंया बाइपास होते हुये शाहपुर तक जाता है. इसकी कुल लंबाई 43.08 किलोमीटर है और कुल लागत 825 करोड़ रूपये है एवं भू-अर्जन की लागत लगभग 400 करोड़ रूपये है. इस पैकेज में सोन नदी पर छह लेन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके जुलाई 2019 तक पूरी होने की संभावना है.

पैकेज संख्या :- 03 के तहत शाहपुर से आरंभ होकर बक्सर से होते हुये उतर प्रदेष-बिहार बॉडर तक कुल 48 किलोमीटर लंबाई का पथ है, जिसकी कुल निर्माण लागत 681 करोड़ रूपये है एवं भू-अर्जन लागत लगभग 800 करोड़ रूपये है. गंगा नदी पर पुल निर्माण का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है. पैकेज 02-03 का काम अक्टूबर 2020 तक पूरी होने की संभावना है. इस संबंध में एन०एच०ए०आई० को कार्यों की रफ़्तार को तेज करने के लिए कहा गया.

आरा-छपरा पुल की लंबाई चार किलोमीटर है, जिसकी कुल लागत 886 करोड़ रूपये है जबकि, छोटी गंगा पर एक अतिरिक्त चार सौ मीटर का पुल बनाया गया है. सर्वेक्षण के दौरान जानकारी मिली कि इस पुल पर बालू लदे ट्रकां का व्यापक आवागमन हो रहा है और प्रतिदिन पुल पर हजारों ट्रक खड़े रहते हैं, जिसके कारण पुल पर डेड लोड अधिकाधिक हो रहा है. लंबे समय पर स्टैटिक लोड रहने पर पुल की संरचना को खतरा हो सकता है. अतः पुल पर ट्रक खड़े न रहें, इस व्यवस्था पर विचार करने को कहा गया है. छपरा शहर के उत्तर बाइपास बनाया जा रहा है, जिसमें तीन आर०ओ०बी० का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है. इन सभी संरचनाओं के बन जाने से जी०टी० रोड पर डेहरी ऑन सोन से नासरीगंज होते हुये सहार- सकड्डी -डोरीगंज छपरा होते हुये छपरा-मोहम्मदपुर पथ के जरिये ईस्ट- बेस्ट कॉरिडोर तक सीधा सम्पर्क हो जाएगा.

सर्वेक्षण के क्रम में पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रधान सचिव पथ निर्माण अमृत लाल मीणा एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार उपस्थित थे.