मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विकास प्रबंधन संस्थान सोसायटी की छठी बैठक संपन्न….

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विकास प्रबंधन संस्थान सोसायटी की छठी बैठक संपन्न….

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आज के संदर्भ में शिक्षा में तकनीक के प्रयोग के महत्व को समझते हुए उस पर भी काम करना होगा. फोटो:-पीआरडी, पटना.

गुरुवार को एक अन्ने मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में विकास प्रबंधन संस्थान सोसायटी की छठी बैठक आयोजित की गई. बैठक में विकास प्रबंधन संस्थान के निदेशक हेमंत राव ने डी०एम०आई० के कार्यकलापों एवं प्रगति से संबंधित विस्तारपूर्वक जानकारी दी. विकास प्रबंधन संस्थान के परिसर को वर्ल्ड क्लास बनाने संबंधी एक मॉडल का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया और बताया गया कि यह भवन जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा. बुनियादी शिक्षा की पुनर्कल्पना परियोजना, भितिहरवा से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण में अदिति ठाकुर ने परियोजना के उद्देश्य के बारे विस्तारपूर्वक जानकारी दी. इसमें बुनियादी शिक्षा में आज की आवश्यकता के अनुरुप पाठ्यक्रम को शामिल करना, शिक्षकों को बुनियादी शिक्षा की ओर उन्मुख करना, बच्चों के माता-पिता तथा स्थानीय समुदाय को बुनियादी शिक्षा की ओर जागृत एवं प्रेरित करना और शिक्षाविदों एवं शिक्षा प्रशासकों का एक नेटवर्क विकसित करना है. साथ ही सहभागी शासन के साथ पंचायतों के सशक्तिकरण से सबंधित एक प्रस्तुतिकरण अमृता धीमान द्वारा दी गयी. उन्होंने मुजफ्फरपुर जिले के अमराक प्रखण्ड की महिलाओं द्वारा स्वच्छता के लिए किए जा रहे कार्य, बेस्ट मैनेजमेंट, पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं का निर्माण करना, आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी शिक्षा के पुर्नस्थापन के लिए काम किया जा रहा है. आज के संदर्भ में शिक्षा में तकनीक के प्रयोग के महत्व को समझते हुए उस पर भी काम करना होगा. बुनियादी शिक्षा की पुनर्कल्पना परियोजना का काम भितिहरवा में बेहतर ढंग से किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने “बांका उन्नयन कार्यक्रम” का जिक्र करते हुये कहा कि बुनियादी षिक्षा की पुनर्कल्पना परियोजना पर काम कर रही टीम को बांका उन्नयन कार्यक्रम का अवलोकन करना चाहिये तथा इसकी जरूरी चीजों को अपनाना चाहिये. इससे बच्चे तकनीक का प्रयोग सीखेंगे और अध्ययन में उनकी रुचि भी बढ़ेगी. बुनियादी शिक्षा के दायरे को विस्तृत करने की जरुरत है. इसमें अब आठवें वर्ग तक के बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करनी चाहिए. बुनियादी शिक्षा का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ रोजगार की उपलब्धता कराना भी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका समूह के माध्यम से महिलाएं सशक्त हुई हैं और कई क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभा रही हैं. स्वच्छता के लिए भी वे बेहतर ढंग से काम कर रही हैं. नालंदा जिले के सिलाव के पास एक पंचायत में जीविका समूह की महिलाएं जिस तरह से काम कर रही हैं उसका भी इस टीम को अध्ययन करने की जरुरत है. उनकी जरुरी चीजों को आत्मसात करने एवं काम करने के विभिन्न तरीकों का आदान प्रदान करने से लोग नई-नई चीजें जान पाएंगे.

मुख्यमंत्री को पूर्व मुख्य सचिव तथा विकास प्रंबधन संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन अनूप मुखर्जी ने प्रतीक चिन्ह् भेंट किया.

बैठक में मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव तथा विकास प्रंबधन संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन अनूप मुखर्जी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव शिक्षा आर० के० महाजन, अपर मुख्य सचिव सहकारिता अतुल प्रसाद, प्रधान सचिव पंचायती राज अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव नगर एवं आवास चैतन्य प्रसाद, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव पशु एवं मत्स्य संसाधन एन० विजयालक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव ग्रामीण विकास अरविंद कुमार चौधरी, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बालमुरुगन डी०, अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चंद्रशेखर सिंह, प्रबंध निदेशक कॉम्फेड शिखा श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी गोपाल सिंह सहित विकास प्रबंधन संस्थान से जुड़े अन्य फैकल्टी मेंबर एवं अधिकारी उपस्थित थे.